मंगलवार, 20 जनवरी 2026

सूरजपुर यातायात पुलिस की कवायद, दुर्घटनाओं में कमी लाने बसों पर लगाई रेडियम पट्टी।

 


सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर यातायात पुलिस के द्वारा रात के समय आवागमन के दौरान सड़क हादसों से बचाव के लिए वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाई जा रही है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत बुधवार, 07 जनवरी 2026 को यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय व उनकी टीम के द्वारा नया बस स्टैण्ड में 25 बसों के आगे-पीछे रेडियम युक्त पट्टी लगाई गई। यातायात प्रभारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य खराब रोशनी या रात के दौरान बसों की दृश्यता बढ़ाना है। बस के आगे, पीछे और किनारों पर रेडियम पट्टी लगाने से अंधेरे में या कोहरे जैसी खराब मौसम की स्थिति में अन्य चालकों को वाहन आसानी से दिखाई देता है, जिससे टक्कर का जोखिम कम हो जाता है।

इमरजेंसी गेट नहीं खुलने पर काटा गया चालान।
बस में रेडियम पट्टी लगाने के उपरान्त यातायात प्रभारी ने बस की इमरजेंसी गेट (आपातकालीन द्वार) का जायजा लिया गया। इस दौरान एक बस की इमरजेंसी गेट खोलवाने पर काफी देर के बाद भी गेट नहीं खुला जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही कर चालान काटा गया। वाहन चालक को समझाईश दी गई कि यातायात नियमों का पालन करते हुए फौरन गेट को अपडेट कराकर सुरक्षित सड़क पर चले। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी गेट का मुख्य उद्देश्य सामान्य निकास मार्गों के विफल होने पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में बस से सुरक्षित और तुरंत बाहर निकालना है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।