सोमवार, 17 अगस्त 2026

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर सूरजपुर पुलिस का विशेष अभियान, एल्कोमीटर से वाहन चालकों की हुई जांच, 3 वाहन चालक नशे में वाहन चलाते पाए गए।

 

सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देशानुसार जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 06 अगस्त 2026 को जिले के थाना-चौकी की पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (एनएच-43) सहित अन्य मार्गो पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया जो 03 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते मिले जिनके विरूद्ध कार्रवाई की गई है।
                पुलिस ने एनएच-43 सहित कई मार्गो से गुजरने वाले दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों की एल्कोमीटर (ब्रेथ एनालाइज़र) के माध्यम से जांच की। पुलिस ने वाहन चालकों को रोककर उनका ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया तथा यातायात नियमों का पालन करने के संबंध में आवश्यक समझाइश भी दी। जांच के दौरान 03 वाहन चालक शराब के नशे में पाए गए जिनके विरूद्ध धारा 185 एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही कर इस्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चालकों को बताया कि शराब के नशे में वाहन चलाना स्वयं के साथ-साथ अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है। सभी वाहन चालकों से वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करने की अपील की गई।
           पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जिलेभर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नियमित रूप से सघन जांच अभियान जारी रहेगा। भविष्य में शराब के नशे में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।