सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर जिले की पुलिस के द्वारा अवैध कार्यो के विरूद्ध लगातार कार्यवाही करने में लगी हुई है। बीते बुधवार 09 मार्च को थाना प्रभारी रामानुजनगर को मुखबीर से सूचना मिली कि ग्राम कनकपुर निवासी मुकेश अपने मोटर सायकल में अवैध रूप से अंग्रेजी शराब बिक्री करने के लिए गणेशपुर की ओर जा रहा है। थाना प्रभारी ने सूचना से पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को अवगत कराया जो उन्होंने सतर्कता बरतते हुए त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर व एसडीओपी प्रेमनगर प्रकाश सोनी के मार्गदर्शन में थाना रामानुजनगर की पुलिस ने ग्राम हनुमानगढ़ में घेराबंदी लगाकर होण्डा मोटर सायकल सहित मुकेश कुमार मरावी पिता रामलाल उम्र 25 वर्ष निवासी कनकपुर, थाना प्रेमनगर को पकड़ा गया जिसके कब्जे से 100 पाव अंग्रेजी गोवा विस्की शराब जप्त किया गया। बारीकी से पूछताछ करने पर मुकेश ने बताया कि पकड़े गए शराब के अलावा अपने घर में भी गोवा शराब छुपाकर रखा है, पुलिस टीम ने आरोपी के निशानदेही पर उसके घर से 450 पाव अंग्रेजी गोवा विस्की शराब जप्त किया है। मामले में कुल 550 पाव अंग्रेजी गोवा विस्की शराब कीमत 71500 रूपये एवं परिवहन में प्रयुक्त होण्डा मोटर सायकल क्रमांक सीजी 15 डीजे 6047 कीमत 50 हजार रूपये को जप्त कर आरोपी मुकेश कुमार मरावी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 56/22 धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रामानुजनगर विकेश तिवारी, एएसआई माधव सिंह, बिसुनदेव पैंकरा, आरक्षक रामसागर साहू, विश्वजीत सिंह, दीपक यादव, धनंजय साहू, अनूज यादव, रविशंकर साहू व शिवकुमार सक्रिय रहे।
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'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।