मंगलवार, 23 जून 2026

सूरजपुर पुलिस को मिली मोबाईल फॉरेंसिक वैन की सौगात, अब घटना स्थल पर वैज्ञानिक पद्धति से होगा साक्ष्य संकलन। साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मिलेगी मजबूती। घटनास्थल जांच, साक्ष्य संगहण एवं वैज्ञानिक विश्लेषण हेतु अत्याधुनिक सुविधाए वैन में है मौजूद।

 

सूरजपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से सूरजपुर जिले को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सौगात मिली है। शनिवार, 23 मई 2026 को कोतवाली सूरजपुर से मोबाईल फारेंसिक वैन को प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री भीमसेन अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मुरली मनोहर सोनी एवं डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने विधिवत् पूजा-अर्चना कर हरी झण्डी दिखाकर वाहन को रवाना किया। अब तक अपराध स्थल से साक्ष्यों को प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगने के कारण साक्ष्यों के दूषित होने और जांच रिपोर्ट में विलंब की संभावना बनी रहती थी। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही साक्ष्य संरक्षण, प्रारंभिक परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण संभव हो सकेगा, जिससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
          छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराध जांच को मजबूत करने के लिए 32 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का संचालन हाल ही में प्रारंभ कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को रायपुर के माना पुलिस परेड ग्राउंड से इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसी क्रम में जिला सूरजपुर में मोबाईल फारेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया है।
                डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने मोबाइल फॉरेंसिक वैन की विशेषताएं बताते हुए कहा कि अब सटिक जांच होगी जिससे त्वरित न्याय मिल सकेगा, नए कानूनों का मुख्य उद्धेश्य वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित जांच को बढ़ावा देना है जो विश्वसनीय, निष्पक्ष और न्यायालय में अधिक प्रभावी सिद्ध होगें। इस वैन की उपलब्धता से अब मौके पर त्वरित जांच, घटना स्थल पर ही फिंगर प्रिंट, रक्त के नमूने और कपड़ों के रेशे जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए जायेंगे। यह वैन आधुनिक उपकरण से लैस है जिनमें डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, नार्काेटिक्स परीक्षण किट और फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं। अब घटना स्थल से साक्ष्य नष्ट होने की संभावना नहीं के बराबर होगी और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह वैन जनरेटर सुविधा से भी लैस है जहां बिजली की सुविधा नहीं होगी वहां यह जनरेटर 5 घंटे तक बिजली की रौशनी में कार्य कर सकेगा।
                 प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री भीमसेन अग्रवाल ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मुरली मनोहर सोनी ने कहा कि अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर साक्ष्य संकलन करेगी जिससे साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूती मिलेगी। यह सेवा प्रदेश सहित जिले में पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय जांच व्यवस्था सुनिश्चित करेगी तथा त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
         संयुक्त संचालक एफएसएल आर.के.पैंकरा ने मोबाईल फोरेंसिक वैन में उपलब्ध किट्स एवं उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा ने कहा कि अपराध की विवेचना में एफएसएल की रिपोर्ट आने में विलंब होता था अब इस सुविधा के प्रारंभ होने से रिपोर्ट जल्द मिलेगी और पीड़ित को जल्द न्याय मिल सकेगा। कार्यक्रम का संचालन निरीक्षक जावेद मियादाद ने किया।
           इस अवसर पर जिला महामंत्री शशिकांत गर्ग, नपा उपाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, रितेश गुप्ता, संयुक्त संचालक एफएसएल अम्बिकापुर आर.के.पैंकरा, उप संचालक अभियोजन विरेन्द्र लकड़ा, डीपीओ मनोज चतुवेदी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा, जीपी राजूदास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी व गणमान्य नागरिकगण मौजूद रहे।

डीआईजी/एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का किया शुभारंभ। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा और जवानों को फिट रखने कराई जा रही है प्रतियोगिता।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुलिस लाइन पर्री में सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन बुधवार, 20 मई 2026 को किया। उद्घाटन कार्यक्रम में डीआईजी/एसएसपी ने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को बेहतर टीमवर्क से जोड़ना और शारीरिक व मानसिक फिटनेश को बनाए रखना है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न ग्रामों की टीम भी भाग ले रही है, इस प्रतियोगिता के जरिए आमजनता व पुलिस के बीच सामान्जस्य को और मजबूत करने की यह एक मजबूत पहल है।
            इस अवसर पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने कहा कि यह आईपीएल की तर्ज पर सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग (एसपीपीएल) क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई है जिसमें पुलिस अनुभाग अन्तर्गत आने वाले थानों में पदस्थ अधिकारी व जवानों तथा विभिन्न ग्रामों के आमजनता की टीम क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रही है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारी लगातार ड्यूटी में डटे रहते है ऐसे में उन्हें रिलेक्स देनेे का यह एक मजबूत जरिया है। खेलकूद से उनका मानसिक तनाव दूर होगा साथ ही पुलिस जवानों के शारीरिक व मानसिक फिटनेश को बरकरार रखने और आमजनता व पुलिस के बीच मधुर संबंध को लेकर भी इस प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया है। प्रतियोगिता का पहला मैच बजरंग इलेवन व मनी इलेवन के मध्य खेला गया। जिसमें बजरंग इलेवन ने मनी इलेवन को 30 रनों से पराजित किया। इस रोमाचंक मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
            इस प्रतियोगिता को लेकर रक्षित निरीक्षक अशोक गिरी ने आकर्षक त्यौहारी कराई। क्रिकेट टीम में डीएसपी स्तर से लेकर आरक्षकगण तथा ग्रामीणों की टीम शामील है। यह सूरजपुर पुलिस का सराहनीय कदम है जो इस प्रकार के टूर्नामेंट का आयोजन कर रही है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, एसडीओपी अभिषेक पैंकरा, पुलिस के अधिकारी व जवान, पुलिस के परिजन सहित काफी संख्या में नागरिकगण मौजूद रहे।

शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सूरजपुर पुलिस सख्त। अब तक 25369 लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई। 219 प्रकरणों में शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों पर माननीय न्यायालय किया 20 लाख 1 हजार रूपये का जुर्माना।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्धेश्य से जिले की पुलिस लगातार सघन वाहन चेकिंग का अभियान चला रही है। इस दौरान पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों सहित यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
            वर्ष 2026 में अब तक शराब पीकर वाहन चलाने के 219 प्रकरणों में वाहन जप्ती की कार्यवाही कर चालान न्यायालय पेश किया गया जहां से चालकों को 20 लाख 1 हजार रूपये का जुर्माना हुआ है। इसके अलावे बिना हेलमेट के 2250 प्रकरण, बिना सीटबेल्ट के 2250 प्रकरण सहित कुल 25369 प्रकरणों में 86 लाख 65 हजार 200 रूपये का समन शुल्क अर्जित किया गया है। इसी क्रम में दिनांक 6-7 मई 2026 को यातायात प्रभारी के द्वारा कर्मा चौक व अग्रसेन चौक के चेकिंग प्वाईंट पर इनोवा वाहन क्रमांक सीजी 13 एई 1810 एवं पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 15 सीवाय 6344 के चालक को शराब के नशे में पाया जिनके वाहनों को जप्त कर धारा 185 का इस्तगाशा तैयार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से इनोवा चालक को 10500/- रूपये का जुर्माना लगाया गया।

पुलिस की प्राथमिकता।
        शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन के लिए खतरनाक है बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दाेष लोगों के लिए भी बड़ा खतरा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा निरंतर जांच अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ लायसेंस निरस्त की कड़ी कार्यवाही कराई जा रही है।

सूरजपुर पुलिस का संदेश। 
        शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध है। ऐसे लापरवाह वाहन चालकों की वजह से सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आमजन से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात में सहयोग दें। जनहित एवं सड़क सुरक्षा को सर्वाेपरि रखते हुए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी ताकि सड़क पर हर व्यक्ति सुरक्षित रह सके। उक्त अभियान में जिले के समस्त थाना-चौकी की पुलिस टीम सक्रिय, समन्वित एवं सतर्क भूमिका में रही, जिनके द्वारा प्रभावी एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

पीट एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को तीन माह की हुई जेल, सूरजपुर पुलिस द्वारा पिट एनडीपीएस केस कार्यवाही के लिए बनाकर कसा जा रहा शिकंजा।


 सूरजपुर। आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा के कड़े निर्देश और ड्रग पैडलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश का प्रभावी असर देखने को मिल रहा है। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर आदतन अपराधी जो एनडीपीएस मामलों में लगातार सक्रिय हैं, उनका पिट एनडीपीएस के तहत प्रकरण तैयार कर सरगुजा संभाग कमिश्नर कोर्ट में कार्यवाही के लिए भेजा गया।

            कमिश्नर सरगुजा संभाग, सरगुजा श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने प्रकरण की सुनवाई 29.04.2026 को पूरी करते हुए पिट एनडीपीएस एक्ट 1988 की धारा-3 सहपठित धारा 10 के तहत आरोपी विकास राव पिता स्व. के. सत्यनारायण राव निवासी शिवनंदनपुर, थाना विश्रामपुर को 3 माह जेल की सजा सुनाई है। आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी को जिला जेल भेज दिया है। सख्ती के पीछे मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाना है।

अपराध सभा में डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के कड़े निर्देश, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ करें पुलिसिंग अवैध कार्यो की सूचना पर फौरन करें कार्रवाई, लापरवाही पर होंगे सख्त एक्शन। साइबर फ्राड के मामले में त्वरित एक्शन लेने के निर्देश। हिट एंड रन मामले में पीड़ित या उनके परिवार को राहत दिलाने समय-सीमा में राहत प्रकरण भेजने के निर्देश।

 

सूरजपुर। अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निकाल में तेजी लाने, कानून व सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने गुरूवार, 30 अप्रैल 2026 को जिला पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुलिस राजपत्रित अधिकारी सभी थाना-चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने प्रभारियों को सख्त चेतावनी दी कि कार्यो में जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ पुलिसिंग की जाए, अवैध कार्यो शराब, गांजा-इंजेक्शन की सूचना पर फौरन कार्रवाई सुनिश्चित कर आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाए तथा लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेने की हिदायत दी, साथ ही सुशासन तिहार के मद्देनजर लगाए जाने वाले शिविर में प्रभारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। लंबित मामलों की समीक्षा में निराकरण की धीमी गति पर प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें आरोपियों की गंभीरतापूर्वक पतासाजी कर जल्द गिरफ्तारी सहित विधि संगत निराकरण करने के निर्देश दिए।
           क्राईम मीटिंग में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने साइबर/ऑनलाईन फ्राड के मामलों की समीक्षा कर कहा कि साइबर फ्राड के मामले में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, हिट एंड रन मामलों में समय सीमा के भीतर पीड़ित या उनके परिवार को राहत राशि दिलाने हेतु राहत प्रकरण तैयार कर भेजें, साइबर सुरक्षा, नशे से बचाव व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के आयोजन नियमित तौर पर करने तथा यातायात नियमों के उल्लघंन पर सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
        थाना-चौकी में जप्ती माल की जानकारी लेते हुए प्रभारियों को जप्ती माल का निराकरण प्राथमिकता से कराने, आमजनता की शिकायतों को प्राथमिकता से निराकरण करने, सीसीटीएनएस में एफआईआर सहित सभी प्रविष्टियों को समय पर पूर्ण कराने और थाना-चौकी प्रभारियों को तकनीकी रूप से अपडेट रहने एवं तकनीकी कुशलता से कार्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, डीएसपी अनूप एक्का, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

सूरजपुर पुलिस ने 18 ग्रामों में लगाया चलित थाना, कई शिकायतों का मौके पर ही किया निराकरण। चलित थाना लगाने का मुख्य उद्देश्य जनसेवा को आसान बनाना है-डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर। नागरिकों को साईबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी। शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किया गया प्रेरित। अवैध कार्यो की सूचना पुलिस को देने की अपील।

 

सूरजपुर। जनसेवा को आसान बनाने, आम जनता के शिकायतों का मौके पर निराकरण कर राहत पहुंचाने, साईबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए अभिव्यक्ति ऐप के बारे में प्रचार-प्रसार तथा गांवों में पुलिस की सक्रिय और प्रभावी उपस्थिति एवं सूचना तंत्र को प्रभावी ढंग से विकसित करने के उद्देश्य को लेकर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों को प्रत्येक गांव में चलित थाना लगाने के निर्देश दिए है।
27-28 अप्रैल 2026 को जिले के 18 ग्रामों में चलित थाना का आयोजन कर थाना-चौकी प्रभारी व पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों कहा कि पुलिस द्वारा चलित थाना लगाने का मुख्य उद्देश्य जनसेवा को आसान बनाना और कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखना है। सेवाओं को जनता के करीब लाना और लोगों को अपनी छोटी-मोटी शिकायतों या समस्याओं के लिए थाने के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए आज वे खुद उनके गांव पहुंचे है। इस मौके पर कई ग्रामीणों के शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट, साइबर अपराध सहित सुरक्षा से जुड़े पहलुओं के प्रति जागरूक निराकरण किया है। इसके साथ ही गांव में होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध व अवैध कार्यो की सूचना तत्काल पुलिस को देने की हिदायत दिया है। पुलिस की इस अभियान से ग्रामीणों में उत्साह है और पुलिस के कार्यो में सहयोग के लिए अब वे आगे आ रहे है। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों के द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

ठगी से सावधान रहने किया जागरूक।
        थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा आयोजित चलित थाना के दौरान ग्रामीणों को म्यूल अकाउंट, डिजिटल अरेस्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट एक साइबर स्कैम है, जिसमें फ़र्ज़ी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूले जाते हैं। यह एक तरह का ऑनलाइन ब्लैकमेल है, डिजिटल अरेस्ट में, फ़र्ज़ी अधिकारी वीडियो कॉल पर लोगों को डराते-धमकाते हैं और उन्हें गिरफ़्तारी के झूठे बहाने से डिजिटल रूप से बंधक बना लेते हैं, इस दौरान वे लोगों से लगातार वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए कहते हैं और पैसे ट्रांसफ़र करवाते रहते हैं। डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत एक मैसेज या फ़ोन कॉल के साथ होती है। फ़र्ज़ी अधिकारी, पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स, आरबीआई, या दिल्ली या मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर बात करते हैं, वे लोगों को यह बताते हैं कि उनके पैन और आधार का इस्तेमाल करके तमाम चीज़ें खरीदी गई हैं या मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। कई बार यह भी दावा किया जाता है कि वे कस्टम विभाग से बोल रहे हैं और आपके नाम से कोई पार्सल आया है जिसमें ड्रग्स या प्रतिबंधित चीज़ें हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आसान भाषा में कहा जाए तो डिजिटल अरेस्ट में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डरा-धमकाकर उनसे बड़ी रकम वसूल कर लेते है।

मौजूद ग्रामीण, महिलाओं व बच्चों को कानून की जानकारी देते हुए अपराध से बचने की समझाईश दी। 
        वर्तमान दौर साइबर अपराध म्यूल अकाउंट, बैंक एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने तथा बैंक का अधिकारी अथवा कर्मचारी बनकर मोबाइल से आधार कार्ड एवं एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी प्राप्त कर बैंक खातों से रकम पार करने की घटित हो रही घटनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को देते हुए ठगी का शिकार होने से बचने की सलाह दी। इसी क्रम यातायात नियमों की जानकारी देते हुए उसका पालन करने की अपील की। साईबर अपराध, महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों, प्राकृतिक आपदा के मामले में राहत राशि, सहित विधिक जानकारियों से अवगत कराते हुए कहा कि पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। महिला सुरक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी अभिव्यक्ति ऐप के बारे में अवगत कराया। इसी क्रम में नशा न करने की समझाईश देते हुए नशे से होने वाली आर्थिक, सामाजिक एवं शारीरिक हानियों के बारे में अवगत कराया।

अवैध कार्यो की सूचना देने की अपील।
चलित थाना के दौरान थाना-चौकी प्रभारी व पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को अवैध कारोबार, अवैध शराब, नशे के धंधे में लिप्त लोगों, जुआ खेलने वालों की सूचना देने की अपील किया ताकि उनके विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही की जा सके। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, सरपंच, पंच व ग्रामवासियों के सुझाव भी लिए गए। यातायात नियमों की जानकारी देकर उसका पालन करने, घटना-दुर्घटना की सूचना फौरन देने तथा सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद कर राहवीर (गुड सेमेटेरियन) बनते हुए उन्हें तत्काल नजदीक के अस्पताल ले जाने हेतु प्रोत्साहित किया है।

चोरी के मोटर सायकल सहित 1 व्यक्ति को चौकी बसदेई पुलिस ने किया गिरफ्तार।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने जिले के थाना-चौकी प्रभारियों को अवैध कार्यो पर पूर्णतः अंकुश लगाने व किसी प्रकार की अवैध कार्यो की सूचना पर विधि के अनुसार चेकिंग कर सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। इसी परिप्रेक्ष्य में दिनांक 26.04.2026 को चौकी बसदेई पुलिस को मुखबीर से सूचना मिला कि ग्राम बसदेई हाई स्कूल के सामने मेन रोड के पास एक व्यक्ति चोरी का मोटर सायकल एच.एफ. डिलक्स बिना नम्बर का बिकी करने के लिये ग्राहक की तलाश कर रहा है।
        सूचना पाकर चौकी बसदेई पुलिस फौरन मौके पर पहुंची जहां मोटर सायकल सहित जगरनाथ दुबे उर्फ टांगर पंडित पिता स्व. रामप्यारे दुबे उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम बिरमताल को पकड़ा जिससे मोटर सायकल का दस्तावेज की मांग किए जाने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया और बताया कि मोटर सायकल को 8-9 पहले एक अन्य व्यक्ति के साथ विश्रामपुर के आसपास गांव से चोरी किए थे। मोटर सायकल चोरी का होने के पूर्ण अंदेशा पर धारा धारा 35(1-घ)/303(2) बीएनएस के तहत कार्यवाही कर मोटर सायकल जप्त कर आरोपी जगरनाथ दुबे को गिरफ्तार किया गया। वहीं फरार 1 अन्य आरोपी की पतासाजी की जा रही है। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल व उनकी टीम सक्रिय रही।

दिवंगत प्रधान आरक्षक की पत्नी को डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर ने दी महिला आरक्षक के पद अनुकम्पा नियुक्ति।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने दिवंगत प्रधान आरक्षक जवाहर लाल सिंह की पत्नी दुर्गावती सिंह को सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को महिला आरक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया है। सेवा के दौरान आकस्मिक मृत्यु को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा ने अनुकंपा नियुक्ति संबंधी सभी कार्रवाई जल्द पूरी करते हुए नियुक्ति देने के निर्देश दिए थे।
            इसी क्रम में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने सोमवार को दुर्गावती सिंह को महिला आरक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने चर्चा कर आवास के बारे में पूछा जिस पर नवनियुक्त महिला आरक्षक ने आवासगृह की आवश्यकता बताई जिस पर उन्होंने दुर्गावती को जल्द आवासगृह आबंटित करने का आश्वासन दिया है।

सूरजपुर में हुआ अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन। अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल है एक मूल्यवान अभ्यास, पुलिस व अग्निशमन दल का है एक ही उद्देश्य जीवन बचाना- डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को पुलिस लाईन सूरजपुर में नगर सेना के अग्निशमन दल के द्वारा पुलिस अधिकारी व जवानों को अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें आग से बचाव, आपातकालीन स्थितियों से निपटने और आग लगने के दौरान शांत रहने के महत्व पर बहुमूल्य जानकारी प्रदान की गई। जिले में राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह (14 से 20 अप्रैल) तक आयोजित होंगे जिसके तहत अग्निशमन दल के द्वारा स्कूल, कालेजों, कारखानों व महत्वपूर्ण स्थानों पर आग लगने के दौरान जान-माल की सुरक्षा कैसे कर सकते है उसके लिए डेमो देकर जानकारी साझा की जायेगी।
इस अवसर पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि जब हम वर्दी धारण कर किसी घटना-दुर्घटना, आग जैसी उत्पन्न आपात स्थिति में राहत और बचाव के लिए पहुंचते है तो सभी को लगता है कि हम सब इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशिक्षित है। ऐसे परिस्थिति से निपटने के लिए हमें प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है ताकि हम लोगों की जान बचा सके। इस ड्रिल में आग से बचाव, आपातकालीन स्थितियों से निपटने और आग लगने के दौरान अपनी और वहां मौजूद लोगों को किस तरह से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। ऐसी स्थिति में सावधानी बरतते हुए सुरक्षा को पहले रखें, अगर आग बड़ी है तो सतर्कता बरते, घबराए नहीं, सुरक्षित स्थान पर पहुंचे, अग्निशमन दल के पहुंचने का इंतजार करें। यह ड्रिल सुरक्षा का पूर्वाभ्यास है जिसमें समयबद्धता, समन्वय और शांति महत्वपूर्ण हैं। डीआईजी व एसएसपी श्री ठाकुर ने कहा कि कारखाने, संस्थानों सुनिश्चित करें कि अग्निशामक यंत्र उपलब्ध हों और काम कर रहे हों। अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल एक मूल्यवान अभ्यास है। पुलिस व फायर सर्विस का उद्देश्य एक ही है जीवन बचाना।
इस अवसर पर जिला अग्निशमन अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि आग लगने पर सबसे पहले शांत रहकर 101/112 पर कॉल करने, बिजली का मुख्य स्विच बंद करने, और यदि आग छोटी है तो फायर एक्सटिंग्यूशर या गीले कंबल का उपयोग करें। धुएँ से बचने के लिए झुककर बाहर निकलें, भीड़ न लगाएं और निकास मार्ग खुला रखें।

अग्निशमन दल द्वारा सुझाए गए प्रमुख उपाय।
अग्नि शमन दल ने बताया कि आग लगने पर तत्काल कार्रवाई करें, आग लगने पर घबराएं नहीं। छोटे स्तर की आग को तुरंत फायर एक्सटिंग्यूशर या रेत/मिट्टी डालकर नियंत्रित करें। बिजली/शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर पानी का प्रयोग कभी न करें। सबसे पहले मेन स्विच बंद करें।

अग्निशामक यंत्र के उपयोग के बारे में डिटेल जानकारी दी।
आग लगने पर सुरक्षित निकास के निर्देश अग्नि शमन दल ने बताए और कहा कि बिल्डिंग में आग लगने पर धुएँ से बचने के लिए झुककर या घुटनों के बल बाहर निकलें। लिफ्ट का उपयोग न करें। गैस सिलेंडर की आग पर यदि संभव हो तो सिलेंडर के रेगुलेटर को बंद करें, या रेगुलेटर पर गीला कंबल/बोरी डालकर ऑक्सीजन की आपूर्ति काट दें। सुरक्षित दूरी अपनाए, यदि आग बढ़ रही है, तो तुरंत बाहर निकलें और दमकल के आने तक सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इस ड्रिल के दौरान निरीक्षक जावेद मियादांद, राजेन्द्र साहू, उप निरीक्षक अग्निशमन राकेश पांडेय, पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।

सूरजपुर पुलिस ने गांजा तस्करी, खरीदी-बिक्री के मामले में इंड-टू-इंड विवेचना कर अब तक 7 आरोपियों को किया गिरफ्तार। गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पतासाजी है जारी।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने नशे के विरूद्ध जीरो टारलेस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। इसी परिप्रेक्ष्य में थाना प्रेमनगर पुलिस ने इंड टू इंड विवेचना कर गांजा के तस्करी, खरीदी-बिक्री करने वालों के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही कर इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
बीते दिनांक 22.06.2025 को थाना प्रेमनगर पुलिस ने मुखबीर से सूचना पर ग्राम सरसताल निवासी शशिभूषण दुबे पैदल सिरमिना-कोरबा की ओर से अपने घर की ओर गांजा लेकर जाने की सूचना पर दबिश देकर उसे पकड़ा जिसके कब्जे से करीब 1 लाख 30 हजार रूपये कीमत के 4 किलो 350 ग्राम गांजा जप्त कर अपराध क्रमांक 76/2026 धारा 20बी, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर उसे गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ पर उसने कृष्णा लाल तुरिया निवासी ग्राम बेलदगी थाना लखनपुर से खरीदकर लाना बताया जिसके बाद दिनांक 11.07.2025 को पुलिस ने दबिश दी जिसमें कृष्णा व मिनकेतन यादव निवासी सुदरगढ़ उड़ीसा के साथ मोटर सायकल में गांजा लेकर ग्राहक को देने जाने के दौरान दोनों को पकड़ने घेराबंदी की गई जो कृष्णा तुरिया अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला और मिनकेतन यादव को पकड़ा गया जिसे दिनांक 12.07.2025 को गिरफ्तार किया गया।
        पूछताछ पर मिनकेतन यादव ने बताया कि टिकेश यादव उर्फ टिकेश्वर यादव निवासी लैलंुगा जिला रायगढ़ का गांजा तस्करी में शामील होना बताने से टिकेश को दिनांक 22.09.2025 तथा कृष्णा तुरिया को दिनांक 10.02.2026 को गिरफ्तार किया गया। आरोपी कृष्णा तुरिया ने पूछताछ पर बताया कि अपने साथी ओमप्रकाश व मोतीलाल के साथ उड़ीसा से गांजा लाकर शशिभूषण, विश्राम राजवाड़े, अघनू को बिक्री करता था। दिनांक 22.06.2025 को थाना जयनगर पुलिस द्वारा ओमप्रकाश बसोर व मोतीलाल बसोर को पकड़ा था जिनके कब्जे से करीब 24 लाख कीमत के 80 किलो गांजा जप्त कर दोनों को गिरफ्तार किया गया था।
           अब तक की कार्यवाही में आरोपी शशिभूषण दुबे, मिनकेतन यादव, टिकेश यादव उर्फ टिकेश्वर यादव, कृष्णा लाल तुरिया, ओमप्रकाश बसोर, विश्राम राजवाड़े, अघनु अगरिया की गिरफ्तारी की जा चुकी है तथा एक बोलेरो, एक मोटर सायकल जप्त किया है। मामले में थाना प्रेमनगर पुलिस के द्वारा इंड टू इंड विवेचना कर गांजा के तस्करी, खरीदी-बिक्री करने वालों के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही करने में लगी हुई है। मामले से जुड़े उड़ीसा के गांजा तस्करों की पतासाजी जारी है।
                मामले की विवेचना के दौरान दिनांक 24.03.2026 को विश्राम राजवाड़े पिता गौतम राजवाड़े उम्र 39 वर्ष ग्राम लटोरी थाना लखनपुर जिला सरगुजा एवं दिनांक 25.03.2026 को अघनु अगरिया उर्फ अगुनु उर्फ अभिषेक पिता तिहार साय उम्र 27 वर्ष ग्राम उमेश्वरपुर चौकी सलका उमेश्वरपुर को दबिश देकर पकड़ा गया। पूछताछ पर दोनों ने गांजा के अवैध खरीदी-बिक्री में शामील होना स्वीकार किए जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी प्रेमनगर विश्राट बिशी, प्रधान आरक्षक महेन्द्र पटेल, प्रमोद लकड़ा, विनय किस्पोट्टा, आरक्षक दीपक यादव, संतोष ठाकुर, सत्यम सिंह, हरिश्चंद दास, बृजेश काशी, सम्हर लाल पोर्ते, राजकुमार, बाबुनाथ पोर्ते, नवीन बेक, कृष्णा सिंह व महिला आरक्षक सिंधु कुजूर सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।