सोमवार, 17 अगस्त 2026

जमीन विवाद को लेकर प्राण घातक हमला करने वाले 3 और आरोपियों को चौकी बसदेई पुलिस ने किया गिरफ्तार, पूर्व में हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी।


 सूरजपुर। ग्राम जूर निवासी हसीना बीबी ने चौकी बसदेई में रिपोर्ट दर्ज कराया कि मोहम्मद आयुब के परिवार के साथ इन लोगों का जमीन विवाद चल रहा है। दिनांक 14.04.2026 को प्रार्थीया अपने ससुर सफी अहमद, बहू सहेबा के साथ खेत में बनाये झाला के खाट में बैठी थी तो शाम करीब 05.00 बजे अयुब अंसारी, अयुब का दोनों लड़का भतीजा एवं पत्नी सभी लोग एक राय होकर डण्डा लाठी लेकर वहां पर आये और प्रार्थीया को गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर झगड़ा विवाद करने लगे। उसी समय प्रार्थीया का पति मो. यासीन झगड़ा विवाद सुनकर वहां पर दौड़ते हुए आये तो उसे आरोपी आयुब अंसारी, उसकी पत्नी लड़का और भतीजा असलम अंसारी के द्वारा गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर डण्डा से मारपीट कर प्राण घातक चोट पहुंचाए। बीच बचाव के दौरान बहु, भांजा, ससुर को भी मारपीट किये। इसके पति के सिर में गंभीर चोट लगने से इलाज कराने हेतु तत्काल जिला अस्पताल सूरजपुर लेकर गये थे कि प्रार्थीया के रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 244/2026 धारा 296(बी), 351(3), 115(2), 191(1), 191(2), 109, 249 बी.एन.एस. पंजीबद्ध कर विवेचना करते हुए पूर्व में दिनांक 05.08.2026 को आरोपी असलम अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। वहीं फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी।

         पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने फरार आरोपियों की पतासाजी कर जल्द पकड़ने के निर्देश दिए थे। चौकी बसदेई पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी मोहम्मद आयुब अंसारी पिता स्व. अवैश करनी उम्र 50 वर्ष, अख्तर रजा पिता मोहम्मद अयुब अंसारी उम्र 27 वर्ष उमर रजा पिता मो. अयुब अंसारी उम्र 23 वर्ष सभी निवासी ग्राम जूर चौकी बसदेई को पकड़ा। पूछताछ पर आरोपियों ने अपने एक महिला रिश्तेदार की मदद से अम्बिकापुर, दंतेवाड़ा और भोपाल में लुक छिपकर रहना बताया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडे जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले में फरार अन्य आरोपी की पतासाजी की जा रही हैं। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी बसदेई योगेंद्र जायसवाल व उनकी टीम सक्रिय रही।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।