गुरुवार, 9 जुलाई 2026

सूरजपुर में अब बीट पुलिसिंग और होगी मजबूत। डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के निर्देश पर ग्रामों व पंचायत भवन में लगी थाना-चौकी व बीट प्रभारियों के नाम व मोबाईल नंबर की जानकारी के पोस्टर।

 

सूरजपुर। जिले में बीट पुलिसिंग को मजबूत करने 27 जून 2026 को डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कार्यशाला का आयोजन कर थाना-चौकी व बीट प्रभारियों को बुनियादी पुलिसिंग को सुदृढ़ करते हुए जनता में सुरक्षा की भावना को बढ़ाने, जनता की शिकायतों को नम्रतापूर्वक सुनते हुए पेशेवर एवं गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित के साथ ही जिले के सभी पंचायतों व प्रमुख स्थानों पर थाना-चौकी, बीट प्रभारियों के नाम सहित मोबाईल नंबर का पोस्टर चश्पा कराने के निर्देश दिए थे।

        जिले के 22 थाना-चौकी क्षेत्रों के 72 बीट के 558 ग्रामों में थाना-चौकी प्रभारियों के द्वारा निर्देशों का क्रियान्वयन किया गया है जिसका जायजा लेने शुक्रवार, 03 जुलाई 2026 को डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर स्वयं खड़गवां के पंचायत भवन पहुंचे जहां पहले से ही चौकी प्रभारी व बीट प्रभारी, कर्मचारियों के नाम व मोबाईल नंबर की जानकारी चश्पा की जा चुकी थी।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग को मजबूत करने की इस मुहिम से अब आम जनता पुलिस तक आसानी से पहुंच बनाते हुए अपनी समस्या को बताकर निराकरण करा सकेंगे। क्षेत्र की अवैध गतिविधियां की सटीक जानकारी मिल सकेगी जिससे अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जायेगा। बीट आरक्षक क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर आम नागरिकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करेंगे, महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस रहेगा, स्कूल-कालेज में जाकर सुरक्षा, यातायात नियमों एवं नशे से बचाव के प्रति जागरूकता के आयोजन होंगे, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जायेगी, अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने हर संभव प्रयास किए जायेंगे ताकि पुलिस-जनता के बीच आपसी विश्वास और मजबूत हो सके।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।