गुरुवार, 8 मई 2025

आनलाईन ठगी से बचाव के लिए डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने ली बैंक प्रबंधकों की बैठक। नए खाते खोलने एवं खातो में मोबाईल नंबर अपडेट करने के पहले तस्दीक करने के निर्देश। पुलिस अधिकारी, पुलिस कन्ट्रोल रूम और बैंक अधिकारियों का बनेगा वाटसएप ग्रुप।

 

सूरजपुर। भय और लालच में आकर लोग बड़ी संख्या में सायबर ठगी का शिकार हो रहे हैं जिससे लोगों को बचाने के लिए डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने बैंक प्रबंधन के साथ एक बैठक की। इस बैठक में ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए बैंकों के साथ मिलकर काम करने की रणनीति पर चर्चा कर बैंकों को धोखाधड़ी की शिकायतें आसानी से हल करने और नागरिकों को ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में जागरूक करने के लिए कई सुझाव भी दिए। ऑनलाइन फ्रॉड को कम करने में बैंक महत्वपूर्ण भूमिका कैसे अदा कर सकता है उसके टिप्स भी बताए।

               मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 को डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने नगर के सभी बैंक प्रबंधकों की बैठक ली और कहा कि साइबर अपराध के दो पहलू है पहला बैंक और दूसरा मोबाईल सीम प्रोवाईड, दोनों तय प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें तो फ्राड को काफी हद तक रोका जा सकता है। बैंक में खाता खोलवाने वाले व्यक्ति की पूरी जांच पड़ताल के बाद खाता खोलेे, बैंक खाता में मोबाईल नंबर बदलने के पूर्व व्यक्ति की पूरी तस्दीक की जाए, संदिग्ध व्यक्ति जो अपना शहर छोड़कर आपके शाखा में खाता खोलवाने आता है तो उससे इसका कारण पूछे और पूर्ण संतुष्टी के उपरांत खाता खोली जाए। उन्होंने बैंक अफसरों से कहा कि ऑनलाइन ठगी के बाद किसी भी तरह की जानकारी मांगी जाती है तो उसे तुरंत उपलब्ध कराएं। इसमें देर होने पर ठग पुलिस की गिरफ्त से दूर हो जाते हैं। साइबर ठगी को रोकने के लिए बैंकों में अलर्ट सिस्टम हमेशा होना चाहिए। बैंक, एटीएम कैश वाहन, एटीएम सुरक्षा कार्ड में तैनात कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराए।
           डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने बैंक प्रबंधकों को कहा कि साइबर ठगी रोकने, संदिग्ध बैंक खातों की जांच एवं खाता खोलने के दौरान संबंधित व्यक्ति की पूर्ण तस्दीक की जाए, बैंक में साइबर फ्राड संबंधी शिकायतों को सुनने नोडल अधिकारी नियुक्त करने और साइबर ठगी से बचाव के पुख्ता कदम उठाने बैंक प्रबंधकों से चर्चा कर निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बैंक की सुरक्षा, ऑनलाईन फ्राड रोकने और ऐसे शिकायतों के निराकरण के लिए पुलिस अधिकारियों, पुलिस कन्ट्रोल रूम व बैंक प्रबंधन का वाटसएप गु्रप बनेगा ताकि कार्य में आसानी हो।
         कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है तो उसे बैंक से उसके खाते और जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, इसकी जानकारी समय पर दी जाए। इससे पीड़ितों का सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा। कई बार बैंकों की ओर से जानकारी समय पर नहीं दी जाती है। नतीजा मामला उलझता चला जाता है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, सीएसपी एस.एस.पैंकरा, थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, निरीक्षक जावेद मियादांद, साईबर सेल प्रभारी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सोहित गुप्ता, यूको बैंक राजेश पाण्डेय, यूनियन बैंक पुष्पेन्द्र वर्मा, आईडीएफसी बैंक मयंक अग्रवाल, एक्सीस बैंक अजित सोनी, सेन्ट्रल बैंक सोनल एक्का, एसबीआई रायपाल गुप्ता, ग्रामीण बैंक दीपक राज वर्मा, गोविन्द कुमार, एसबीआई कलेक्ट्रेट ब्रांच चांदनी कुमारी, आईसीआईसीआई बैंक पुष्पा राजवाड़े मौजूद रहे।

सूरजपुर पुलिस ने 1 लाख 15 हजार कीमत के नशीली दवाओं के साथ 1 व्यक्ति को किया गिरफ्तार।

 

सूरजपुर। जिले की पुलिस ने नशीली दवाओं के विक्रेताओं को नशे की सामग्री खपाने के पहले ही धरदबोचा है, आरोपी से कब्जे से 1 लाख 15 हजार कीमत के नशीली कफ सिरप व टेबलेट बरामद कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही किया है। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के कड़े तेवर के बाद से ही जिले की पुलिस निरंतर अवैध कारोबार व सूखा नशा के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही में लगी हुई है।
             इसी क्रम में दिनांक 19.04.2025 को चौकी रेवटी पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि बनारस रोड़ पर ग्राम चांचीडांड स्थित ढ़ाबा के पास एक व्यक्ति बस से उतरा है और नशीली दवाई अपने साथ रखा है जिसे बिक्री करने अथवा अन्यत्र कहीं ले जाने के लिए साधन खोज रहा है। चौकी रेवटी पुलिस सूचना की तस्दीक व कार्यवाही के लिए फौरन ग्राम चांचीडांड पहुंची और घेराबंदी कर प्रतीक वस्त्रकार पिता शरद वस्त्रकार उम्र 20 वर्ष निवासी कुंदरापारा, वार्ड क्र. 10 तिफरा, थाना सिरगिटी, जिला बिलासपुर को पकड़ा, जिसके कब्जे से 116 नग नशीली कफ सिरप व 90 नग नशीली टेबलेट जप्त किया, जिसकी बाजारू कीमत करीब 1 लाख 15 हजार रूपये है। मामले में नशीली कफ सिरप व टेबलेट जप्त कर धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी रेवटी कृष्णा सिंह, एएसआई ज्ञानचंद सिंह, प्रधान आरक्षक शिव राजवाड़े, आरक्षक निर्मल राजवाड़े, महेन्द्र कुमार, अशोक राजवाड़े, शिवभजन कुजूर, बिरन सिंह, तिरथ राजवाड़े, अनिरूद्ध पैंकरा, सैनिक श्याम प्रकाश पटेल सक्रिय रहे।

सूरजपुर पुलिस का साइबर फ्राड गिरोह पर कड़ा प्रहार, म्यूल खातों से 11 लाख रूपये से अधिक का ट्रांजेक्शन, साइबर फ्राड को 10 से 25 हजार रूपये लेकर बैंक खाता, एटीएम कराते थे उपलब्ध, अब तक 5 आरोपी किए गए गिरफ्तार।


 सूरजपुर। सूरजपुर पुलिस ने साइबर ठगों के नेटवर्क में शामिल 3 आरोपियों को पूर्व में पकड़ा था जिनसे मिले अहम सुराग के जरिये साइबर ठगों के लिए म्यूल बैंक अकाउंट, एमटीएम कार्ड देने के बदले ़10 से 25 हजार रूपये लेने वाले 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनके बैंक अकाउंट की पहचान कर ली गई है, जिसमें 11 लाख रूपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है।

दिनांक 16.04.2025 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय सूरजपुर से म्यूल एकाउंट से संबधित अपराध पंजीबद्ध करने हेतु जांच प्रतिवेदन मय दस्तावेज के प्राप्त हुआ है जो धारा 317(4), 318(2), 61(2)(ए) बीएनएस का अपराध घटित होना पाये जाने पर थाना विश्रामपुर में अपराध क्रमांक 83/2025 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
                  डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने ऑनलाईन सायबर फ्राड म्यूल अकाउंट के शिकायतों का गंभीरता से लेते कार्यवाही कर आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। थाना विश्रामपुर पुलिस ने अपराध विवेचना दौरान म्यूल एकाउंट खाता धारक चन्द्रदेव पैकरा को पकड़ा था जिसके बताये अनुसार उसके साथी कमलेश्वर सिंह व रूपन पैंकरा को भी पकड़ा। पूछताछ पर आरोपियों के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त म्यूल एकाउण्ट से संबंधित पासबुक, एटीएम व चेकबुक को जप्त कर तीनों आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सज्जन कुमार गुप्ता को पकड़ा गया, पूछताछ पर इसने बताया कि चन्द्रदेव, कमलेश्वर व रूपन के खाता को किराए पर लेकर अपने ऊपर के ब्यक्ति अनिल को प्रति सेविंग एकाउण्ट 10 हजार रूपए प्रति माह एवं प्रति करेन्ट एकाउण्ट 25 हजार रूपए नगद एवं खातों में प्राप्त करता था, इसके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाईल जप्त किया गया।
              म्यूल अकाउंट धोखाधड़ी की कड़िया जोड़ते हुए पुलिस ने अनिल कुमार को दबिश देकर पकड़ा जिसने बताया कि सज्जन गुप्ता से उसका तथा अन्य ब्यक्तियों का खाता ऑनलाईन फ्रॉड के पैसो को ट्रान्जेक्शन हेतु उपयोग करना बताते हुए उपरोक्त दिए गए खातों एवं स्वयं के खातों के एवज में प्रति ट्रान्जेक्शन पर 0.25 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त करना बताया। दोनों के करेन्ट एकाउण्ट पर फ्रॉड के पैसो का डिटेल निकालने पर अनिल के खातों में कुल 5 लाख 25 हजार 1 रूपये का ट्रांजेक्शन हुआ है जिसका ऑनलाईन शिकायत भारत के कई राज्य तमिलनाडू, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, वेस्ट बंगाल, गुजरात एवं मध्यप्रदेश में सायबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज है एवं आरोपी सज्जन प्रसाद गुप्ता के खातों में फ्रॉड का कुल 6 लाख 3 रूपये का ट्रान्जेक्शन हुआ है। जिसका सायबर पोर्टल पर भारत के कर्नाटका एवं महाराष्ट्र में शिकायत दर्ज है। मामले में आरोपी (1) सज्जन कुमार गुप्ता पिता राधेश्याम गुप्ता उम्र 36 वर्ष
निवासी जमीरा पाठ थाना सामरी पाठ जिला बलरामपुर (2) अनिल पिता शिव पूजन प्रसाद उम्र 49 वर्ष निवासी निवासी दाउद नगर, वार्ड नम्बर 18, थाना दाउद नगर, जिला औरंगाबाद बिहार को गिरफ्तार किया गया।
               कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व सीएसपी एस.एस.पैंकरा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विश्रामपुर अलरिक लकड़ा, एएसआई अविनाश सिंह, देवनाथ चौधरी, साईबर प्रभारी राकेश यादव, प्रधान आरक्षक नवीन सिंह, सोहर लाल पावले, दीपक चौधरी, आरक्षक युवराज यादव, रौशन सिंह, विनोद सारथी, जयप्रकाश यादव, आसिफ अख्तर, मनोज शर्मा, योगेश्वर सिंह, प्यारेलाल व कृष्णा सिंह सक्रिय रहे।

मॉ की हत्या करने वाले हत्यारे पुत्र को चौकी उमेश्वरपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार।

 

सूरजपुर। दिनांक 29.03.2025 को ग्राम उमेश्वरपुर निवासी विरेन्द्र सिंह ने अपने खलिहान से पैरा को ढोने के लिए गांव के 5 लोगों को अपने घर बुलाया था पैरा ढोने के बाद उसने घर के परछी में सभी को खिलाया पीलाया इस दौरान हल्ला शोर शराबा हो रहा था जिस पर विरेन्द्र सिंह की मॉ एतवारी उर्फ रतियारो के द्वारा हल्ला करने से मना करने पर विरेन्द्र के द्वारा आवेश में आकर डण्डा से मारकर हत्या कर दिया। मृतिका की पुत्री की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 38/2025 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। घटना के बाद से आरोपी फरार था।
               डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने हत्या के फरार आरोपी की पतासाजी कर जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। चौकी उमेश्वरपुर पुलिस आरोपी की पतासाजी में लगी थी इसी बीच प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी विरेन्द्र सिंह पिता नैनसाय उम्र 35 वर्ष ग्राम उमेश्वरपुर को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ पर उसने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डण्डा जप्त कर उसे गिरफ्तार किया गया। कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व एसडीओपी प्रेमनगर नरेन्द्र सिंह पुजारी के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी उमेश्वरपुर बिसुनदेव पैंकरा व उनकी टीम सक्रिय रही।

रात्रि गश्त कर रहे पुलिस जवानों की मुस्तैदी से पकड़ा गया बैंक में चोरी करने घुसा आरोपी।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने अपराधों की रोकथाम, बैंकों व एटीम की सुरक्षा एवं चेकिंग  के लिए प्रभावी व मुस्तैदी से रात्रि गश्त करने के निर्देश पुलिस अधिकारी व जवानों को दिए है जिसका वे खुद लगातार मानिटरिंग करते है। जिले की पुलिस के जवानों की चुस्त रात्रि गश्त के कारण बैंक में चोरी करने घुसे आरोपी को गश्त जवान की मुस्तैदी से समय रहते धरदबोचा गया और एक बड़ी घटना होने से टल गई। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने मुस्तैदी से रात्रि गश्त करने एवं एक बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले ही आरोपी को पकड़ने पर रात्रि गश्त जवानों तथा नाईट आफिसर को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।



दिनांक 17-18.04.2025 की दरम्यानी रात्रि में थाना झिलमिली में पदस्थ आरक्षक रामसुभग रवि व सैनिक अनिल विश्वकर्मा मुस्तैदी से रात्रि गश्त करते हुए बैंक एवं एटीएम को चेक कर रहे थे इसी क्रम में दोनों सेन्ट्रल बैंक शाखा झिलमिली पहुंचे और बैंक की सूक्ष्मता से मुआयना कर बैंक के पीछे पहुंचे जहां दोनों ने सेंधमारी देख इसकी जानकारी से नाईट आफिसर प्रधान आरक्षक सुखनंदन सिंह श्याम को अवगत करा मौके पर बुलाया। इस घटना की सूचना पाकर फौरन जोनल गश्त अधिकारी एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, थाना प्रभारी झिलमिली नसीमुद्दीन दलबल के साथ बैंक पहुंचे। पुलिस टीम के द्वारा पूरे बैंक की घेराबंदी कर सेंधमारी कर बैंक में चोरी की नियत से घुसे एक व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ पर उस व्यक्ति ने अपना नाम दिपेश साहू पिता भैयालाल साहू उम्र 19 वर्ष ग्राम बड़सरा, थाना झिलमिली को होना बताया। मामले में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्र. 69/2025 धारा 331(4), 305(ई), 62 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
           पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि सेन्ट्रल बैंक भैयाथान में चोरी करने का योजना बनाकर 17-18 अप्रैल की रात्रि में सब्बल, पेचकश, पलाश लेकर अपने मोटर सायकल से आया, मोटर सायकल को खड़ा कर बैंक के अहाता को पार कर बैंक के पीछे जाकर सब्बल से दिवाल में सेंध मारकर बैंक से पैसा चोरी के लिए घुसा था और पैसा खोज रहा था इसी बीच पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी के निशानदेही पर सब्बल, पेचकश, पलाश व मोटर सायकल जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

50 बोरी चोरी का कोयला व 13 मोटर सायकल जप्त, थाना सूरजपुर पुलिस की कार्यवाही।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने अवैध कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाने के सख्त निर्देश थाना-चौकी प्रभारियों को दिए है। इसी क्रम में दिनांक 16.04.2025 को थाना सूरजपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि गायत्री खदान से कोयला चोरी कर मोटर सायकल में परिवहन का प्रयास किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची जहां लावारिश हालत में मोटर सायकल तथा जमीन में कोयला से भरी बोरी पाये जाने पर 50 बोरी कोयला तथा 13 नग मोटर सायकल जप्त कर धारा 106 बीएनएसएस के तहत कार्यवाही की गई। मौके से जप्त मोटर सायकलों के वाहन स्वामी की पतासाजी की जा रही है ताकि उनके विरूद्ध भी कार्यवाही जा सके। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी विमलेश दुबे व उनकी टीम सक्रिय रही।

जेडएफटी टोकन के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले 2 आरोपियों को सूरजपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार।

 

सूरजपुर। दिनांक 11.04.2025 को वार्ड नंबर 12 इमलीपारा, भटगांव निवासी अनिल कुमार पिता जनगडना राम ने थाना भटगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसके पिता पिछले वर्ष एसईसीएल से रिटायर्ड हुए हैं जिनका ग्रेजुएटी का पैसा मिला था। जनवरी 2025 में भटगांव मार्केट में मोहम्मद जावेद अख्तर और प्रीतम कुमार से मुलाकात हुई जिनके द्वारा बताया कि वे क्रिप्टो करेंसी में काम करते हैं जिस प्रकार 2009 में बिट क्वाईन की कीमत लगभग 7 रूपये थी जो वर्तमान में बढकर 80-90 लाख रूपये है। इसी प्रकार बोले हम लोगों के पास जेडएफटी टोकन है जिसका मूल्य अभी 100 डॉलर के बराबर है जो आने वाले समय में कई गुना बढ़ सकता है, इसमें इन्वेस्टमेंट कर पैसा कई गुना बढ़ सकते है।
              जेडएफटी टोकन में कई लोगों का इन्वेस्टमेंट कराया गया है जिसका लाभ वे ले रहे हैं, जेडएफटी टोकन में इन्वेस्टमेंट कर मंथली का 10-12 प्रतिशत का लाभ ले सकते हैं जिसके लिए मोबाईल व लेपटाप के जरिये मेटामास वालेट में लिंक के माध्यम से कनेक्ट कर आईडी क्रियेट कर उस वालेट में जेडएफटी टोकन से वालेट एक्टिव किया गया, साथ ही इनवेस्टमेंट के अलावा नेवकिंग मोर्केटिंग के माध्यम से अन्य लोगों को इसमें इन्वेटमेंट कराने पर 3 प्रकार के फायदा होगें जिसमें लेबल प्रॉफिट, रिवार्ड, इनकप में रॉयल्टी के रूप में फोरेन ट्रिप व अन्य प्रकार के लालच देकर जेडएफटी टोकन में इन्वेस्टमेंट कराने के नाम फोन पे और बैंक खाता में के माध्यम से 7 लाख 75 हजार रूपये ट्रांसफर कराकर धोखाधड़ी किये है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना भटगांव में अपराध क्रमांक 56/2025 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस, 66डी, 74 आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
           मामले की सूचना पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों पतासाजी कर पकड़ने एवं पुख्ता पुख्ता साक्ष्य एकत्र करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व डीएसपी रितेश चौधरी के मार्गदर्शन में थाना भटगांव पुलिस के द्वारा दबिश देकर आरोपी (1) मोहम्मद जावेद अख्तर पिता लेयाकत हुसैन उम्र 40 वर्ष निवासी एमजी रोड़, खैगडिया बिहार (2) प्रीतम कुमार पिता ईश्वरदेव महतो उम्र 41 वर्ष निवासी मथुरापुर, भगत टोला खैगड़िया बिहार को पकड़ा। आरोपियों के निशानदेही पर मोबाईल, लेपटाप व एक कार जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के द्वारा अन्य लोगों से कई लाख रूपये और ठगी करने की बात सामने आई है जिसके संबंध में पूछताछ जारी है।
              इस कार्यवाही में निरीक्षक अमित कौशिक, थाना प्रभारी भटगांव सरफराज फिरदौसी, एएसआई राकेश यादव, बजरंगी चौहान, प्रधान आरक्षक आनंद कुमार सिंह, उदय सिंह, आरक्षक रौशन सिंह, युवराज यादव, विनोद सारथी, विकास पटेल, संतोष जायसवाल, दिनेश ठाकुर, ताराचंद यादव, अभय तिवारी, महेन्द्र प्रताप सिंह व पंकज आर्मो सक्रिय रहे।

सूरजपुर पुलिस ने नवीन कानूनों विषय पर कार्यशाला का आयोजित कर डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ को दी जानकारी।

 

सूरजपुर। 1 जुलाई 2024 से देशभर में 3 नए आपराधिक कानून अमल में आ चुके है। इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न पहलुओं से डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ को अवगत कराने कार्यशाला का आयोजन करने के निर्देश डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने दिए थे।
                 शनिवार, 12 अप्रैल 2025 को जिला पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में नए कानूनों पर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो के द्वारा जिला चिकित्साल के डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ को नए कानून के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इस विषय पर चर्चा कर कहा कि 1 जुलाई 2024 से नवीन तीनों कानून के तहत कार्य किए जा रहे है, पुराने कानून की जगह अब नए कानून के तहत कार्य किया जा रहा है। पुलिस एवं चिकित्सक तथा चिकित्सीय क्षेत्र से जुड़े सभी इनका अच्छी तरह अध्ययन करें जिससे इनका जनहित में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रमुख काम अपराध होने से पहले ही रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस की अपराध विवेचना सहित घायलों को चिकित्सीय उपचार, मुलाहिजा व पोस्ट मार्डम में डॉक्टर व उनकी टीम का बड़ी महत्वपूर्ण कार्य होता है जिसमें सहयोग करने की बात कही।
            डीएसपी रितेश चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा कि नए कानूनों में ऐसे बहुत से प्रावधान हैं, जो पुलिस को पहले से ज्यादा ताकतवर बनाते हैं। मसलन- पुलिस अब आरोपी को 90 दिन तक हिरासत में रख सकती है, पहले ये अवधि 15 दिन थी। बीएनएसएस के चैप्टर 13 के सेक्शन 173 में प्रावधान है कि पुलिस अधिकारी को किसी संगीन मामले की शिकायत मिलने पर प्रथम सूचना पत्र लिखने से पहले अपने सीनियर ऑफिसर से अनुमति लेकर 14 दिन की प्राथमिक जांच करनी होगी।’ यानी पुलिस अधिकारी को 14 दिन का समय मिलेगा, जिसमें वो तय करेगा कि मामले में प्रथम दृष्टया केस बनता है या नहीं। प्रत्येक दिवस पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी सभी थाना-चौकी व पुलिस कंट्रोल रूम के नोटिस बोर्ड में चश्पा किए जाने के बारे में बताया।
               डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप ने नए कानून के तहत जांच करने की शक्ति के बारे में बताया और कहा कि पुलिस को किसी मामले की जांच करने का अधिकार प्राप्त है। पुलिस मामले से जुड़े सबूतों, बयानों और वस्तुओं को भी इकट्ठा कर सकती है। साथ ही न्यायालय पुलिस को मामले की जांच करने के लिए आदेशित कर सकती हैं। बीएनएसएस में इसका जिक्र चैप्टर 13 के सेक्शन 173 से लेकर 196 तक है। बीएनएसएस के सेक्शन 43(3) के तहत पुलिस अधिकारी अपराध की प्रकृति और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय या ऐसे व्यक्ति को अदालत में पेश करते समय हथकड़ी का इस्तेमाल कर सकता है। इस दौरान थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय मरकाम, जिला चिकित्सालय के स्टाफ नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

भारी मात्रा में नशीली इंजेक्शन के साथ एक व्यक्ति को थाना सूरजपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के सख्त निर्देश पर थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा लगातार अवैध कारोबार व सूखा नशा के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। बुधवार की रात्रि में थाना सूरजपुर पुलिस ने एक व्यक्ति से 365 नग नशीली इंजेक्शन जप्त कर उसके विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट की कार्यवाही कर गिरफ्तार किया है।
             दिनांक 09.04.2025 के रात्रि में थाना सूरजपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना मिला कि ग्राम देवनगर निवासी मोहम्मद इस्माईल अंसारी अपने घर के पास में अवैध रूप से नशीली दवाईयों की बिक्री कर रहा है। थाना सूरजपुर पुलिस सूचना की तस्दीक व कार्यवाही हेतु मौके पर पहुंची जहां मोहम्मद इस्माईल अंसारी पिता स्व. रमजान अंसारी उम्र 32 वर्ष के कब्जे से रेक्सोजेसिक इंजेक्शन 187 नग व एविल इंजेक्शन 178 नग कुल 365 नग इंजेक्शन जप्त किया गया जिसकी बाजारू कीमत करीब 1 लाख 83 हजार रूपये है। मामले में नशीली इंजेक्शन जप्त कर धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एएसआई सुमंत पाण्डेय, आरक्षक रविराज पाण्डेय, दीपक किस्पोट्टा, रामचन्द्र राम व संत पैंकरा सक्रिय रहे।

सूरजपुर पुलिस ने पुलिस अधिकारी व जवानों को दिए नए तीन कानूनों के बारे में प्रशिक्षण। नए कानूनों का लगातार अध्ययन कर अपडेट रहने से कार्य में नहीं होगी कोई कठिनाई-डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता 2023,  भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के संबंध में गुरूवार, 10 अप्रैल 2025 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, एसडीओपी प्रतापपुर सौरभ उईके, डीएसपी अनूप एक्का, रितेश चौधरी के द्वारा पुलिस अधिकारी व जवानों को तीन नए कानून के प्रावधानों का विस्तार से जानकारी दिया।
              इस अवसर पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि प्रत्येक नागरिक किसी न किसी प्रकार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में कानून से जुडा होता है। इसलिए ये आवश्यक है कि हम सभी कानून में हुए बदलाव को लगातार अध्ययन करें व इसे समझे। जब हम अपडेट रहेंगे तो कार्य करने में कोई कठिनाई नहीं आयेगी, अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुख्ता साक्ष्य संकलित कर आरोपी को न्यायालय से सजा दिलाने, नये कानून में ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे कि ‘एसएमएस’ (मोबाइल फोन पर संदेश) के जरिये समन भेजने और सभी जघन्य अपराधों के वारदात स्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल किए गए है जिसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
               डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने पुलिस अधिकारी व जवानों को कहा कि पुलिस का मुख्य कर्तव्य अपराध की रोकथाम और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है इस कसौटी पर खरा उतरने सभी तत्परता से कार्य करें, पुलिस का उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षा की भावना को बढ़ाना और उनके परिवार की चिंता को कम करना है इसके लिए संवेदनशील होकर कार्य करें। महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में पूर्ण सावधानी बरतने के निर्देश दिए। शिकायतों को संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुनने, शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने, पदस्थापना वाले क्षेत्र में निरंतर जागरूकता अभियान चलाने ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं एवं बच्चों को नवीन कानूनों के बारे में जानकारी मिल सके साथ ही वर्तमान दौर में आमजन ठगी का शिकार न हो उसके उपाए से अवगत कराने के निर्देश दिए। इस प्रशिक्षण में जिले के पुलिस अधिकारी व जवान शामील हुए।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।