मंगलवार, 6 अगस्त 2024

सूरजपुर पुलिस की परामर्शदात्री एवं कल्याण समिति की बैठक सम्पन्न।

 

सूरजपुर। डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में शुक्रवार, 12 जुलाई 2024 को जिला स्तर पर गठित परामर्शदात्री एवं कल्याण समिति की बैठक जिला पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस कल्याण की दिशा में जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया जा रहा है और जवानों के वेलफेयर के लिए सदैव गंभीरता से कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि पुलिस कल्याण के लिए आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है जिनमें प्रमुख रूप से पुलिस लाईन में कैन्टीन खोलने, जवानों के परिजनों को सूखा राशन उपलब्ध कराने ग्रेन शॉप खोलने, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा मुव्हैया कराने पुलिस अस्पताल की व्यवस्था, डॉक्टर की उपलब्धता, पुलिस लाईन में वेल्डिंग, स्प्रे पेटिंग व हवा भरने की मशीन स्थापित कराने तथा पुलिस परिवार व उनके बच्चों के लिए ओपन जीम की स्थापना प्रमुख रूप से शामील है।
        इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी श्री एम.आर.आहिरे ने रक्षित निरीक्षक को पुलिस कल्याण पेट्रोप पम्प का शुभारंभ शीघ्र-अतिशीघ्र कराने के निर्देश दिए। बैठक में समिति के सदस्यों के द्वारा पुलिस वेलफेयर के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए जिस पर कार्यवाही हेतु पुलिस मुख्यालय रायपुर को प्रस्ताव भेजी जायेगी। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, रक्षित निरीक्षक अशोक गिरी, थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एसआई पुष्पा तिर्की, एसी-1 दशरथ पैंकरा, प्रधान आरक्षक उमाशंकर कुशवाहा, आरक्षक सूरज गुप्ता, अमित पाण्डेय व घनश्याम राजवाड़े उपस्थित रहे।

8 लाख रूपये कीमत के 3280 नग नशीली इंजेक्शन को थाना रामानुजनगर पुलिस ने किया जप्त। एनडीपीएस एक्ट के तहत् मामला पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर रही पुलिस।

सूरजपुर। डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) ने जिले के थाना-चौकी प्रभारियों को नशे के विरूद्ध जीरो टारलेस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए है। इसी तारतम्य में दिनांक 11.07.2024 को थाना रामानुजनगर पुलिस को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सुमेरपुर तालाब के पास संदिग्ध रूप से 2 प्लास्टिक बोरी पड़ा है जहां गांव के लोग काफी भीड़ लगाए है।
             थाना रामानुजनगर पुलिस ने सूचना की तस्दीक व कार्यवाही हेतु रवाना होकर मौके पर पहुंची जहां गवाहों के समक्ष विधिवत् संदिग्ध वस्तु 2 प्लास्टिक बोरी की तलाशी ली गई जिसमें प्रतिबंधित दवाई एविल इंजेक्शन 1480 नग व ब्यूप्रेनॉरफिन इंजेक्शन 1800 नग कुल 3280 नग नशीली इंजेक्शन पाया गया जिसकी बाजारू कीमत करीब 8 लाख रूपये है। प्रतिबंधित दवाई के स्वामी का पता न चलने पर धारा 106 बीएनएसएस के तहत जप्त कर अपराध क्रमांक 121/24 धारा 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी सरगर्मी से की जा रही है। कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व एसडीओपी प्रेमनगर नरेन्द्र सिंह पुजारी के मार्गदर्शन में  थाना प्रभारी रामानुजनगर राजेन्द्र साहू, एएसआई मनोज पोर्ते, आरक्षक दीपक यादव, अमलेश्वर सिंह, देवान सिंह व सैनिक पंकज पटेल सक्रिय रहे।

सूरजपुर पुलिस ने नवीन कानूनों की जानकारी से मीडिया को कराया अवगत। नए कानून की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने सभी की सहभागिता जरूरी-कलेक्टर सूरजपुर। समाज के सभी वर्गो तक नए कानून की जानकारी पहुंचाने में करें सहयोग-डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर।

 

सूरजपुर। 1 जुलाई 2024 से देशभर में 3 नए आपराधिक कानून अमल में आ चुके है। इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, विभिन्न पहलुओं से मीडिया को अवगत कराने एवं जन-जन तक नए कानूनों की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार को लेकर कलेक्टर सूरजपुर श्री रोहित ब्यास (भा.प्र.से.) व उप पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) के द्वारा गुरूवार, 11 जुलाई 2024 को पत्रकारों को नए कानून के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इस विषय पर चर्चा भी की गई।
             इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित ब्यास ने कहा कि 1 जुलाई से नवीन तीनों कानून के तहत कार्य किए जा रहे है, पुराने कानून की जगह अब नए कानून लागू हो चुका है उसकी जानकारी समस्त लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है इसमें प्रमुख रूप से मीडिया की अहम भूमिका जुड़ी हुई है, आज अधिक संख्या में लोग सोशल मीडिया, समाचार पत्रों को पढ़कर जागरूक हो रहे है इसकी गति को और तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी को इस दिशा में सहयोग करने की अपील की।
              उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे ने नए कानून के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नए कानूनों में ऐसे बहुत से प्रावधान हैं, जो पुलिस को पहले से ज्यादा ताकतवर बनाते हैं। मसलन- पुलिस अब आरोपी को 90 दिन तक हिरासत में रख सकती है, पहले ये अवधि 15 दिन थी। पुलिस का प्रमुख काम अपराध होने से पहले ही रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। बीएनएसएस के चैप्टर 13 के सेक्शन 173 में प्रावधान है कि पुलिस अधिकारी को किसी संगीन मामले की शिकायत मिलने पर प्रथम सूचना पत्र लिखने से पहले अपने सीनियर ऑफिसर से अनुमति लेकर 14 दिन की प्राथमिक जांच करनी होगी।’ यानी पुलिस अधिकारी को 14 दिन का समय मिलेगा, जिसमें वो तय करेगा कि मामले में प्रथम दृष्टया केस बनता है या नहीं। प्रत्येक दिवस पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी सभी थाना-चौकी व पुलिस कंट्रोल रूम के नोटिस बोर्ड में चश्पा किए जाने के बारे में बताया। उन्होंने नवीन तीनों कानून के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गो तक नए कानून की जानकारी पहुंचाने में सहयोग करें।
            अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत जांच के दौरान पुलिस किसी भी आरोपी को उसके डिजिटल डिवाइस दिखाने और उन्हें सौंपने के लिए बाध्य कर सकती है। नए कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल डिवाइस यानी मोबाइल, स्मार्टफोन, लैपटॉप आदि को सबूत के तौर पर परिभाषित किया गया है। बीएनएसएस के सेक्शन 94 के मुताबिक, किसी मामले की जांच, पूछताछ या ट्रायल के दौरान अदालत या थाना प्रभारी किसी व्यक्ति से डॉक्यूमेंट्स, कम्युनिकेशन डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या डिजिटल डिवाइस पेश करने के लिए समन या आदेश जारी कर सकता है।
      एसडीओपी सूरजपुर नंदिनी ठाकुर ने नए कानून के तहत जांच करने की शक्ति के बारे में बताया और कहा कि पुलिस को किसी मामले की जांच करने का अधिकार प्राप्त है। पुलिस मामले से जुड़े सबूतों, बयानों और वस्तुओं को भी इकट्ठा कर सकती है। साथ ही न्यायालय पुलिस को मामले की जांच करने के लिए आदेशित कर सकती हैं। बीएनएसएस में इसका जिक्र चैप्टर 13 के सेक्शन 173 से लेकर 196 तक है। बीएनएसएस के सेक्शन 43(3) के तहत पुलिस अधिकारी अपराध की प्रकृति और गंभीरता को ध्यान में रखते हुए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय या ऐसे व्यक्ति को अदालत में पेश करते समय हथकड़ी का इस्तेमाल कर सकता है।
             इस दौरान सीएसपी एस.एस.पैंकरा, एसडीओपी प्रेमनगर नरेन्द्र सिंह पुजारी, एसडीओपी प्रतापपुर अरूण नेताम, डीएसपी अजाक पी.डी.कुजूर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप सहित जिले के पत्रकारगण मौजूद रहे।



हत्या के नियत से टांगी से प्राणघातक हमला करने वाले आरोपी को थाना रामानुजनगर पुलिस ने किया गिरफ्तार।

सूरजपुर। दिनांक 09.07.24 को ग्राम दुर्गापुर चारपारा निवासी बजरंग सिंह ने थाना रामानुजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इसके गांव का चंद्रभान सिंह से पूर्व से जमीन विवाद चला आ रहा है, उपरोक्त भूमि को चंद्रभान अपनी भूमि बोलकर इसके साथ झगड़ा विवाद करता है, दिनांक 09.07.24 को विवादित भूमि में चंद्रभान सिंह ट्रेक्टर लगवाकर जोताई करवा रहा था और स्वयं भी खड़ा था उसी समय इसके भाई सूरज सिंह व मनोज के द्वारा मना किया गया जिस पर चंद्रभान सिंह हाथ में टांगी लिए हुए आया और कहने लगा कि यह भूमि हमारी है, पिछले 3 साल से कमा रहा हॅू, कहकर जान से मारने की नियत से टांगी से मनोज व सूरज को प्राणघातक प्रहार कर दिया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 109 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
        मामले की सूचना पर उप पुलिस महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) ने वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व एसडीओपी प्रेमनगर नरेन्द्र सिंह पुजारी के मार्गदर्शन में थाना रामानुजनगर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी चंद्रभान सिंह पिता लक्ष्मी नारायण कुमार उम्र 45 वर्ष निवासी नवापारा खुर्द, थाना रामानुजनगर को पकड़ा। पूछताछ पर उसने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया जिसके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त टांगी जप्त कर उसे गिरफ्तार किया गया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रामानुजनगर राजेन्द्र साहू, एएसआई मनोज पोर्ते, आरक्षक दीपक यादव, विकास सिंह व देवान सिंह सक्रिय रहे।

घर में घुसकर चोरी करने वाले 3 आरोपियों को थाना रामानुजनगर ने किया गिरफ्तार।

सूरजपुर। दिनांक 01.07.2024 को ग्राम भुवनेश्वरपुर निवासी रामसुभग साहू ने थाना रामानुजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 28-29 जून 2024 के दरम्यिानी रात्रि को इसके घर में घुसकर कोई अज्ञात चोर के द्वारा मोबाईल, 3 बोरी महुआ व 1 नग टूल्लू पंप चोरी कर ले गए है। रिपोर्ट पर चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
           मामले की सूचना पर डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) ने चोरी की घटना पर अंकुश लगाने एवं वारदात को अंजाम देने वाले चोर की पतासाजी कर जल्द पकड़ने के कड़े निर्देश दिए। मामले की विवेचना के दौरान मुखबीर से सूचना प्राप्त हुआ कि एक व्यक्ति टूल्लू पम्प बेचने के लिए सूरजपुर की ओर जा रहा है। पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर नारायणपुर से उस व्यक्ति को टूल्ल पंप सहित पकड़ा उस व्यक्ति ने अपना नाम घिरेन्द्र सिंह बताया। पूछताछ पर उसने बताया कि वह अपने साथी महेश चौबे व बैजू कुर्रे के साथ मिलकर मोबाईल, महुआ व टूल्लू पंप चोरी कर आपस में बाट लिये है, जिसके बाद पुलिस ने 2 और आरोपी को दबिश देकर पकड़ा। आरोपियों के निशानदेही पर चोरी का 1 मोबाईल, 3 बोरी महुआ, टूल्लू पम्प कुल कीमत 15 हजार रूपये का बरामद कर आरोपी घिरेन्द्र सिंह पिता रामलखन उम्र 23 वर्ष, महेश चौबे उर्फ उमेश पिता सुरेन्द्र कुमार उम्र 27 वर्ष ग्राम भुवनेश्वरपुर व बैजू कुर्रे पिता रामलखन उम्र 34 वर्ष ग्राम नारायणपुर, थाना रामानुजनगर को गिरफ्तार किया है।
            कार्यवाही एएसपी संतोष महतो व एसडीओपी प्रेमनगर नरेन्द्र सिंह पुजारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रामानुजनगर राजेन्द्र साहू, एएसआई मनोज पोर्ते, प्रधान आरक्षक अविनाश सिंह, सुशील सिंह, हंसराम कनेडिया, आरक्षक अमलेश्वर सिंह, दीपक यादव, कृष्णा साहू व महेन्द्र प्रताप सिंह सक्रिय रहे।

मवेशी चराने की बात को लेकर आरोपी ने दी थी हत्या की घटना को अंजाम, थाना रामानुजनगर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार।

सूरजपुर। दिनांक 30.06.24 को ग्राम दवना निवासी सोहन पण्डो ने थाना रामानुजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 29 जून को यह अपने परिजनों के साथ जंगल गए थे, शाम को इसकी लड़की की चिल्लाने की आवाज सुनकर जंगल की ओर गया तो देखा पिताजी बुद्धु राम जमीन पर पड़े थे गांव का राम नारायण सिंह कुछ दूरी पर खड़ा था पिताजी को उल्टा सीधा बोल रहा था जिन्हें बैठाकर पानी पिलाने पर नहीं पिये और फौत कर गए। सूचना पर मर्ग कायम कर जांच की गई। जांच के दौरान चश्मदीद गवाहों के कथन लिये गए। पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर के द्वारा मृतक की मृत्यु गला दबाने से मृत्यु होना लेख करने पर आरोपी रामनारायण सिंह के विरूद्ध अपराध क्रमांक 115/24 धारा 302 भादसं. के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
          मामले की सूचना पर उप पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) ने प्रकरण के आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। थाना रामानुजनगर पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए दबिश देकर आरोपी रामनारायण सिंह पिता स्व. शोभनाथ सिंह उम्र 55 वर्ष ग्राम दवना को पकड़ा गया। पूछताछ पर आरोपी ने मवेशी चराने की बात को लेकर मृतक की गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया जिसे विधिवत् गिरफ्तार किया गया। कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व एसडीओपी प्रेमनगर नरेन्द्र सिंह पुजारी के मार्गदर्शन में नवपदस्थ थाना प्रभारी रामानुजनगर राजेन्द्र साहू, एएसआई मनोज पोर्ते, आरक्षक दीपक यादव, कृष्णा साहू, गजेन्द्र पाल व कौशलेन्द्र सिंह सक्रिय रहे।

सूरजपुर पुलिस द्वारा ऑडिटोरियम में नवीन कानूनों के लागू होने के दिवस को भव्यता के साथ मनाया। नवीन न्याय संहिता लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने का करेगी कार्य- कलेक्टर सूरजपुर। दण्ड से न्याय की ओर ले जाने वाला है नवीन 3 कानून- डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर। जिले के सभी थाना-चौकी में नवीन कानून लागू होने पर भव्यता के साथ कार्यक्रम आयोजित हुए।

 

सूरजपुर। आज 1 जुलाई 2024 सोमवार से देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए है, जिससे भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में दूरगामी बदलाव आएंगे। जिला पुलिस सूरजपुर के द्वारा नए कानून लागू होने के दिवस को जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में भव्यता के साथ मनाया। जिसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता, छात्र, मीडिया और गणमान्य नागरिकगण मौजूद रहे। शुभारंभ अवसर पर नवीन कानूनों के लागू होने के पश्चात कानूनों में होने वाले महत्वपूर्ण बदलाव से उपस्थित जनों को परिचित कराया गया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ किया गया। जिला मुख्यालय के अलावा जिले के सभी थाना-चौकी में नए कानून लागू होने पर भव्यता के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।
         इस अवसर पर कलेक्टर सूरजपुर श्री रोहित ब्यास (भा.प्र.से.) ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि नवीन न्याय संहिता के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 व भारतीय साक्ष्य संहिता 2023 लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने का कार्य करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक नागरिक किसी न किसी प्रकार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में कानून से जुडा होता है। इसलिए ये आवश्यक है कि हम सभी कानून में हुए बदलाव को अध्ययन करें व इसे समझे। उन्होंने कहा कि निश्चित ही नवीन न्याय संहिता से सभी को न्याय मिलेगा और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसके साथ ही उपस्थित जनों को 3 नवीन कानूनों के लागू होने पर बधाई दी।              इस दौरान उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) ने कहा कि बड़े हर्ष का विषय है कि आज के शुभ दिवस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 आज से पूरे देश में प्रभावी हो गए हैं आज हम सभी इस दिवस को भव्यता के साथ मना रहे है। इन तीनों कानून ने ब्रिटिश कालीन कानूनों क्रमशः आईपीसी, सीआरपीसी व भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली है। लागू हुए तीन कानून दण्ड से न्याय की ओर ले जाने वाला साबित होगा। आज से सभी नयी एफआईआर बीएनएस के तहत दर्ज की जाएंगी। नये कानूनों से एक आधुनिक न्याय प्रणाली स्थापित होगी जिसमें ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे कि ‘एसएमएस’ (मोबाइल फोन पर संदेश) के जरिये समन भेजने और सभी जघन्य अपराधों के वारदात स्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इन कानूनों में कुछ मौजूदा सामाजिक वास्तविकताओं और अपराधों से निपटने का प्रयास होंगे और संविधान में निहित आदर्शों को ध्यान में रखते हुए इनसे प्रभावी रूप से निपटने का एक तंत्र मुहैया कराया गया है। दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी उसके अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में दर्ज करेगी और मेडिकल रिपोर्ट सात दिन के भीतर देनी होगी। नये कानूनों में संगठित अपराधों और आतंकवाद के कृत्यों को परिभाषित किया गया है, राजद्रोह की जगह देशद्रोह लाया गया है और सभी तलाशी तथा जब्ती की कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है, किसी बच्चे को खरीदना और बेचना जघन्य अपराध बनाया गया है और किसी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान जोड़ा गया है। ‘ओवरलैप’ धाराओं का आपस में विलय कर दिया गया तथा उन्हें सरलीकृत किया गया है और भारतीय दंड संहिता की 511 धाराओं के मुकाबले इसमें केवल 358 धाराएं होंगी। शादी का झूठा वादा करने, नाबालिग से दुष्कर्म, भीड़ द्वारा पीटकर हत्या करने, झपटमारी आदि मामले दर्ज किए जाते हैं लेकिन मौजूदा भारतीय दंड संहिता में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं थे। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता में इनसे निपटने के लिए प्रावधान किये गए हैं। इसके साथ ही आशा जताई की पुलिस विभाग योजनाबद्ध तरीके से नवीन कानून को अपनायेगा जिसके सकारात्मक परिणाम आमजन को दिखाई देगें।
नए तीनों कानून न्याय, पारदर्शिता और निष्पक्षता पर आधारित हैं- डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर।
           डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे ने बताया कि नये कानूनों के तहत अब कोई भी व्यक्ति पुलिस थाना गये बिना इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। इससे मामला दर्ज कराना आसान और तेज हो जाएगा तथा पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। ‘जीरो एफआईआर’ से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करा सकता है, भले ही अपराध उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हुआ हो। इससे कानूनी कार्यवाही शुरू करने में होने वाली देरी खत्म होगी और मामला तुरंत दर्ज किया जा सकेगा। नये कानून में एक यह भी बदलाव है कि गिरफ्तारी की सूरत में व्यक्ति को अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने का अधिकार दिया गया है। इससे गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत सहयोग मिल सकेगा। इसके अलावा, गिरफ्तारी विवरण पुलिस थानों और जिला मुख्यालय के पुलिस कन्ट्रोल रूम में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा जिससे कि गिरफ्तार व्यक्ति के परिवार और मित्र महत्वपूर्ण सूचना आसानी से पा सकेंगे। पीड़ित को अधिक सुरक्षा देने तथा दुष्कर्म के किसी अपराध के संबंध में जांच में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पीड़िता का बयान पुलिस द्वारा ऑडियो-वीडियो माध्यम के जरिए दर्ज किया जाएगा। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, भाजपा जिला महामंत्री राजेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो ने किया।
           इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कमलेश नंदिनी साहू, जनप्रतिनिधि राजेश्वर तिवारी, शशिकांत गर्ग, संदीप अग्रवाल, अजय अग्रवाल, आनंद सोनी, संस्कार अग्रवाल, रामकृष्ण ओझा, जिले के प्रशासनिक अधिकारीगण, पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता, छात्र, मीडिया और काफी संख्या में गणमान्य नागरिकगण मौजूद रहे।

पुलिस विभाग में लंबे अवधि तक सेवायें देने के बाद एसआई जगसाय, राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्त, एएसआई शोभित राम हुए सेवा निवृत्त। डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर ने सेवानिवृत्त हुए तीनों अधिकारियों को किया सम्मानित।

 

सूरजपुर। पुलिस विभाग में पदस्थ रहे एसआई जगसाय ने 39 वर्ष 4 माह, एसआई राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव ने 36 वर्ष 10 माह एवं एएसआई शोभित राम ने 42 वर्ष 6 माह तक लगातार अपनी सेवा देकर 30 जून 2024 को सेवा निवृत्त हुये। रविवार को जिला पुलिस कार्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) ने इन तीनों अधिकारियों को साल-श्रीफल एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया और पेंशन स्वीकृति का आदेश सौंपा। इस दौरान सेवानिवृत्त एसआई व एएसआई का पूरा परिवार मौजूद रहा।
                इस दौरान डीआईजी-एसएसपी सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे ने कहा कि तीनों पुलिस अधिकारी लंबी अवधि तक विभाग में सेवायें दी, कर्तव्य निष्ठा के साथ सौंपे गए दायित्यों का निर्वहन किया, इनका रिकार्ड बहुत अच्छा है इससे दूसरों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य लोगों की भलाई और सेवा के साथ ही अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही कर सजा दिलाना होता है जिसे तीनों ने बखूबी निभाया। प्रकृत्ति का नियम है आप दूसरों के लिए अच्छा करेंगे तो आपके साथ अच्छा होगा। सेवा के बाद दूसरी पारी में परिवार के साथ समय व्यतीत कर खुश रहे। पुलिस विभाग की सेवा से सेवानिवृत्त हुए तीनों अधिकारियों को साल, श्रीफल एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया और बेहतर स्वास्थ्य एवं उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान सेवा निवृत्त हो रहे तीनों अधिकारियों के द्वारा सेवा के अनुभव को साझा किया।
           इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, डीएसपी रितेश चौधरी, एसडीओपी सूरजपुर नंदिनी ठाकुर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, जिले के थाना-चौकी प्रभारीगण व जिला पुलिस कार्यालय व रक्षित केन्द्र के अधिकारीगण मौजूद रहे।

3 नए कानून के बारिकीयों से अवगत हुए सूरजपुर पुलिस के अधिकारीगण। सहायक प्राध्यापक (विधि) डॉ. प्रिया राव ने वर्चुअल माध्यम से दिया प्रशिक्षण। डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर ने भी दी नए कानून के बारे में विस्तृत जानकारी।

 


सूरजपुर। कल यानि 1 जुलाई 2024 से तीन नए कानून प्रभावशील हो जायेगा, कानून की बारीकियों से अवगत कराने ताकि उसके क्रियान्वयन में दिक्कत न आए इसके लिए रविवार, 30 जून 2024 को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के सहायक प्राध्यापक (विधि) डॉ. प्रिया राव के द्वारा वर्चुअल माध्यम से जिले की पुलिस अधिकारियों को नए कानूनों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
                सहायक प्राध्यापक डॉ. राव ने सरल शब्दों में तीन नए कानूनों, एफआईआर दर्ज करने के बाद से लेकर चालान प्रस्तुत करने तक के प्रक्रिया एवं विवेचना के दौरान व्यवहारिक रूप से दिक्कतों का निराकरण कैसे की जानी है, डिजिटल/इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के संकलन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय सहिंता 2023 में कुल 358 धाराएं होंगी जबकि वर्तमान कानून में यह 511 हैं। जिसमे 21 नई धाराओं को जोड़ा गया है, 41 धाराओं में सजा को बढ़ाया गया है। 82 धाराओं में फाईन को बढ़ाया गया है। 25 धाराओं में न्यूनतम सजा का प्रावधान, 06 धाराओं में सामुदायिक अपराधों को जोड़ा गया है एवं 19 धाराओं को हटाया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता 2023 में 531 धाराएं होंगी जबकि वर्तमान कानून में यह 484 है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में कुल 170 धाराएं हैं, वर्तमान कानून में 166 धाराएं हैं।
               जिला पुलिस कार्यालय में उप पुलिस महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भा.पु.से.) सहित पुलिस राजपत्रित अधिकारी, जिले थाना-चौकी प्रभारी एवं विवेचकगण इस वर्चुअल बैठक में सम्मिलित हुए। बैठक समाप्त होने के उपरान्त डीआईजी/एसएसपी श्री एम.आर.आहिरे ने तीन नए आपराधिक कानून के क्रियान्वयन हेतु तैयारियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधिकारीगण इस कानून के बारें में कानूनी किताब एवं पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एसओपी से अवगत होकर जानकारी प्राप्त कर ले ताकि कानून लागू होने पर स्पष्ट तरीके से क्रियान्वयन हो सके और इसमें किसी प्रकार की दिक्कत न जाए। आम जन को इन कानूनों की जानकारी हो इसके लिए विभिन्न माध्यमों से कानूनों का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। एक जुलाई 2024 को जिला मुख्यालय व हर थाने में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें नये कानून के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, डीएसपी रितेश चौधरी, एसडीओपी सूरजपुर नंदिनी ठाकुर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, जिले के थाना-चौकी प्रभारीगण व जिला पुलिस कार्यालय के अधिकारीगण मौजूद रहे।

तीन नए कानून के बारे में मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एण्ड जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित की गई वर्चुअल बैठक।

 


सूरजपुर। 1 जुलाई 2024 से तीन नए आपराधिक कानूनों भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होगी जिसके प्रभावी ढंग क्रियान्वयन के लिए मिनिस्ट्री ऑफ लॉ एण्ड जस्टिस डिपाटमेंट ऑफ लीगल अफेयर्स के द्वारा मुम्बई महाराष्ट्र से हाईब्रिड मोड वर्चुअल माध्यम से कानून के बारीकियों से अवगत कराया गया। इस दौरान ई-कोर्ट, ई-फारेंसिंग प्लेटफार्म, ई-एफआईआर व जीरो एफआईआर सहित कानून में हुए बदलाव के बारे में पूरी जानकारी दी गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, डीएसपी रितेश चौधरी, एसडीओपी सूरजपुर नंदिनी ठाकुर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, जिले के थाना-चौकी प्रभारीगण व जिला पुलिस कार्यालय के अधिकारीगण मौजूद रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।