सोमवार, 17 अगस्त 2026

डॉयल 112 के जवान ने सूझबूझ दिखाते हुए ग्रामीणों के सहयोग से चाकू व पिस्टलनुमा हथियार के साथ 2 आरोपियों को धरदबोचा। कर्तव्यनिष्ठा पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने आरक्षक को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की।

 


सूरजपुर। डॉयल 112 में तैनात आरक्षक की सूझबूझ, सतर्कता और तत्परता से रामानुजनगर थाना क्षेत्र में चाकू एवं पिस्टल जैसा दिखने वाला हथियार लेकर घूम रहे दो आरोपियों को ग्रामीणों के सहयोग से धरदबोचा गया। आरक्षक की कर्तव्यनिष्ठा एवं त्वरित सूचना से पुलिस को समय रहते कार्रवाई करने में सफलता मिली। आरक्षक के इस सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने उन्हें नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
दिनांक 06.08.2026 की शाम थाना रामानुजनगर पुलिस को थाना सूरजपुर के डॉयल 112 में तैनात आरक्षक प्रदीप सोनवानी द्वारा सूचना दी गई कि ग्राम मंहगई हरिजनपारा में एक बलेनो कार क्रमांक सीजी 29 एजी 1126 में सवार चालक एवं उसका साथी कार में पिस्टल एवं चाकू रखे हुए हैं। आरक्षक ने ग्रामीणों के सहयोग से दोनों संदिग्धों को मौके पर ही रोककर पकड़ लिया।
सूचना मिलते ही थाना रामानुजनगर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने बलेनो कार में सवार कैफ अंसारी पिता सहाबुद्दीन अंसारी उम्र 24 वर्ष एवं विकास रवि पिता स्व. रामकुमार रवि उम्र 19 वर्ष, दोनों निवासी नावापारा खुर्द को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक नग धारदार चाकू एवं एक नग पिस्टल जैसा हथियार बरामद कर जप्त किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बलेनो कार, धारदार चाकू एवं पिस्टलनुमा हथियार को जप्त करते हुए थाना रामानुजनगर में अपराध क्रमांक 237/26, धारा 25 आर्म्स एक्ट एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में डॉयल 112 के आरक्षक प्रदीप सोनवानी की सजगता एवं त्वरित सूचना दी गई और सतर्कता से हथियारों के साथ घूम रहे संदिग्धों को ग्रामीणों के सहयोग से समय रहते पकड़ लिया गया। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर द्वारा आरक्षक के इस कर्तव्यनिष्ठ एवं सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।