मंगलवार, 23 जून 2026

अपराध सभा में डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के कड़े निर्देश, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ करें पुलिसिंग अवैध कार्यो की सूचना पर फौरन करें कार्रवाई, लापरवाही पर होंगे सख्त एक्शन। साइबर फ्राड के मामले में त्वरित एक्शन लेने के निर्देश। हिट एंड रन मामले में पीड़ित या उनके परिवार को राहत दिलाने समय-सीमा में राहत प्रकरण भेजने के निर्देश।

 

सूरजपुर। अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निकाल में तेजी लाने, कानून व सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने गुरूवार, 30 अप्रैल 2026 को जिला पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुलिस राजपत्रित अधिकारी सभी थाना-चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने प्रभारियों को सख्त चेतावनी दी कि कार्यो में जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ पुलिसिंग की जाए, अवैध कार्यो शराब, गांजा-इंजेक्शन की सूचना पर फौरन कार्रवाई सुनिश्चित कर आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाए तथा लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेने की हिदायत दी, साथ ही सुशासन तिहार के मद्देनजर लगाए जाने वाले शिविर में प्रभारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। लंबित मामलों की समीक्षा में निराकरण की धीमी गति पर प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें आरोपियों की गंभीरतापूर्वक पतासाजी कर जल्द गिरफ्तारी सहित विधि संगत निराकरण करने के निर्देश दिए।
           क्राईम मीटिंग में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने साइबर/ऑनलाईन फ्राड के मामलों की समीक्षा कर कहा कि साइबर फ्राड के मामले में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, हिट एंड रन मामलों में समय सीमा के भीतर पीड़ित या उनके परिवार को राहत राशि दिलाने हेतु राहत प्रकरण तैयार कर भेजें, साइबर सुरक्षा, नशे से बचाव व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के आयोजन नियमित तौर पर करने तथा यातायात नियमों के उल्लघंन पर सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
        थाना-चौकी में जप्ती माल की जानकारी लेते हुए प्रभारियों को जप्ती माल का निराकरण प्राथमिकता से कराने, आमजनता की शिकायतों को प्राथमिकता से निराकरण करने, सीसीटीएनएस में एफआईआर सहित सभी प्रविष्टियों को समय पर पूर्ण कराने और थाना-चौकी प्रभारियों को तकनीकी रूप से अपडेट रहने एवं तकनीकी कुशलता से कार्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, डीएसपी अनूप एक्का, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।