शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

किरायेदारों का सत्यापन अब अनिवार्य, जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने कलेक्टर सूरजपुर ने जारी किया आदेश। जिले को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराध मुक्त बनाने के सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाने में करें सहयोग- पुलिस अधीक्षक सूरजपुर।

 

सूरजपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा असामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य को लेकर पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के प्रतिवेदन पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सूरजपुर श्रीमती रेना जमी़ल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। यह आदेश जिले के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
जारी आदेश के अनुसार अब जिले में किसी भी मकान, भवन, दुकान या अन्य परिसर को किराये पर देने से पहले संबंधित किरायेदार का पूर्ण विवरण एवं सत्यापन निकटतम थाना या चौकी में देना अनिवार्य होगा। बिना पुलिस सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को किराये पर आवास या भवन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही होटल, लॉज, ढाबों तथा निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों का विवरण भी संबंधित थाना में उपलब्ध कराना होगा।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर के प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने यह निर्णय जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों की रोकथाम तथा संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। कई बार किरायेदारों का सत्यापन नहीं होने के कारण अपराधी तत्व अपनी पहचान छिपाकर वारदातों को अंजाम देते हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आदेश के तहत मकान मालिकों को किरायेदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान-पत्र एवं अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कर संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। यदि कोई किरायेदार अथवा उसके यहां आने वाला व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को देना भी आवश्यक होगा। होटल संचालकों को भी संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचानी होगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनहित, शांति व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दण्डनीय होगा। यह आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावशील रहेगा।

पुलिस अधीक्षक की जनता से अपील।
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने जिलेवासियों से अपील की है कि किरायेदारों का सत्यापन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज और परिवार की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक मकान मालिक, होटल संचालक एवं संस्थान प्रमुख इस आदेश का पालन करते हुए पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें, ताकि सूरजपुर को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त बनाने के सामूहिक प्रयासों को मजबूती मिल सके।

नाबालिक स्कूली छात्रों के वाहन चलाने पर सूरजपुर पुलिस सख्त, अभिभावकों को दी समझाइश। चेकिंग में 102 नाबालिक स्कूली छात्र दो पहिया वाहन चलाते मिले, पुलिस ने अभिभावकों के विरूद्ध की एमव्ही एक्ट की कार्रवाई।

 

सूरजपुर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री योगेश कुमार पटेल (भापुसे) द्वारा नाबालिक स्कूली छात्रों के वाहन चलाने पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। निर्देश के परिपालन में जिले की पुलिस के द्वारा 102 नाबालिक छात्रों को वाहन चलाते पाए जाने पर उन्हें पकड़ा और उनके अभिभावक के विरूद्ध तथा 58 अन्य लोगों को यातायात नियमों के उल्लघन पर कार्रवाई करते हुए कुल 160 प्रकरण में 71600 रूपये का समन शुल्क लिया है। पुलिस जिलेभर के स्कूलों में जाकर छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने और 18 वर्ष की आयु के उपरांत वैध ड्राईविंग लायसेंस बनने के बाद वाहन चलाने की लगातार समझाईश भी दे रही है।
बुधवार, 29 जुलाई 2026 को अभियान के दौरान स्कूलों के आसपास एवं प्रमुख मार्गों पर वाहन चेकिंग कर 102 नाबालिगों छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने पर उनके अभिभावकों को बुलाकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही कर 63000 रूपये का समन शुल्क लिया गया और उन्हें नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देने की समझाइश दी गई। इसी प्रकार चेकिंग के 58 वाहन चालक के द्वारा यातायात नियमों का उल्लघन करने पर एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही कर 8600 रूपये समन शुल्क लिया गया। अभियान के दौरान 4 लोगों के द्वारा शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने पर उनके विरूद्ध 185 के तहत कार्यवाही कर इस्तगाशा माननीय न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिक वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाहन स्वामी अथवा अभिभावक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विद्यालयों से भी विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया है।

पुलिस अधीक्षक की अपील। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने अपील करते हुए कहा कि नाबालिक छात्र-छात्राएँ देश का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील किया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति न दें। नाबालिकों द्वारा वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनके जीवन और दूसरों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। बच्चों को यातायात नियमों का पालन करना सिखाएँ, उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा करें।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।