सूरजपुर लोगों को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पुलिस की मुहिम में स्कूली छात्र खुद भी आगे आने लगे है। गुरूवार को नगर में स्थित एक विद्यालय के छात्र जिला पुलिस कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) से मुलाकात कर यातायात नियमों के प्रति चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस को सहयोग करने की दिशा में कार्य करने की मंशा जाहिर किया। सूरजपुर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र जगदीश राजवाड़े, संजीत टोप्पो व आशीष कमरो ने आमजनों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूकता के इस पुनित कार्य में सहयोग देने की बात कही। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता के कार्यो में खुद से आगे आकर सहयोग करने की बात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्रों को कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि अधिक से अधिक लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक बनाए, जीवन को सुरक्षित रखने के लिए यातायात के नियमों का पालन करना जरूरी है। सुरक्षित जीवन के लिए सुरक्षित यात्रा आवश्यक है। यातायात नियम समाज हित में हैं।
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'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।