शनिवार, 16 मार्च 2019

कार्य में लापरवाही न बरते प्रधान आरक्षक मोहर्रिर-पुलिस अधीक्षक सूरजपुर


*  प्रधान आरक्षक मोहर्रिरों का बनेगा वाट्सएप गु्रप

*  आदतन बदमाशों पर कार्यवाही हेतु मंगाया रिकार्ड

सूरजपुर। थाना-चौकी में रिकार्ड संधारण, रख-रखाव, रोजनामचा लेखन कार्य सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी प्रधान आरक्षक मोहर्रिर की होती है। थाना की कार्यवाही की प्रत्येक गतिविधियां इन मोहर्रिरों से होकर गुजरती है। थानों के रिकार्ड संधारण व कार्यवाहियों के संबंध में रिकार्ड मिलान, रजिस्टरों का भौतिक सत्यापन सहित अन्य दिशा-निर्देश देने जिले के थाना-चौकी में कार्यरत प्रधान आरक्षक मोहर्रिर की बैठक शनिवार 16 मार्च को पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री जी.एस.जायसवाल ने पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में ली।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री जी.एस.जायसवाल ने प्रधान आरक्षक मोहर्रिरों से थाने के कार्यों, रिकार्ड संधारण, रोजनामचा लेखन कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने थाने के रिकार्ड संधारण की स्थिति अद्यतन रखने, सभी दस्तावेजों का संधारण उचित रूप से करने, निगरानी, गुण्डा बदमाश एवं जिला बदर की कार्यवाही हेतु आपराधिक रिकार्ड छांटकर भेजने एवं 01 सप्ताह के भीतर लंबित जप्ती माल के निराकरण/नष्टीकरण हेतु प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए साथ ही थानों के रिकार्ड का संधारण सही ढंग से करने के सुझाव दिए।इस अवसर एसपी सूरजपुर श्री जायसवाल ने कहा कि थानों का रिकार्ड अच्छा होगा तो कोई भी जानकारी मंगाए जाने पर वह त्वरित मिल सकेगी, मोहर्रिरों की जमीन स्तर की समस्या सीधे प्राप्त हो और उसका निराकरण तत्काल सुनिश्चित करने जिले के थाना-चौकी में कार्यरत प्रधान आरक्षक मोहर्रिरों का वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें सभी राजपत्रित अधिकारी भी होंगे। थानों में जप्ती माल निराकरण, बेहतर रिकार्ड संधारण पर प्रधान आरक्षक मोहर्रिरों को पुरस्कृत किया जाएगा। आगामी दिनों में थाना-चौकी के आकस्मिक निरीक्षण में कार्य में लापरवाही पाये जाने पर प्रधान आरक्षक मोहरिर्रो के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। राजपत्रित अधिकारियों को थानों का अधिक से अधिक भ्रमण एवं आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान सीएसपी डी.के.सिंह, डीएसपी मुख्यालय प्रकाश सोनी, एसडीओपी सूरजपुर मनोज ध्रुव, मुख्य लिपिक संतोष वर्मा, स्टेनो पुष्पेन्द्र शर्मा, रीडर ए.के.सोम, व्ही.के.सिन्हा, अमिताभ, एएसआई संजय सिंह सहित जिले के थाना-चौकी के प्रधान आरक्षक मोहर्रिर उपस्थित रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।