मंगलवार, 15 अक्तूबर 2019

पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मचारियों की सुनी गुजारिशें..........


सूरजपुर। पुलिस के जवानों को उन्हें कार्यस्थल पर किसी प्रकार की परेशानी, आवश्यकता अथवा समस्या के समुचित निराकरण के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश कुकरेजा ने मंगलवार 15 अक्टूबर को जिला पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में पुलिस जवानों की गुजारिशे की सुनवाई की गई।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री कुकरेजा ने बारी-बारी से पुलिस कर्मचारियों की गुजारिशे सुनी जिसमें सर्वाधिक गुजारिश शासकीय आवास गृह उपलब्ध कराने को लेकर था। कई पुलिस कर्मचारियों ने आवास सुधार कार्य की आवश्यकता बतलाई जिस पर पुलिस अधीक्षक ने पुराने आवासों को जल्द मरम्मत कराए जाने की जानकारी दी। इसके अलावा भी कई अन्य गुजारिशे भी सुनकर उसका निराकरण किया।
पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुकरेजा ने बताया कि पुलिस लाईन सूरजपुर में मुख्यमंत्री आवास योजनान्तर्गत अराजपत्रित अधिकारी हेतु 24 एवं प्रधान आरक्षक व आरक्षक हेतु 144 नग आवासगृह का निर्माण कार्य पूर्णता पर है। आवास हेतु प्राप्त आवेदनों पर विचारोपरांत नियमानुसार आबंटित किए जाने हेतु समिति का गठन किया गया है जो पूर्ण सतर्कता के साथ जरूरतमंद पुलिस कर्मचारियों को आवासगृह आबंटित करने हेतु अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, स्टेनो पुष्पेन्द्र शर्मा, प्रधान आरक्षक रौशन टण्डन, आरक्षक बृजभवन कंवर, परमेश्वर सिंह, रिबेश कुमार, निर्मल राजवाड़े, सुनील मिंज, मंजीत तिर्की, महिला आरक्षक नमिता राज, पार्वती मिंज, सत्यनारायण सिंह, महेश साहू, संतोष कुंवर, दिनेश मिंज, अशोक कुजूर, चंदन सिंह, रविनंद सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।