सोमवार, 17 अगस्त 2026

इंटरस्टेट बॉर्डर मीटिंग आयोजित, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा, सुरक्षा के लिए बनाई गई महत्वपूर्ण रणनीति।

 

सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) के निर्देश पर इंटरस्टेट बार्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने, अपराधियों की धरपकड़ एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की रणनीति को लेकर बुधवार, 12 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के थाना चांदनी एवं मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के थाना माड़ा के पुलिस अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई।
                इस बैठक में जिले के इंटर स्टेट बॉर्डर पर तैनात पुलिस टीम के साथ कड़ी सुरक्षा के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई पर चर्चा हुई। बार्डर पर नशीले पदार्थों के परिवहन और संदिग्ध वस्तुओं की आवाजाही पर नजर रखकर सूचनाओं का आदान-प्रदान और कार्रवाई, सीमावर्ती ग्रामों के असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखकर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने, फरार आरोपियों और वारंटों की तामीली समन्वय स्थापित कर सूची का आदान प्रदान करने, आवश्यक सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान, सीमावर्ती ग्रामों के लायसेंसी दारानों पर लगातार निगरानी रखना एवं सीमावर्ती ग्रामों में नियमित रूप से पेट्रोलिंग करना पर बल दिया गया। बैठक में थाना प्रभारी चांदनी रामप्रताप साहू व थाना माड़ा के एएसआई निलेश मिश्रा सहित पुलिस अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

माननीय सत्र न्यायाधीश ने हत्या के मामले में दोषसिद्ध आरोपी को दी आजीवन कारावास की सजा। उत्कृष्ट विवेचना पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने विवेचक को दिया नगद पुरस्कार।

 


सूरजपुर। दिनांक 14.11.2024 को रात के समय मृतक खेमसाय घर नहीं आया, इसके दूसरे दिन दिनांक 15.11.2024 को दोपहर लगभग 01.30 बजे खेमसाय शराब पीकर घर आया, उस समय सुशीला पैकरा खाना खा रही थी जिसे गाली-गलौज कर थाली को लात मारकर बर्तन पटक दिया और भुवन पैकरा को बुलाने के लिए कहा, तब सुशीला घर के बाहर नीम पेड़ के पास चली गई, वहाँ पर उसका पति खेमसाय आकर गाली-गलौज कर लड़ाई-झगड़ा कर रहा था तब वह घर तरफ चली गई, उसी समय दोपहर 02.00 बजे आरोपी भुवन पैंकरा आया और हमेशा विवाद करते हो कहकर ने टांगा से अपने पिता खेमसाय को मार दिया, जिससे खेमसाय वहीं पर गिर गया और मौके पर ही खेमसाय की मृत्यु हो गई। प्रार्थी मनराखन पैकरा की रिपोर्ट पर मर्ग कायमी उपरान्त चौकी चेन्द्रा थाना झिलमिली में अपराध क्रमांक 129/24 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया।
प्रकरण की विवेचना चौकी प्रभारी चेन्द्रा एएसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता के द्वारा करते हुए दिनांक 16.11.2024 को आरोपी भुवन पैंकरा को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त टांगा जप्त कर पुख्ता साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां पेश किया। अभियोजन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक राजू दास के द्वारा की गई।
इस मामले की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश श्री थॉमस एक्का, माननीय सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां हुई। माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी कर निर्णय दिनांक 11.08.2026 में प्रकरण की सम्पूर्ण परिस्थितियों, साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्ध आरोपी भुवन पैंकरा पिता खेमसाय पैंकरा उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम रैसरी, चौकी चेन्द्रा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अपराध में आजीवन कारावास और 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
अपराध की उत्कृष्ट विवेचना एवं पुख्ता साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) द्वारा विवेचक तत्कालीन एएसआई, वर्तमान एसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।

डॉयल 112 के जवान ने सूझबूझ दिखाते हुए ग्रामीणों के सहयोग से चाकू व पिस्टलनुमा हथियार के साथ 2 आरोपियों को धरदबोचा। कर्तव्यनिष्ठा पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने आरक्षक को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की।

 


सूरजपुर। डॉयल 112 में तैनात आरक्षक की सूझबूझ, सतर्कता और तत्परता से रामानुजनगर थाना क्षेत्र में चाकू एवं पिस्टल जैसा दिखने वाला हथियार लेकर घूम रहे दो आरोपियों को ग्रामीणों के सहयोग से धरदबोचा गया। आरक्षक की कर्तव्यनिष्ठा एवं त्वरित सूचना से पुलिस को समय रहते कार्रवाई करने में सफलता मिली। आरक्षक के इस सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने उन्हें नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
दिनांक 06.08.2026 की शाम थाना रामानुजनगर पुलिस को थाना सूरजपुर के डॉयल 112 में तैनात आरक्षक प्रदीप सोनवानी द्वारा सूचना दी गई कि ग्राम मंहगई हरिजनपारा में एक बलेनो कार क्रमांक सीजी 29 एजी 1126 में सवार चालक एवं उसका साथी कार में पिस्टल एवं चाकू रखे हुए हैं। आरक्षक ने ग्रामीणों के सहयोग से दोनों संदिग्धों को मौके पर ही रोककर पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही थाना रामानुजनगर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने बलेनो कार में सवार कैफ अंसारी पिता सहाबुद्दीन अंसारी उम्र 24 वर्ष एवं विकास रवि पिता स्व. रामकुमार रवि उम्र 19 वर्ष, दोनों निवासी नावापारा खुर्द को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक नग धारदार चाकू एवं एक नग पिस्टल जैसा हथियार बरामद कर जप्त किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बलेनो कार, धारदार चाकू एवं पिस्टलनुमा हथियार को जप्त करते हुए थाना रामानुजनगर में अपराध क्रमांक 237/26, धारा 25 आर्म्स एक्ट एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में डॉयल 112 के आरक्षक प्रदीप सोनवानी की सजगता एवं त्वरित सूचना दी गई और सतर्कता से हथियारों के साथ घूम रहे संदिग्धों को ग्रामीणों के सहयोग से समय रहते पकड़ लिया गया। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर द्वारा आरक्षक के इस कर्तव्यनिष्ठ एवं सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

जमीन विवाद को लेकर प्राण घातक हमला करने वाले 3 और आरोपियों को चौकी बसदेई पुलिस ने किया गिरफ्तार, पूर्व में हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी।


 सूरजपुर। ग्राम जूर निवासी हसीना बीबी ने चौकी बसदेई में रिपोर्ट दर्ज कराया कि मोहम्मद आयुब के परिवार के साथ इन लोगों का जमीन विवाद चल रहा है। दिनांक 14.04.2026 को प्रार्थीया अपने ससुर सफी अहमद, बहू सहेबा के साथ खेत में बनाये झाला के खाट में बैठी थी तो शाम करीब 05.00 बजे अयुब अंसारी, अयुब का दोनों लड़का भतीजा एवं पत्नी सभी लोग एक राय होकर डण्डा लाठी लेकर वहां पर आये और प्रार्थीया को गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर झगड़ा विवाद करने लगे। उसी समय प्रार्थीया का पति मो. यासीन झगड़ा विवाद सुनकर वहां पर दौड़ते हुए आये तो उसे आरोपी आयुब अंसारी, उसकी पत्नी लड़का और भतीजा असलम अंसारी के द्वारा गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर डण्डा से मारपीट कर प्राण घातक चोट पहुंचाए। बीच बचाव के दौरान बहु, भांजा, ससुर को भी मारपीट किये। इसके पति के सिर में गंभीर चोट लगने से इलाज कराने हेतु तत्काल जिला अस्पताल सूरजपुर लेकर गये थे कि प्रार्थीया के रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 244/2026 धारा 296(बी), 351(3), 115(2), 191(1), 191(2), 109, 249 बी.एन.एस. पंजीबद्ध कर विवेचना करते हुए पूर्व में दिनांक 05.08.2026 को आरोपी असलम अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। वहीं फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी।

         पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने फरार आरोपियों की पतासाजी कर जल्द पकड़ने के निर्देश दिए थे। चौकी बसदेई पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी मोहम्मद आयुब अंसारी पिता स्व. अवैश करनी उम्र 50 वर्ष, अख्तर रजा पिता मोहम्मद अयुब अंसारी उम्र 27 वर्ष उमर रजा पिता मो. अयुब अंसारी उम्र 23 वर्ष सभी निवासी ग्राम जूर चौकी बसदेई को पकड़ा। पूछताछ पर आरोपियों ने अपने एक महिला रिश्तेदार की मदद से अम्बिकापुर, दंतेवाड़ा और भोपाल में लुक छिपकर रहना बताया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडे जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले में फरार अन्य आरोपी की पतासाजी की जा रही हैं। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी बसदेई योगेंद्र जायसवाल व उनकी टीम सक्रिय रही।

चौकी लटोरी पुलिस ने अवैध शराब के साथ एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार, परिवहन में प्रयुक्त मोटर सायकल की गई जप्त।

 

सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) ने अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिए है। इसी क्रम में दिनांक 07.08.2026 को चौकी लटोरी पुलिस ग्राम भ्रमण व रोड़ पेट्रोलिंग पर निकली थी इसी दौरान मुखबीर ने सूचना दिया कि ग्राम द्वारिकानगर की ओर एक मोटर सायकल में एक व्यक्ति काफी मात्रा में अंग्रेजी शराब लेकर जा रहा है।
सूचना पर चौकी लटोरी पुलिस के द्वारा लटोरी बाजार चौक के पास घेराबंदी कर मोटर सायकल सहित एक व्यक्ति को पकड़ा गया। पूछताछ पर उस व्यक्ति ने अपना नाम रामकुमार पिता शिवबालक उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम तुलसी का होना बताया जिसके कब्जे से 180 एमएल का 35 नग अंग्रेजी शराब कीमत 5250 रूपये का जप्त किया गया। पूछताछ पर उसने बताया कि शराब दुकान से अंग्रेजी शराब खरीदकर फुटकर बेचने हेतु ले जा रहा था जिससे शराब खरीदी-बिक्री व परिवहन करने संबंधी दस्तावेज की मांग करने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। मामले में अंग्रेजी शराब, परिवहन में प्रयुक्त मोटर सायकल जप्त कर आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 246/2026 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी लटोरी सुनील सिंह, एएसआई मानिकदास, आरक्षक संतोष जायसवाल व सुनील एक्का सक्रिय रहे।

धारदार ब्लैड से पत्नि का गर्दन काटने वाले आरोपी पति को चौकी कुदरगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार।

 

सूरजपुर। दिनांक 06.08.2026 को ग्राम भंवरखोह तेलईडांड निवासी हरदयाल सिंह ने चौकी कुदरगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसकी भांजी आहता अपने 7 वर्ष के लड़के के साथ इसके घर भवंरखोह 1 माह पहले आई थी और यही रह रही थी, दिनांक 06.08.2026 के सुबह करीब 9 बजे उसका पति नकुल सिंह निवासी कर्री इसके घर आया और अपने पत्नी को अपने साथ घर ले जाने के लिए बोला तो वह जाने से मना कर दी, तब नकुल सिंह अत्यधिक क्रोधित होकर पत्नी को जान से मारने की धमकी देकर धारदार ब्लेड से गर्दन में प्राण घातक हमला कर सामने तरफ गला काट दिया। आहता को ईलाज हेतु 108 एम्बुलेंस से ओड़गी अस्पताल भेजा गया जहाँ डॉक्टर द्वारा ईलाज हेतु जिला अस्पताल सूरजपुर रेफर कर दिया गया। प्रार्थी के रिपोर्ट पर चौकी कुदरगढ़ में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 55/2026 धारा 109(1) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
                 मामले की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने प्रकरण के आरोपी की जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। चौकी कुदरगढ़ पुलिस ने घटना स्थल पर एफएसएल क्राईम यूनिट डॉ. रसलीन कौर की उपस्थिति में साक्ष्य संकलन करते हुए घटना स्थल का निरीक्षण कर घटना में प्रयुक्त ब्लेड जप्त कर दबिश देकर आरोपी नकुल सिंह आयाम पिता स्व. समय लाल उम्र 36 वर्ष ग्राम कर्री पटेलपारा चौकी कुदरगढ़ को पकड़ा गया। पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि अपनी पत्नी को लेने उसके मामा के घर गया था, पत्नी साथ जाने से मना करने पर अत्यधिक क्रोधित होकर जान से मारने की धमकी देते हुए धारदार ब्लेड से गर्दन में प्राणघात हमला कर गला काट दिया। मामले में आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार किया गया है।
कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवागंन एवं एसडीओपी ओड़गी राजेन्द्र मंडावी के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी कुदरगढ़ संजय यादव, प्रधान आरक्षक क्रांती सिंह, आरक्षक अमरेन्द्र दुबे, मिलन सिंह, आलम साय, नरसिंह यादव व अनार सिंह सक्रिय रहे।

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर सूरजपुर पुलिस का विशेष अभियान, एल्कोमीटर से वाहन चालकों की हुई जांच, 3 वाहन चालक नशे में वाहन चलाते पाए गए।

 

सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 06 अगस्त 2026 को जिले के थाना-चौकी की पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (एनएच-43) सहित अन्य मार्गो पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया जो 03 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते मिले जिनके विरूद्ध कार्रवाई की गई है।
                पुलिस ने एनएच-43 सहित कई मार्गो से गुजरने वाले दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों की एल्कोमीटर (ब्रेथ एनालाइज़र) के माध्यम से जांच की। पुलिस ने वाहन चालकों को रोककर उनका ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया तथा यातायात नियमों का पालन करने के संबंध में आवश्यक समझाइश भी दी। जांच के दौरान 03 वाहन चालक शराब के नशे में पाए गए जिनके विरूद्ध धारा 185 एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही कर इस्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चालकों को बताया कि शराब के नशे में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। सभी वाहन चालकों से वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करने की अपील की गई।
           पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जिलेभर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नियमित रूप से सघन जांच अभियान जारी रहेगा। भविष्य में शराब के नशे में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

थाना झिलमिली में ग्राम कोटवारों की हुई बैठक, संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने के दिए निर्देश। अवैध गतिविधियों व संदिग्धों की सूचना फौरन पुलिस को देने हेतु किया गया प्रोत्साहित।

 

सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) के निर्देश पर जिले में ग्राम स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से 06 अगस्त 2026 को थाना झिलमिली में थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी द्वारा थाना क्षेत्र के समस्त ग्राम कोटवारों की बैठक आयोजित की गई।
               बैठक में थाना प्रभारी ने सभी कोटवारों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक माह कम से कम दो बार थाना में उपस्थित होकर अपने-अपने गांव की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। गांव में आने वाले अजनबी एवं संदिग्ध व्यक्तियों, अवैध प्रवासियों, किरायेदारों तथा मुसाफिरों का सत्यापन कर उनका नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर एवं फोटो रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
               थाना प्रभारी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, बाहरी व्यक्ति की असामान्य आवाजाही, झगड़ा-विवाद, अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा, मादक पदार्थों के कारोबार, पशु तस्करी, चोरी अथवा अन्य अपराध संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

बैठक में थाना प्रभारी ने कोटवारों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश।
          प्रभारी ने कोटवारों को कहा कि गांव में नए किरायेदार आने पर तत्काल उनका सत्यापन कराए, रात के वक्त गांव में घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखें। गांव के सार्वजनिक स्थलों, स्कूल, पंचायत भवन एवं बाजार क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। साइबर ठगी, बैंक फ्रॉड एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करें। महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें। किसी भी अफवाह, भड़काऊ संदेश या सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी की पुष्टि किए बिना उसे प्रसारित न हो उसके लिए जागरूकता फैलाए। ग्राम स्तर पर शांति समिति एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए। बैठक के दौरान सभी कोटवारों को सत्यापन कार्य सुचारु रूप से करने हेतु रजिस्टर एवं पेन वितरित किए गए। थाना प्रभारी ने बताया कि ग्राम कोटवार पुलिस की आंख और कान होते हैं तथा उनकी सक्रियता से अपराधों की रोकथाम एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलेगा।
सूरजपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे गांव में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि अथवा अवैध कार्य की जानकारी तत्काल निकटतम थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें तथा सुरक्षित एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

किरायेदारों का सत्यापन अब अनिवार्य, जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने कलेक्टर सूरजपुर ने जारी किया आदेश। जिले को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराध मुक्त बनाने के सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाने में करें सहयोग- पुलिस अधीक्षक सूरजपुर।

 

सूरजपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा असामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य को लेकर पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के प्रतिवेदन पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सूरजपुर श्रीमती रेना जमी़ल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। यह आदेश जिले के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
जारी आदेश के अनुसार अब जिले में किसी भी मकान, भवन, दुकान या अन्य परिसर को किराये पर देने से पहले संबंधित किरायेदार का पूर्ण विवरण एवं सत्यापन निकटतम थाना या चौकी में देना अनिवार्य होगा। बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को किराये पर आवास या भवन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही होटल, लॉज, ढाबों तथा निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों का विवरण भी संबंधित थाना में उपलब्ध कराना होगा।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर के प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने यह निर्णय जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों की रोकथाम तथा संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। कई बार किरायेदारों का सत्यापन नहीं होने के कारण अपराधी तत्व अपनी पहचान छिपाकर वारदातों को अंजाम देते हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आदेश के तहत मकान मालिकों को किरायेदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान-पत्र एवं अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। यदि कोई किरायेदार अथवा उसके यहां आने वाला व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को देना भी आवश्यक होगा। होटल संचालकों को भी संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचानी होगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनहित, शांति व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दण्डनीय होगा। यह आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावशील रहेगा।

पुलिस अधीक्षक की जनता से अपील।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने जिलेवासियों से अपील की है कि किरायेदारों का सत्यापन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज और परिवार की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक मकान मालिक, होटल संचालक एवं संस्थान प्रमुख इस आदेश का पालन करते हुए पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें, ताकि सूरजपुर को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त बनाने के सामूहिक प्रयासों को मजबूती मिल सके।

नाबालिक स्कूली छात्रों के वाहन चलाने पर सूरजपुर पुलिस सख्त, अभिभावकों को दी समझाइश। चेकिंग में 102 नाबालिक स्कूली छात्र दो पहिया वाहन चलाते मिले, पुलिस ने अभिभावकों के विरूद्ध की एमव्ही एक्ट की कार्रवाई।

 

सूरजपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) द्वारा नाबालिक स्कूली छात्रों के वाहन चलाने पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। निर्देश के परिपालन में जिले की पुलिस के द्वारा 102 नाबालिक छात्रों को वाहन चलाते पाए जाने पर उन्हें पकड़ा और उनके अभिभावक के विरूद्ध तथा 58 अन्य लोगों को यातायात नियमों के उल्लघन पर कार्रवाई करते हुए कुल 160 प्रकरण में 71600 रूपये का समन शुल्क लिया है। पुलिस जिलेभर के स्कूलों में जाकर छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने और 18 वर्ष की आयु के उपरांत वैध ड्राईविंग लायसेंस बनने के बाद वाहन चलाने की लगातार समझाईश भी दे रही है।
बुधवार, 29 जुलाई 2026 को अभियान के दौरान स्कूलों के आसपास एवं प्रमुख मार्गों पर वाहन चेकिंग कर 102 नाबालिगों छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने पर उनके अभिभावकों को बुलाकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही कर 63000 रूपये का समन शुल्क लिया गया और उन्हें नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देने की समझाइश दी गई। इसी प्रकार चेकिंग के 58 वाहन चालक के द्वारा यातायात नियमों का उल्लघन करने पर एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही कर 8600 रूपये समन शुल्क लिया गया। अभियान के दौरान 4 लोगों के द्वारा शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने पर उनके विरूद्ध 185 के तहत कार्यवाही कर इस्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिक वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाहन स्वामी अथवा अभिभावक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विद्यालयों से भी विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया है।

पुलिस अधीक्षक की अपील। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने अपील करते हुए कहा कि नाबालिक छात्र-छात्राएँ देश का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील किया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति न दें। नाबालिकों द्वारा वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनके जीवन और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। बच्चों को यातायात नियमों का पालन करना सिखाएँ, उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा करें।

बुधवार, 29 जुलाई 2026

मोबाइल दुकान में सेंधमारी कर मोबाईल व नगदी रकम चोरी मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस ने 1 विधि विरूद्ध संघर्षरत् बालक सहित 4 को पकड़ा, 2 लाख 10 हजार रूपये का मोबाईल किया बरामद।

 

सूरजपुर। थाना प्रेमनगर क्षेत्र में मोबाइल दुकान में सेंधमारी कर लाखों रुपये के सामान की चोरी मामले में 1 विधि विरूद्ध संघर्षरत् बालक सहित 4 को प्रेमनगर पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने मामले में चोरी का 2 लाख 10 हजार रूपये कीमत के मोबाईल फोन बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) ने चोरी, नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने एवं ऐसे मामलों में संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। 

दिनांक 18.07.2026 को ग्राम सलका निवासी कृष्ण कुमार साहू पिता भैयालाल साहू ने थाना प्रेमनगर रिपोर्ट दर्ज कराया कि 17-18 जुलाई 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने उसकी मोनू मोबाइल दुकान के पीछे की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दुकान में रखे 02 सीसीटीवी कैमरे, 01 एलईडी टीवी, 16 मोबाइल फोन तथा 2 हजार रूपये नगद चोरी कर लिए। चोरी गए सामान की कुल कीमत 2,86,550 आंकी गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना प्रेमनगर में अपराध क्रमांक 95/2026 के तहत धारा 331(4), 305 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने अज्ञात आरोपियों की लगातार तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि चोर पुलिस की सक्रियता से घबराकर चोरी किए गए 09 मोबाइल फोन कबीर चबुतरा के पास छोड़कर फरार हो गए है जिसे पुलिस ने बरामद किया।

इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया। फुटेज एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर लगातार दबिश दी गई। अलग-अलग स्थानों से संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। 

        पूछताछ में आरोपी मुनेश्वर सिंह उईके पिता जगम्बर सिंह उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम धुमाड़ांड, थाना प्रेमनगर, दिलीप कुमार उर्फ मंगलू पिता देवी प्रसाद अगरिया उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम टाकर, पर्वतपुर, थाना प्रेमनगर तथा विधि से संघर्षरत एक बालक ने मोबाइल दुकान में सेंधमारी कर सीसीटीवी कैमरे, एलईडी टीवी, मोबाइल फोन एवं 2,000 नगद चोरी करना कबूल किया साथ ही बताया कि पुलिस के डर से 9 मोबाईल को चबुतरा के पास छोड़ दिए थे, 2 मोबाईल फोन मुल्ले प्रताप सिंह रखा है जिसके बाद उसे भी पकड़ा गया। पूछताछ पर आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी के 4 मोबाईल, सीसीटीव्ही व एलईडी टीव्ही को नदी में फेंक दिए थे। 

आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए 02 मोबाइल फोन को मुल्ले प्रताप सिंह पिता जगराम सिंह उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम धुमाड़ांड, थाना प्रेमनगर एवं 1 नग मोबाईल को दिलीप उर्फ मंगलू के कब्जे से बरामद किए गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है वहीं विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की गई।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रेमनगर विराट बिशी, एएसआई गुड्डू कुशवाहा, प्रधान आरक्षक महेन्द्र पटेल, विनय किस्पोट्टा, आरक्षक दीपक यादव, हरिशचंद्र दास, संतोष ठाकुर, नवीन बेक, बृजेश काशी व सत्यम सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सोमवार, 20 जुलाई 2026

सूरजपुर जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) ने संभाला पदभार।

 

सूरजपुर। जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को जिला पुलिस कार्यालय सूरजपुर में विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल ने जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा पुलिस कार्यालय के समस्त शाखा प्रभारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। बैठक के दौरान सभी अधिकारियों ने अपना परिचय दिया तथा जिले में अपने-अपने कार्यक्षेत्र एवं दायित्वों से अवगत कराया।
पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल 2018 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। इसके पूर्व वे पुलिस अधीक्षक जिला अम्बिकापुर, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही व जिला बालोद में अपनी सेवाएँ दी है। स्वागत एवं परिचयात्मक बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी, डीएसपी अजाक रीता नीलम कुजूर, सभी थाना-चौकी प्रभारी व जिला पुलिस कार्यालय के शाखा प्रभारी मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने परिचयात्मक बैठक के उपरांत जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आगामी चुनौतियों, यातायात व्यवस्था, भौगौलिक, राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों, सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पोर्ट, अनसुलझे मामले, शिकायत निराकरण की स्थिति सहित विभिन्न जानकारियां पुलिस राजपत्रित अधिकारी व थाना-चौकी प्रभारियों से ली। उन्होंने प्रभारियों को कहा कि सड़क दुर्घटना रोकने के हरसंभव प्रयास व उपाए कराए, इस दिशा में पुलिस के कार्य और प्रयास दिखनी चाहिए, सड़क दुर्घटनाएं कम इसके हर संभव प्रयास होनी चाहिए, मालवाहक वाहन में सवारी परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जाए, एनएच व अन्य मार्गो में ब्रेकडाउन ट्रक व अन्य भारी वाहन खड़ा न हो यह सुनिश्चित कराने ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों की बैठक ली जाए।
उन्होंने कहा कि जिले में अवैध कार्यो पर पूर्णतः अंकुश लगाए, नागरिकों की सुरक्षा और पुलिस पर उनका भरोसा मजबूत बनाए रखने निष्पक्षता से कार्रवाई करें, पीड़ित, फरियादी की शिकायत को गंभीरतापूर्वक सुना जाए और फौरन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुराने और अनसुलझे मामलों में गंभीरतापूर्वक विवेचना कर निकाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्थानांतरण पर डीआईजी/एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर को पुलिस परिवार सूरजपुर ने दी भावभीनी विदाई। नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल का किया गया स्वागत्।

सूरजपुर। डीआईजी/एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर (भापुसे) का स्थानान्तरण पुलिस मुख्यालय रायपुर में होने एवं नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) के जिले में पदभार संभालने पर पुलिस परिवार सूरजपुर के द्वारा विदाई एवं स्वागत सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को विश्रामपुर स्थित ऑफिसर्स क्लब में किया गया। समारोह में पुलिस परिवार, जिला प्रशासन ने डीआईजी/एसएसपी श्री ठाकुर के सफल, अनुकरणीय एवं जनसेवामुखी कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं तो वहीं नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल ने कहा कि श्री प्रशांत कुमार ठाकुर अपने कार्यकाल में जिस समर्पण, अनुशासन और दूरदर्शिता के साथ कार्य किया। उन्होंने केवल कानून-व्यवस्था को  सुदृढ़ नहीं किया, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का एक मजबूत सेतु भी बनाया। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनका सहज, सरल और प्रेरणादायी व्यक्तित्व रहा। उन्होंने हमेशा टीम भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित कर अच्छी सफलताए हासिल की। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी में भी इसी ऊर्जा, निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करें तथा निरंतर सफलता अर्जित करें।
कलेक्टर सूरजपुर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि प्रशासन एवं पुलिस के बेहतर समन्वय से जिले में कानून-व्यवस्था, जनकल्याण और विकास कार्यों को नई गति मिली। उन्होंने श्री ठाकुर के नेतृत्व, कार्यकुशलता एवं जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल जिले के लिए प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य एवं नई जिम्मेदारियों में निरंतर सफलता की शुभकामनाएं दीं।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि श्री प्रशांत कुमार ठाकुर सर के नेतृत्व में सूरजपुर पुलिस ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनके मार्गदर्शन में अनुशासित कार्य, प्रभावी पुलिसिंग और जनविश्वास को नई मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि श्री ठाकुर द्वारा स्थापित उत्कृष्ट कार्य प्रणाली एवं जनसेवा की भावना को आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखेंगे। उन्होंने श्री ठाकुर के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं नई जिम्मेदारी की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को सीईओ जिला पंचायत श्री विजेन्द्र सिंह पाटले, डीएफओ श्री डी.पी.साहू ने भी संबोधित किया। मंच का संचालन निरीक्षक जावेद मियादाद ने किया।
अंत में जिले से विदा हो रहे डीआईजी/एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि सूरजपुर में मिला स्नेह, विश्वास और सहयोग उनके लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। जिले में कार्यकाल के दौरान प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी ने पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं टीम भावना के साथ कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर अपराधों की रोकथाम, नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान सहित अनेक जनहितकारी पहलों को सफलतापूर्वक संचालित किया जा सका। उन्होंने कहा कि सूरजपुर पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसकी टीम भावना है और इसी समर्पण के कारण जनता का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डीआईजी/एसएसपी श्री ठाकुर की धर्मपत्नी, पुत्र, एसडीएम सूरजपुर शिवानी जायसवाल, एसडीएम भैयाथान चांदनी कंवर, एसडीएम प्रतापपुर ललिता भगत, एसडीएम रामानुजनगर अजय कोसाम, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी, एसडीओपी प्रतापपुर अनूप एक्का, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, सभी थाना-चौकी प्रभारी व जिला पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

गुरुवार, 9 जुलाई 2026

सूरजपुर में अब बीट पुलिसिंग और होगी मजबूत। डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के निर्देश पर ग्रामों व पंचायत भवन में लगी थाना-चौकी व बीट प्रभारियों के नाम व मोबाईल नंबर की जानकारी के पोस्टर।

 

सूरजपुर। जिले में बीट पुलिसिंग को मजबूत करने 27 जून 2026 को डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कार्यशाला का आयोजन कर थाना-चौकी व बीट प्रभारियों को बुनियादी पुलिसिंग को सुदृढ़ करते हुए जनता में सुरक्षा की भावना को बढ़ाने, जनता की शिकायतों को नम्रतापूर्वक सुनते हुए पेशेवर एवं गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित के साथ ही जिले के सभी पंचायतों व प्रमुख स्थानों पर थाना-चौकी, बीट प्रभारियों के नाम सहित मोबाईल नंबर का पोस्टर चश्पा कराने के निर्देश दिए थे।

        जिले के 22 थाना-चौकी क्षेत्रों के 72 बीट के 558 ग्रामों में थाना-चौकी प्रभारियों के द्वारा निर्देशों का क्रियान्वयन किया गया है जिसका जायजा लेने शुक्रवार, 03 जुलाई 2026 को डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर स्वयं खड़गवां के पंचायत भवन पहुंचे जहां पहले से ही चौकी प्रभारी व बीट प्रभारी, कर्मचारियों के नाम व मोबाईल नंबर की जानकारी चश्पा की जा चुकी थी।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग को मजबूत करने की इस मुहिम से अब आम जनता पुलिस तक आसानी से पहुंच बनाते हुए अपनी समस्या को बताकर निराकरण करा सकेंगे। क्षेत्र की अवैध गतिविधियां की सटीक जानकारी मिल सकेगी जिससे अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जायेगा। बीट आरक्षक क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर आम नागरिकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करेंगे, महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस रहेगा, स्कूल-कालेज में जाकर सुरक्षा, यातायात नियमों एवं नशे से बचाव के प्रति जागरूकता के आयोजन होंगे, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जायेगी, अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने हर संभव प्रयास किए जायेंगे ताकि पुलिस-जनता के बीच आपसी विश्वास और मजबूत हो सके।

मंगलवार, 23 जून 2026

सूरजपुर पुलिस को मिली मोबाईल फॉरेंसिक वैन की सौगात, अब घटना स्थल पर वैज्ञानिक पद्धति से होगा साक्ष्य संकलन। साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मिलेगी मजबूती। घटनास्थल जांच, साक्ष्य संगहण एवं वैज्ञानिक विश्लेषण हेतु अत्याधुनिक सुविधाए वैन में है मौजूद।

 

सूरजपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से सूरजपुर जिले को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सौगात मिली है। शनिवार, 23 मई 2026 को कोतवाली सूरजपुर से मोबाईल फारेंसिक वैन को प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री भीमसेन अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मुरली मनोहर सोनी एवं डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने विधिवत् पूजा-अर्चना कर हरी झण्डी दिखाकर वाहन को रवाना किया। अब तक अपराध स्थल से साक्ष्यों को प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगने के कारण साक्ष्यों के दूषित होने और जांच रिपोर्ट में विलंब की संभावना बनी रहती थी। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही साक्ष्य संरक्षण, प्रारंभिक परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण संभव हो सकेगा, जिससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
          छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराध जांच को मजबूत करने के लिए 32 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का संचालन हाल ही में प्रारंभ कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को रायपुर के माना पुलिस परेड ग्राउंड से इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसी क्रम में जिला सूरजपुर में मोबाईल फारेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया है।
                डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने मोबाइल फॉरेंसिक वैन की विशेषताएं बताते हुए कहा कि अब सटिक जांच होगी जिससे त्वरित न्याय मिल सकेगा, नए कानूनों का मुख्य उद्धेश्य वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित जांच को बढ़ावा देना है जो विश्वसनीय, निष्पक्ष और न्यायालय में अधिक प्रभावी सिद्ध होगें। इस वैन की उपलब्धता से अब मौके पर त्वरित जांच, घटना स्थल पर ही फिंगर प्रिंट, रक्त के नमूने और कपड़ों के रेशे जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए जायेंगे। यह वैन आधुनिक उपकरण से लैस है जिनमें डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, नार्काेटिक्स परीक्षण किट और फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं। अब घटना स्थल से साक्ष्य नष्ट होने की संभावना नहीं के बराबर होगी और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह वैन जनरेटर सुविधा से भी लैस है जहां बिजली की सुविधा नहीं होगी वहां यह जनरेटर 5 घंटे तक बिजली की रौशनी में कार्य कर सकेगा।
                 प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री भीमसेन अग्रवाल ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मुरली मनोहर सोनी ने कहा कि अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर साक्ष्य संकलन करेगी जिससे साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूती मिलेगी। यह सेवा प्रदेश सहित जिले में पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय जांच व्यवस्था सुनिश्चित करेगी तथा त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
         संयुक्त संचालक एफएसएल आर.के.पैंकरा ने मोबाईल फोरेंसिक वैन में उपलब्ध किट्स एवं उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा ने कहा कि अपराध की विवेचना में एफएसएल की रिपोर्ट आने में विलंब होता था अब इस सुविधा के प्रारंभ होने से रिपोर्ट जल्द मिलेगी और पीड़ित को जल्द न्याय मिल सकेगा। कार्यक्रम का संचालन निरीक्षक जावेद मियादाद ने किया।
           इस अवसर पर जिला महामंत्री शशिकांत गर्ग, नपा उपाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, रितेश गुप्ता, संयुक्त संचालक एफएसएल अम्बिकापुर आर.के.पैंकरा, उप संचालक अभियोजन विरेन्द्र लकड़ा, डीपीओ मनोज चतुवेदी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा, जीपी राजूदास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी व गणमान्य नागरिकगण मौजूद रहे।

डीआईजी/एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का किया शुभारंभ। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा और जवानों को फिट रखने कराई जा रही है प्रतियोगिता।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुलिस लाइन पर्री में सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन बुधवार, 20 मई 2026 को किया। उद्घाटन कार्यक्रम में डीआईजी/एसएसपी ने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को बेहतर टीमवर्क से जोड़ना और शारीरिक व मानसिक फिटनेश को बनाए रखना है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न ग्रामों की टीम भी भाग ले रही है, इस प्रतियोगिता के जरिए आमजनता व पुलिस के बीच सामान्जस्य को और मजबूत करने की यह एक मजबूत पहल है।
            इस अवसर पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने कहा कि यह आईपीएल की तर्ज पर सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग (एसपीपीएल) क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई है जिसमें पुलिस अनुभाग अन्तर्गत आने वाले थानों में पदस्थ अधिकारी व जवानों तथा विभिन्न ग्रामों के आमजनता की टीम क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रही है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारी लगातार ड्यूटी में डटे रहते है ऐसे में उन्हें रिलेक्स देनेे का यह एक मजबूत जरिया है। खेलकूद से उनका मानसिक तनाव दूर होगा साथ ही पुलिस जवानों के शारीरिक व मानसिक फिटनेश को बरकरार रखने और आमजनता व पुलिस के बीच मधुर संबंध को लेकर भी इस प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया है। प्रतियोगिता का पहला मैच बजरंग इलेवन व मनी इलेवन के मध्य खेला गया। जिसमें बजरंग इलेवन ने मनी इलेवन को 30 रनों से पराजित किया। इस रोमाचंक मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
            इस प्रतियोगिता को लेकर रक्षित निरीक्षक अशोक गिरी ने आकर्षक त्यौहारी कराई। क्रिकेट टीम में डीएसपी स्तर से लेकर आरक्षकगण तथा ग्रामीणों की टीम शामील है। यह सूरजपुर पुलिस का सराहनीय कदम है जो इस प्रकार के टूर्नामेंट का आयोजन कर रही है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, एसडीओपी अभिषेक पैंकरा, पुलिस के अधिकारी व जवान, पुलिस के परिजन सहित काफी संख्या में नागरिकगण मौजूद रहे।

शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सूरजपुर पुलिस सख्त। अब तक 25369 लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई। 219 प्रकरणों में शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों पर माननीय न्यायालय किया 20 लाख 1 हजार रूपये का जुर्माना।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्धेश्य से जिले की पुलिस लगातार सघन वाहन चेकिंग का अभियान चला रही है। इस दौरान पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों सहित यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
            वर्ष 2026 में अब तक शराब पीकर वाहन चलाने के 219 प्रकरणों में वाहन जप्ती की कार्यवाही कर चालान न्यायालय पेश किया गया जहां से चालकों को 20 लाख 1 हजार रूपये का जुर्माना हुआ है। इसके अलावे बिना हेलमेट के 2250 प्रकरण, बिना सीटबेल्ट के 2250 प्रकरण सहित कुल 25369 प्रकरणों में 86 लाख 65 हजार 200 रूपये का समन शुल्क अर्जित किया गया है। इसी क्रम में दिनांक 6-7 मई 2026 को यातायात प्रभारी के द्वारा कर्मा चौक व अग्रसेन चौक के चेकिंग प्वाईंट पर इनोवा वाहन क्रमांक सीजी 13 एई 1810 एवं पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 15 सीवाय 6344 के चालक को शराब के नशे में पाया जिनके वाहनों को जप्त कर धारा 185 का इस्तगाशा तैयार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से इनोवा चालक को 10500/- रूपये का जुर्माना लगाया गया।

पुलिस की प्राथमिकता।
        शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन के लिए खतरनाक है बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दाेष लोगों के लिए भी बड़ा खतरा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा निरंतर जांच अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ लायसेंस निरस्त की कड़ी कार्यवाही कराई जा रही है।

सूरजपुर पुलिस का संदेश। 
        शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध है। ऐसे लापरवाह वाहन चालकों की वजह से सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आमजन से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात में सहयोग दें। जनहित एवं सड़क सुरक्षा को सर्वाेपरि रखते हुए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी ताकि सड़क पर हर व्यक्ति सुरक्षित रह सके। उक्त अभियान में जिले के समस्त थाना-चौकी की पुलिस टीम सक्रिय, समन्वित एवं सतर्क भूमिका में रही, जिनके द्वारा प्रभावी एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

पीट एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को तीन माह की हुई जेल, सूरजपुर पुलिस द्वारा पिट एनडीपीएस केस कार्यवाही के लिए बनाकर कसा जा रहा शिकंजा।


 सूरजपुर। आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा के कड़े निर्देश और ड्रग पैडलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश का प्रभावी असर देखने को मिल रहा है। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर आदतन अपराधी जो एनडीपीएस मामलों में लगातार सक्रिय हैं, उनका पिट एनडीपीएस के तहत प्रकरण तैयार कर सरगुजा संभाग कमिश्नर कोर्ट में कार्यवाही के लिए भेजा गया।

            कमिश्नर सरगुजा संभाग, सरगुजा श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने प्रकरण की सुनवाई 29.04.2026 को पूरी करते हुए पिट एनडीपीएस एक्ट 1988 की धारा-3 सहपठित धारा 10 के तहत आरोपी विकास राव पिता स्व. के. सत्यनारायण राव निवासी शिवनंदनपुर, थाना विश्रामपुर को 3 माह जेल की सजा सुनाई है। आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी को जिला जेल भेज दिया है। सख्ती के पीछे मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाना है।

अपराध सभा में डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के कड़े निर्देश, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ करें पुलिसिंग अवैध कार्यो की सूचना पर फौरन करें कार्रवाई, लापरवाही पर होंगे सख्त एक्शन। साइबर फ्राड के मामले में त्वरित एक्शन लेने के निर्देश। हिट एंड रन मामले में पीड़ित या उनके परिवार को राहत दिलाने समय-सीमा में राहत प्रकरण भेजने के निर्देश।

 

सूरजपुर। अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निकाल में तेजी लाने, कानून व सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने गुरूवार, 30 अप्रैल 2026 को जिला पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुलिस राजपत्रित अधिकारी सभी थाना-चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने प्रभारियों को सख्त चेतावनी दी कि कार्यो में जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ पुलिसिंग की जाए, अवैध कार्यो शराब, गांजा-इंजेक्शन की सूचना पर फौरन कार्रवाई सुनिश्चित कर आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाए तथा लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेने की हिदायत दी, साथ ही सुशासन तिहार के मद्देनजर लगाए जाने वाले शिविर में प्रभारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। लंबित मामलों की समीक्षा में निराकरण की धीमी गति पर प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें आरोपियों की गंभीरतापूर्वक पतासाजी कर जल्द गिरफ्तारी सहित विधि संगत निराकरण करने के निर्देश दिए।
           क्राईम मीटिंग में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने साइबर/ऑनलाईन फ्राड के मामलों की समीक्षा कर कहा कि साइबर फ्राड के मामले में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, हिट एंड रन मामलों में समय सीमा के भीतर पीड़ित या उनके परिवार को राहत राशि दिलाने हेतु राहत प्रकरण तैयार कर भेजें, साइबर सुरक्षा, नशे से बचाव व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के आयोजन नियमित तौर पर करने तथा यातायात नियमों के उल्लघंन पर सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
        थाना-चौकी में जप्ती माल की जानकारी लेते हुए प्रभारियों को जप्ती माल का निराकरण प्राथमिकता से कराने, आमजनता की शिकायतों को प्राथमिकता से निराकरण करने, सीसीटीएनएस में एफआईआर सहित सभी प्रविष्टियों को समय पर पूर्ण कराने और थाना-चौकी प्रभारियों को तकनीकी रूप से अपडेट रहने एवं तकनीकी कुशलता से कार्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, डीएसपी अनूप एक्का, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

सूरजपुर पुलिस ने 18 ग्रामों में लगाया चलित थाना, कई शिकायतों का मौके पर ही किया निराकरण। चलित थाना लगाने का मुख्य उद्देश्य जनसेवा को आसान बनाना है-डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर। नागरिकों को साईबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी। शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किया गया प्रेरित। अवैध कार्यो की सूचना पुलिस को देने की अपील।

 

सूरजपुर। जनसेवा को आसान बनाने, आम जनता के शिकायतों का मौके पर निराकरण कर राहत पहुंचाने, साईबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए अभिव्यक्ति ऐप के बारे में प्रचार-प्रसार तथा गांवों में पुलिस की सक्रिय और प्रभावी उपस्थिति एवं सूचना तंत्र को प्रभावी ढंग से विकसित करने के उद्देश्य को लेकर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों को प्रत्येक गांव में चलित थाना लगाने के निर्देश दिए है।
27-28 अप्रैल 2026 को जिले के 18 ग्रामों में चलित थाना का आयोजन कर थाना-चौकी प्रभारी व पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों कहा कि पुलिस द्वारा चलित थाना लगाने का मुख्य उद्देश्य जनसेवा को आसान बनाना और कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना है। सेवाओं को जनता के करीब लाना और लोगों को अपनी छोटी-मोटी शिकायतों या समस्याओं के लिए थाने के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए आज वे खुद उनके गांव पहुंचे है। इस मौके पर कई ग्रामीणों के शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट, साइबर अपराध सहित सुरक्षा से जुड़े पहलुओं के प्रति जागरूक निराकरण किया है। इसके साथ ही गांव में होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध व अवैध कार्यो की सूचना तत्काल पुलिस को देने की हिदायत दिया है। पुलिस की इस अभियान से ग्रामीणों में उत्साह है और पुलिस के कार्यो में सहयोग के लिए अब वे आगे आ रहे है। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों के द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

ठगी से सावधान रहने किया जागरूक।
        थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा आयोजित चलित थाना के दौरान ग्रामीणों को म्यूल अकाउंट, डिजिटल अरेस्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट एक साइबर स्कैम है, जिसमें फ़र्ज़ी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूले जाते हैं। यह एक तरह का ऑनलाइन ब्लैकमेल है, डिजिटल अरेस्ट में, फ़र्ज़ी अधिकारी वीडियो कॉल पर लोगों को डराते-धमकाते हैं और उन्हें गिरफ़्तारी के झूठे बहाने से डिजिटल रूप से बंधक बना लेते हैं, इस दौरान वे लोगों से लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए कहते हैं और पैसे ट्रांसफ़र करवाते रहते हैं। डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत एक मैसेज या फ़ोन कॉल के साथ होती है। फ़र्ज़ी अधिकारी, पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स, आरबीआई, या दिल्ली या मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर बात करते हैं, वे लोगों को यह बताते हैं कि उनके पैन और आधार का इस्तेमाल करके तमाम चीज़ें खरीदी गई हैं या मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। कई बार यह भी दावा किया जाता है कि वे कस्टम विभाग से बोल रहे हैं और आपके नाम से कोई पार्सल आया है जिसमें ड्रग्स या प्रतिबंधित चीज़ें हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आसान भाषा में कहा जाए तो डिजिटल अरेस्ट में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर उनसे बड़ी रकम वसूल कर लेते है।

मौजूद ग्रामीण, महिलाओं व बच्चों को कानून की जानकारी देते हुए अपराध से बचने की समझाईश दी। 
        वर्तमान दौर साइबर अपराध म्यूल अकाउंट, बैंक एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने तथा बैंक का अधिकारी अथवा कर्मचारी बनकर मोबाइल से आधार कार्ड एवं एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी प्राप्त कर बैंक खातों से रकम पार करने की घटित हो रही घटनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को देते हुए ठगी का शिकार होने से बचने की सलाह दी। इसी क्रम यातायात नियमों की जानकारी देते हुए उसका पालन करने की अपील की। साईबर अपराध, महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों, प्राकृतिक आपदा के मामले में राहत राशि, सहित विधिक जानकारियों से अवगत कराते हुए कहा कि पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। महिला सुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी अभिव्यक्ति ऐप के बारे में अवगत कराया। इसी क्रम में नशा न करने की समझाईश देते हुए नशे से होने वाली आर्थिक, सामाजिक एवं शारीरिक हानियों के बारे में अवगत कराया।

अवैध कार्यो की सूचना देने की अपील।
चलित थाना के दौरान थाना-चौकी प्रभारी व पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को अवैध कारोबार, अवैध शराब, नशे के धंधे में लिप्त लोगों, जुआ खेलने वालों की सूचना देने की अपील किया ताकि उनके विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही की जा सके। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, सरपंच, पंच व ग्रामवासियों के सुझाव भी लिए गए। यातायात नियमों की जानकारी देकर उसका पालन करने, घटना-दुर्घटना की सूचना फौरन देने तथा सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद कर राहवीर (गुड सेमेटेरियन) बनते हुए उन्हें तत्काल नजदीक के अस्पताल ले जाने हेतु प्रोत्साहित किया है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।