शनिवार, 17 सितंबर 2022

रेलवे साइडिंग चेक पोस्ट से लोहे का बाट चोरी मामले में थाना रामानुजनगर पुलिस ने 3 को किया गिरफ्तार


सूरजपुर। दिनांक 16.09.22 को रामानुजनगर के अदानी कंपनी का सिक्यूरिटी आफिसर रमेश बघेल ने थाना रामानुजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि चेक पोस्ट के बगल में कोयला वजन करने हेतु लोहे का 50-50 किलो का बाट करीब 80 नग रखा हुआ था, 11 सितम्बर के रात्रि में कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा 2 नग बाट को चोरी कर ले गया है। मामले की रिपोर्ट पर धारा 379 भादसं. के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। एसडीओपी प्रेमनगर प्रकाश सोनी के मार्गदर्शन में चोर की पतासाजी की जा रही थी इसी बीच मुखबीर से सूचना मिला कि ग्राम दवना का कमलभान सिंह लोहे का बाट रखा और बिक्री करने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा है। सूचना पर थाना रामानुजनगर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दबिश देकर कमलभान सिंह पिता शिव सिंह उम्र 25 वर्ष को पकड़ा। पूछताछ पर उसने बताया कि अपने साथी राहुल द्धिवेदी एवं अशोक सिंह के साथ 2 मोटर सायकल से अदानी रेलवे साइडिंग चेक पोस्ट पहुंचे और 2 नग लोहे का बाट चोरी करना स्वीकार किया। मामले में संलिप्त आरोपी राहुल द्धिवेदी पिता आदित्य उम्र 25 वर्ष निवासी रामानुजनगर व अशोक सिंह पिता जवाहर लाल उम्र 22 वर्ष ग्राम सरईपारा, थाना रामानुजनगर को भी घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपियों के निशानदेही पर 50-50 किलो का लोहे का बाट कीमत करीब 10 हजार रूपये एवं घटना में प्रयुक्त 2 नग मोटर सायकल जप्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रामानुजनगर रूपेश कुंतल, प्रशिक्षु डीएसपी दीपमाला कुर्रे, एएसआई बिसुनदेव पैंकरा व प्रधान आरक्षक हंसराम कनेडिया सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।