शुक्रवार, 16 सितंबर 2022

सूरजपुर पुलिस ने महिला सुरक्षा एप ’’अभिव्यक्ति’’ की जानकारी देने चलाया अभियान, पुलिस के द्वारा स्कूल, आश्रम, छात्रावास में जाकर दी जानकारी।


सूरजपुर। महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभिव्यक्ति एप छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस अभिव्यक्ति ऐप के इस्तेमाल से महिलाओं को विपरित परिस्थितियों में तत्काल पुलिस सहायता मिलेगी। इसके अलावा इस एप के माध्यम से महिलाएं कहीं से भी अपनी शिकायत पुलिस के पास दर्ज करा सकेंगी। पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने अभिव्यक्ति ऐप का जिले में बेहतर क्रियान्वयन एवं महिलाओं-छात्राओं को इस सुरक्षा ऐप का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कराने एवं व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एएसपी मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में शुक्रवार को जिले के थाना-चौकी प्रभारियों के द्वारा महिला सुरक्षा ऐप अभिव्यक्ति के प्रचार-प्रसार एवं इसके इस्तेमाल को लेकर पुलिस के अधिकारी विभिन्न स्कूलों, आश्रम एवं छात्रावास पहुंची और शिक्षकगण की मौजूदगी में एप के इस्तमाल के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फोन में प्ले स्टोर से अभिव्यक्ति महिला सुरक्षा एप डाउनलोड करना है। इसमें उन्हें साइन इन करना है, अपना मोबाइल नंबर डालना है, ओटीपी आएगा उसे एप में डालना है, केवायसी अपडेट करना है, जिसके बाद महिलाएं कभी भी इस एप के माध्यम से अपनी शिकायत अपलोड कर तुरंत पुलिस की सहायता प्राप्त कर सकती है और कानून के संबंध में किसी प्रकार के असमंजस की स्थिति में पुलिस अधिकारी से जानकारी लेने खुद अपना मोबाईल नंबर से छात्राओं को अवगत कराया।

अभिव्यक्ति एप में महिला सुरक्षा संबंधी दी गई है कई महत्वपूर्ण जानकारियां

पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की अभिव्यक्ति एप में महिला सुरक्षा से जुड़े कई अहम जानकारियां मौजूद है जिसे जरूर अध्ययन करें। उन्हें महिला संबंधी अधिकारों, कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। कहीं आने-जाने के दौरान किसी प्रकार की समस्या अथवा परेशानी होने पर एप का इस्तेमाल कर पुलिस को अवगत कराए यथासंभव पुलिस जल्द आप तक पहुंचेगी और पुलिस सहायता उपलब्ध होगी।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।