मंगलवार, 23 जून 2026

शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सूरजपुर पुलिस सख्त। अब तक 25369 लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई। 219 प्रकरणों में शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों पर माननीय न्यायालय किया 20 लाख 1 हजार रूपये का जुर्माना।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्धेश्य से जिले की पुलिस लगातार सघन वाहन चेकिंग का अभियान चला रही है। इस दौरान पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों सहित यातायात नियमों का उल्लघंन करने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
            वर्ष 2026 में अब तक शराब पीकर वाहन चलाने के 219 प्रकरणों में वाहन जप्ती की कार्यवाही कर चालान न्यायालय पेश किया गया जहां से चालकों को 20 लाख 1 हजार रूपये का जुर्माना हुआ है। इसके अलावे बिना हेलमेट के 2250 प्रकरण, बिना सीटबेल्ट के 2250 प्रकरण सहित कुल 25369 प्रकरणों में 86 लाख 65 हजार 200 रूपये का समन शुल्क अर्जित किया गया है। इसी क्रम में दिनांक 6-7 मई 2026 को यातायात प्रभारी के द्वारा कर्मा चौक व अग्रसेन चौक के चेकिंग प्वाईंट पर इनोवा वाहन क्रमांक सीजी 13 एई 1810 एवं पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 15 सीवाय 6344 के चालक को शराब के नशे में पाया जिनके वाहनों को जप्त कर धारा 185 का इस्तगाशा तैयार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहां से इनोवा चालक को 10500/- रूपये का जुर्माना लगाया गया।

पुलिस की प्राथमिकता।
        शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन के लिए खतरनाक है बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दाेष लोगों के लिए भी बड़ा खतरा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस द्वारा निरंतर जांच अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले एवं शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ लायसेंस निरस्त की कड़ी कार्यवाही कराई जा रही है।

सूरजपुर पुलिस का संदेश। 
        शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध है। ऐसे लापरवाह वाहन चालकों की वजह से सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आमजन से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात में सहयोग दें। जनहित एवं सड़क सुरक्षा को सर्वाेपरि रखते हुए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी ताकि सड़क पर हर व्यक्ति सुरक्षित रह सके। उक्त अभियान में जिले के समस्त थाना-चौकी की पुलिस टीम सक्रिय, समन्वित एवं सतर्क भूमिका में रही, जिनके द्वारा प्रभावी एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।