शुक्रवार, 18 नवंबर 2022

सड़क हादसे रोकने के लिए सूरजपुर पुलिस व प्रशासन एक्शन में।नेशनल हाईवे व राज्यकीय राज्यमार्गो का दौरान कर दुर्घटना पर रोक लगाने किया कार्ययोजना तैयार।

सूरजपुर। जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन सजग है। सूरजपुर कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा व पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू के निर्देश पर यातायात प्रभारी, एनएचआई, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के द्वारा सड़क हादसों को रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने में लगे है। बीते दो दिनों से यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय, एनएचआई एसडीओ निखिल लकड़ा, जिला परिवहन अधिकारी अमित कश्यप, पीडब्ल्यूडी के ईई महादेव लहरे के साथ नेशनल हाईवे 43 सहित राजकीय राज्य मार्गो के दुर्घटनाजन्य स्थानों का दौरा कर दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए कार्य योजना तैयार किया है।
        पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कार्य योजना तैयार करने में जुट गया है इसी कड़ी में टीम के द्वारा जिले के ब्लैक स्पॉट भी चिह्नित किए गए है जहां पर दिशा सूचक बोर्ड, दुर्घटनाजन्य बोर्ड, सावधानी का बोर्ड, सड़क चौड़ीकरण व मोड़ पर झाड़ियों की सफाई की आवश्यकता पाई गई है। इन सुरक्षात्मक उपायों को जल्द किए जाने की कार्यवाही किया जायेगा। इस दौरान एनएचआई सब इंजीनियर रितेश सिंह सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारीगण मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने पुलिस थानों व चौकियों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए कड़े कदम उठाएं साथ ही सड़क हादसों को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षात्मक उपाए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर जल्द करावाए।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।