शुक्रवार, 18 नवंबर 2022

चोरी की मोटर सायकल सहित 3 गिरफ्तार, चौकी मोहरसोप पुलिस की कार्यवाही

सूरजपुर। दिनांक 03.11.22 को ग्राम मोहरसोप निवासी पुष्पराज गुर्जर ने चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि बीते रात्रि को घर के सामने रखे मोटर सायकल को किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया है। रिपोर्ट पर धारा 379 भादसं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। मामले की सूचना पर पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने मोटर सायकल चोर को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश चौकी प्रभारी को दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह व एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी के मार्गदर्शन में चोर की पतासाजी करने के दौरान चौकी मोहरसोप पुलिस को मुखबीर से सूचना मिला कि चोरी के मोटर सायकल में ग्राम तेलीमुड़ा, थाना सोनहत जिला कोरिया निवासी विष्णु साहू को घुमते हुए देखा गया है। सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए संदेही विष्णु साहू को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ पर उसने अपने साथी पिन्टू व तरूण कुमार उर्फ मनीष के साथ मिलकर मोटर सायकल चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों के निशानदेही पर चोरी की मोटर सायकल कीमत 40 हजार रूपये का बरामद किया गया। मामले में आरोपी विष्णु साहू उर्फ इल्लू साहू पिता कमला प्रसाद उम्र 27 वर्ष, पिन्टू कुमार पिता वंशरूप सूर्यवंशी उम्र 20 वर्ष व तरूण कुमार उर्फ मनीष पिता उजागीर प्रसाद उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम तेलीमुड़ा, थाना सोनहत, जिला कोरिया को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी मोहरसोप बसंत खलखो, एएसआई रंजीत सोनवानी, प्रधान आरक्षक रजनीश त्रिपाठी, राहुल गुप्ता, आरक्षक राजेश तिवारी व कमलेश गुर्जर सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।