शनिवार, 22 अक्तूबर 2016

थाना झिलमिली में हुआ पुलिस मित्र कार्यक्रम का आयोजन





सूरजपुर: पुलिस अधीक्षक सूरजपुर आर.पी.साय व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस.आर.भगत के मार्गदर्शन में गत् दिवस थाना परिसर झिलमिली में एसडीओपी ओड़गी जे.एल.लकड़ा की उपस्थिति में थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी संदीप मित्तल एवं थाना के समस्त अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा पुलिस मित्र कार्यक्रम के अन्तर्गत स्कूली बालिकाओं को थाना की कार्यप्रणाली से अवगत कराने हेतु थाना भ्रमण एवं महिला सुरक्षा एवं जागरूकता संबंधी जानकारी का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें स्कूली बालिकाओं के साथ-साथ स्कूल के प्राचार्य सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। थाना भ्रमण के दौरान बालिकाओं को थाना प्रभारी के कार्य, विवेचकों के कार्य, सीसीटीएनएस की जानकारी, प्रधान आरक्षक मोहर्रिर के कार्य तथा पुलिस के समस्त कार्य प्रणाली के बारे में बताया गया। इस दौरान महिला हेल्प डेस्क के बारे में जानकारी देकर पुलिस द्वारा इन्हें दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया गया। इसके पश्चात् छात्राओं को महिला सुरक्षा एवं जागरूकता संबंधी पुस्तिका का वितरण किया गया। छात्राओं ने पुलिस से संबंधित प्रश्न पूछे, अधिकारियों द्वारा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया और बेहतर पुलिसिंग के लिए उनसे सुझाव आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कक्षाओं में टाॅपर रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान एसडीओपी ओड़गी जे.एल. लकड़ा, थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी संदीप मित्तल, निरीक्षक एम.आर.कश्यप, थाना के अधिकारी कर्मचारी सहित स्कूली छात्राएं तथा शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।