बुधवार, 11 मार्च 2026

एसआरव्हीएम स्कूल के बच्चों ने जागरूकता रैली निकाल सीटबेल्ट बंधन नहीं सुरक्षा है, सुरक्षित चले दुर्घटना से बचे का दिया मजबूत संदेश।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता के आयोजन जिले में किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार, 21 जनवरी 2026 को यातायात पुलिस व स्थानीय साधु राम विद्या मंदिर सूरजपुर के विद्यार्थियों द्वारा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने, सुरक्षित वाहन चलाने तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के प्रति जागरूक करना था।
इस अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने पोस्टर, नारों एवं संदेशों के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने का संदेश लोगों तक पहुँचाया। यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय ने बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाला नागरिक कानूनन सुरक्षित होता है तथा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने नागरिकों यह संदेश दिया गया कि ंदुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति की त्वरित सहायता कर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचाई जा सकती है साथ ही मदद करने वाले को राहवीर योजना के तहत पुरस्कृत भी किया जायेगा। जागरूकता के इस आयोजन में विद्यालय के निदेशक डॉ. राहुल अग्रवाल, एसएमसी समिति के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अभियान में एसआरव्हीएम स्कूल के प्राचार्य प्रभाकर उपाध्याय, उप प्राचार्य दीनदयाल तिवारी, शिक्षकगण, यातायात पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी व स्कूली बच्चे शामील रहे।

स्कूली बच्चों ने यातायात नियमों का पम्पलेट बांट दिया सुरक्षा का संदेश।
सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली में शामील स्कूली बच्चों के द्वारा सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पम्पलेट नागरिकों एवं वाहन चालकों देते हुए उनसे अपील किया कि जब भी बाईक चलाए हेलमेट अनिवार्य रूप से पहने, कार चलाते समय सीटबेल्ट लगाए, ओव्हर स्पीड वाहन न चलाए तथा नशे की हालत में वाहन न चलाए। यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित सफर करें। जीवन अमूल्य है, इससे परिवार की भी सुरक्षा जुड़ी है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।