मंगलवार, 23 जून 2026

डीआईजी/एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का किया शुभारंभ। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा और जवानों को फिट रखने कराई जा रही है प्रतियोगिता।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुलिस लाइन पर्री में सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन बुधवार, 20 मई 2026 को किया। उद्घाटन कार्यक्रम में डीआईजी/एसएसपी ने कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी को बेहतर टीमवर्क से जोड़ना और शारीरिक व मानसिक फिटनेश को बनाए रखना है। इस प्रतियोगिता में विभिन्न ग्रामों की टीम भी भाग ले रही है, इस प्रतियोगिता के जरिए आमजनता व पुलिस के बीच सामान्जस्य को और मजबूत करने की यह एक मजबूत पहल है।
            इस अवसर पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने कहा कि यह आईपीएल की तर्ज पर सूरजपुर पुलिस प्रीमियर लीग (एसपीपीएल) क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई है जिसमें पुलिस अनुभाग अन्तर्गत आने वाले थानों में पदस्थ अधिकारी व जवानों तथा विभिन्न ग्रामों के आमजनता की टीम क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रही है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारी लगातार ड्यूटी में डटे रहते है ऐसे में उन्हें रिलेक्स देनेे का यह एक मजबूत जरिया है। खेलकूद से उनका मानसिक तनाव दूर होगा साथ ही पुलिस जवानों के शारीरिक व मानसिक फिटनेश को बरकरार रखने और आमजनता व पुलिस के बीच मधुर संबंध को लेकर भी इस प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया है। प्रतियोगिता का पहला मैच बजरंग इलेवन व मनी इलेवन के मध्य खेला गया। जिसमें बजरंग इलेवन ने मनी इलेवन को 30 रनों से पराजित किया। इस रोमाचंक मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
            इस प्रतियोगिता को लेकर रक्षित निरीक्षक अशोक गिरी ने आकर्षक त्यौहारी कराई। क्रिकेट टीम में डीएसपी स्तर से लेकर आरक्षकगण तथा ग्रामीणों की टीम शामील है। यह सूरजपुर पुलिस का सराहनीय कदम है जो इस प्रकार के टूर्नामेंट का आयोजन कर रही है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, एसडीओपी अभिषेक पैंकरा, पुलिस के अधिकारी व जवान, पुलिस के परिजन सहित काफी संख्या में नागरिकगण मौजूद रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।