मंगलवार, 23 जून 2026

सूरजपुर पुलिस को मिली मोबाईल फॉरेंसिक वैन की सौगात, अब घटना स्थल पर वैज्ञानिक पद्धति से होगा साक्ष्य संकलन। साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मिलेगी मजबूती। घटनास्थल जांच, साक्ष्य संगहण एवं वैज्ञानिक विश्लेषण हेतु अत्याधुनिक सुविधाए वैन में है मौजूद।

 

सूरजपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से सूरजपुर जिले को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सौगात मिली है। शनिवार, 23 मई 2026 को कोतवाली सूरजपुर से मोबाईल फारेंसिक वैन को प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री भीमसेन अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मुरली मनोहर सोनी एवं डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने विधिवत् पूजा-अर्चना कर हरी झण्डी दिखाकर वाहन को रवाना किया। अब तक अपराध स्थल से साक्ष्यों को प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगने के कारण साक्ष्यों के दूषित होने और जांच रिपोर्ट में विलंब की संभावना बनी रहती थी। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही साक्ष्य संरक्षण, प्रारंभिक परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण संभव हो सकेगा, जिससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
          छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराध जांच को मजबूत करने के लिए 32 अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का संचालन हाल ही में प्रारंभ कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को रायपुर के माना पुलिस परेड ग्राउंड से इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसी क्रम में जिला सूरजपुर में मोबाईल फारेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया है।
                डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने मोबाइल फॉरेंसिक वैन की विशेषताएं बताते हुए कहा कि अब सटिक जांच होगी जिससे त्वरित न्याय मिल सकेगा, नए कानूनों का मुख्य उद्धेश्य वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित जांच को बढ़ावा देना है जो विश्वसनीय, निष्पक्ष और न्यायालय में अधिक प्रभावी सिद्ध होगें। इस वैन की उपलब्धता से अब मौके पर त्वरित जांच, घटना स्थल पर ही फिंगर प्रिंट, रक्त के नमूने और कपड़ों के रेशे जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए जायेंगे। यह वैन आधुनिक उपकरण से लैस है जिनमें डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, नार्काेटिक्स परीक्षण किट और फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं। अब घटना स्थल से साक्ष्य नष्ट होने की संभावना नहीं के बराबर होगी और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी। यह वैन जनरेटर सुविधा से भी लैस है जहां बिजली की सुविधा नहीं होगी वहां यह जनरेटर 5 घंटे तक बिजली की रौशनी में कार्य कर सकेगा।
                 प्रदेश कार्य समिति सदस्य श्री भीमसेन अग्रवाल ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री मुरली मनोहर सोनी ने कहा कि अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच कर साक्ष्य संकलन करेगी जिससे साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूती मिलेगी। यह सेवा प्रदेश सहित जिले में पारदर्शी, समयबद्ध और विश्वसनीय जांच व्यवस्था सुनिश्चित करेगी तथा त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
         संयुक्त संचालक एफएसएल आर.के.पैंकरा ने मोबाईल फोरेंसिक वैन में उपलब्ध किट्स एवं उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा ने कहा कि अपराध की विवेचना में एफएसएल की रिपोर्ट आने में विलंब होता था अब इस सुविधा के प्रारंभ होने से रिपोर्ट जल्द मिलेगी और पीड़ित को जल्द न्याय मिल सकेगा। कार्यक्रम का संचालन निरीक्षक जावेद मियादाद ने किया।
           इस अवसर पर जिला महामंत्री शशिकांत गर्ग, नपा उपाध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, रितेश गुप्ता, संयुक्त संचालक एफएसएल अम्बिकापुर आर.के.पैंकरा, उप संचालक अभियोजन विरेन्द्र लकड़ा, डीपीओ मनोज चतुवेदी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष बलराम शर्मा, जीपी राजूदास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी व गणमान्य नागरिकगण मौजूद रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।