सोमवार, 17 अगस्त 2026

माननीय सत्र न्यायाधीश ने हत्या के मामले में दोषसिद्ध आरोपी को दी आजीवन कारावास की सजा। उत्कृष्ट विवेचना पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने विवेचक को दिया नगद पुरस्कार।

 


सूरजपुर। दिनांक 14.11.2024 को रात के समय मृतक खेमसाय घर नहीं आया, इसके दूसरे दिन दिनांक 15.11.2024 को दोपहर लगभग 01.30 बजे खेमसाय शराब पीकर घर आया, उस समय सुशीला पैकरा खाना खा रही थी जिसे गाली-गलौज कर थाली को लात मारकर बर्तन पटक दिया और भुवन पैकरा को बुलाने के लिए कहा, तब सुशीला घर के बाहर नीम पेड़ के पास चली गई, वहाँ पर उसका पति खेमसाय आकर गाली-गलौज कर लड़ाई-झगड़ा कर रहा था तब वह घर तरफ चली गई, उसी समय दोपहर 02.00 बजे आरोपी भुवन पैंकरा आया और हमेशा विवाद करते हो कहकर ने टांगा से अपने पिता खेमसाय को मार दिया, जिससे खेमसाय वहीं पर गिर गया और मौके पर ही खेमसाय की मृत्यु हो गई। प्रार्थी मनराखन पैकरा की रिपोर्ट पर मर्ग कायमी उपरान्त चौकी चेन्द्रा थाना झिलमिली में अपराध क्रमांक 129/24 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया।
प्रकरण की विवेचना चौकी प्रभारी चेन्द्रा एएसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता के द्वारा करते हुए दिनांक 16.11.2024 को आरोपी भुवन पैंकरा को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त टांगा जप्त कर पुख्ता साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां पेश किया। अभियोजन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक राजू दास के द्वारा की गई।
इस मामले की सुनवाई विद्धान न्यायाधीश श्री थॉमस एक्का, माननीय सत्र न्यायाधीश सूरजपुर के यहां हुई। माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी कर निर्णय दिनांक 11.08.2026 में प्रकरण की सम्पूर्ण परिस्थितियों, साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्ध आरोपी भुवन पैंकरा पिता खेमसाय पैंकरा उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम रैसरी, चौकी चेन्द्रा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अपराध में आजीवन कारावास और 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
अपराध की उत्कृष्ट विवेचना एवं पुख्ता साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) द्वारा विवेचक तत्कालीन एएसआई, वर्तमान एसआई लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।