मंगलवार, 20 जनवरी 2026

चौकी बसदेई पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट मामले में इण्ड-टू-इण्ड विवेचना कर 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार, अब तक 600 नग नशीली इंजेक्शन जप्त।

 

सूरजपुर। पूर्व में दिनांक 19.10.2025 को चौकी बसदेई पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर ग्राम सिरसी जूनापारा निवासी राही खान के कब्जे से 48 नग नशीली इंजेक्शन जप्त किया गया। पूछताछ आरोपियों ने बताया कि ग्राम जमड़ी के पवन पाटील, मोहर मनियां, श्रावण पाटील तथा एक विधि विरूद्ध संघर्षरत् बालक से कई बार नशीली इंजेक्शन खरीद कर बिक्री हेतु लाया गया है जिसके बाद पुलिस ने मोहरमनिया को पकड़ा जिससे 252 नग नशीली इंजेक्शन जप्त कर पवन पाटिल व एक विधि विरूद्ध संघर्षरत् बालक को पकड़ा गया। इसी क्रम में श्रावण पाटील को भी पकड़ा गय। प्रकरण में आरोपीगण द्वारा उक्त नशीली इंजेक्शन को विश्रामपुर के दिनेश राव उर्फ बबली एवं उसकी पत्नी सोनिया राव उर्फ बंटी से खरीदकर लाना बताया। उक्त प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन दवा को अरोपियों को अवैध रूप से अपने संरक्षण में बिक्री कर औषधी व्यापार करना तथा आपराधिक षड़यंत्र कर अपराध का दुप्रेरणा करना पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर दिनेश व सोनिया को पकड़ा जिनके कब्जे से 300 नग नशीली इंजेक्शन जप्त कर दोनों को गिरफ्तार किया गया था इस मामले में एक आरोपी लवकेश रवि उर्फ रिंकू फरार था जिसकी पतासाजी की जा रही थी।
              डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने इण्ड-टू-इण्ड विवेचना कर आरोपियों की पतासाजी कर पकड़ने के निर्देश दिए थे। चौकी बसदेई पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान दिनांक 13.01.2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर फरार आरोपी लवकेश रवि उर्फ रिंकू पिता सुरेन्द्र रवि उम्र 28 वर्ष निवासी केशवनगर, थाना विश्रामपुर को पकड़ा गया। पूछताछ पर उसने रमेश राव को अवैध नशीली इंजेक्शन देना स्वीकार किया जिसके विरूद्ध धारा 21(21), 27(ए), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर उसे गिरफ्तार किया गया है। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह आरक्षक देवदत्त दुबे महेंद्र सिंह राकेश सिंह आदित्य यादव रामकुमार सिंह दिलीप साहू भुनेश्वर सिंह प्रेम सिंह महिला आरक्षक पूनम सिंह प्रफुल्ल टोप्पो सैनिक अनिल विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।