सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू के निर्देश पर तथा जारी रोस्टर के अनुसार एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी ने मंगलवार को थाना ओड़गी का द्वितीय अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीओपी द्वारा पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के वेश-भूषा का जायजा लिया और उत्कृष्ट टर्न आउट पर जवानों को पुरस्कृत करने प्रतिवेदन भेजा। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही कानून व सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में मार्गदर्शन दिया। एसडीओपी ने पुलिस जवानों को हमेशा खुश रहने का टिप्स दिए व उनकी समस्याओं को सुनते हुए यथोचित निराकरण का आश्वास दिया। थाना प्रभारी व विवेचकों को लंबित अपराधों, मर्ग, गुम, शिकायत और लंबित वारंटों की निकाल करने, थाना में फरियाद लेकर आने वाले लोगों से बेहतर संयमित व्यवहार करने एवं उनकी रिपोर्ट को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए तत्काल उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। थाना के रिकार्ड संधारण व साफ-सफाई बेहतर पाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी ओड़गी एन.के.त्रिपाठी, चौकी प्रभारी कुदरगढ़ एन.के.राय, सहित थाना ओड़गी व चौकी कुदरगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।
