बुधवार, 11 मार्च 2026

सूरजपुर पुलिस ने नेपाल बार्डर-बहराइच उत्तरप्रदेश से धोखाधड़ी के 2 आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों ने खुद को थाना प्रभारी व जेल अधीक्षक बताकर दी ठगी की वारदात को अंजाम।

 

सूरजपुर। ग्राम सिरसी निवासी चिंतामणी बंजारे पिता स्व. मनोहर राम बंजारे उम्र 45 वर्ष ने चौकी बसदेई में धोखाधड़ी करने संबंधी शिकायत पत्र दिया जिसकी जांच पर पाया गया कि आवेदक का लड़का अनिल बंजारे के विरूद्ध थाना गांधीनगर में धारा 22 एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में जेल में निरूद्ध होने से अपराध से नाम हटवाने के नाम पर अज्ञात मोबाईल धारक के द्वारा खुद को थाना प्रभारी व जेल अधीक्षक बताते हुए धोखाधड़ी कर 75 हजार रूपये छलपूर्वक फोन-पे के माध्यम से लिया गया जो धारा 318(4) बीएनएस का अपराध घंटित करना पाए जाने पर चौकी बसदेई पुलिस द्वारा दिनांक 13.09.2025 को अज्ञात मोबाईल धारक के विरूद्ध अपराध क्रमांक 497/25 पंजीबद्ध किया गया। मामले की सूचना पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरोपी की पतासाजी कर जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। चौकी बसदेई पुलिस ने आरोपी की जानकारी हासिल कर तकनीकी मदद ली जो आरोपियों को उत्तरप्रदेश में होना पाया।
           आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा व डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरोपी को पकड़ने चौकी बसदेई की पुलिस टीम गठित कर उत्तरप्रदेश के लिए रवाना किया। गठित टीम के द्वारा काफी पतासाजी के बाद बहराईच जिला उत्तरप्रदेश (नेपाल बार्डर के पास) में दबिश देकर आरोपी इमरान पिता समशेर उम्र 22 वर्ष एवं मोहम्मद आलम पिता नूर अली उम्र 29 वर्ष निवासी पेटरहा, थाना मोतीपुर, जिला बहराइच उत्तरप्रदेश को पकड़ा और दोनों को चौकी बसदेई लाया गया। पूछताछ पर आरोपियों ने बताया कि प्रार्थी के मोबाईल में फोन कर धोखाधड़ी कर छलपूर्वक उसके लड़का को जेल से छुड़ाने के नाम पर 1 अन्य सहयोगी के साथ मिलकर 75 हजार रूपये की ठगी कर गुगल-पे में डलवाकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किए। आरोपियों से 2 नग मोबाईल, 8 नग सीम, 3 बैंक पासबुक, 1 एटीएम कार्ड व 1 चेकबुक जप्त कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है। कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन व एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल, आरक्षक देवदत्त दुबे, नीलेश जायसवाल, युवराज यादव, रौशन सिंह, अशोक केंवट, राकेश सिंह, रामकुमार, आदित्य यादव, अशोक सिंह, भुनेश्वर सिंह व सैनिक अनिल विश्वकर्मा सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।