शुक्रवार, 16 सितंबर 2022

तेंदपत्ता कार्ड का केवाईसी के नाम पर अंगूठा लगवाकर ग्रामीणों से 125700 रूपये ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, थाना चंदौरा पुलिस की कार्यवाही

सूरजपुर। दिनांक 01.08.22 को ग्राम ठूठीझरिया थाना चंदौरा में एक अज्ञात व्यक्ति तेंदूपत्ता कार्ड का केवाईसी करने के नाम से आया व लगभग 21 ग्रामीणों का आधार कार्ड के माध्यम से फिंगरप्रिंट मशीन में अंगूठा लगवा कर सभी ग्रामीणों के खातों से अलग-अलग कुल 125700 रूपये धोखाधड़ी कर निकाल लिया, ग्रामीणों की शिकायत पर दिनांक 09.08.22 को मामले में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध क्रमांक 110/22 धारा 420 भादसं. के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। लोगों के साथ हुए धोखाधड़ी के मामले की सूचना पर पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह व एसडीओपी प्रतापपुर अमोलक सिंह के मार्गदर्शन में आरोपी की गहनता से खोजबीन की जा रही थी और नई तकनीकी की भी मदद ली गई। इसी बीच मुखबीर से धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति के बारे में महत्वपूर्ण सूचना मिली जिसके आधार पर आरोपी तुलसी यादव पिता जगदीश यादव उम्र 26 वर्ष निवासी गझगवां, थाना प्रतापपुर को पकड़ा गया। पूछताछ पर आरोपी ने अपराध कबूल करते हुए बताया की वह पिछले 7-8 महीनों से ऑनलाइन तीन पत्ती वीडियो गेम खेलने का आदि हो चुका है जिसमें लगभग ढाई लाख रूपये हार गया था इसी दौरान उसे पता चला कि ग्राम ठूठीझरिया में तेंदूपत्ता कार्ड का केवाईसी नहीं हुआ है और वहां मोबाइल सिग्नल भी ठीक से नहीं आता है तब वीडियो गेम में हारे पैसा की भरपाई के लिए ग्राम ठूठीझरिया के ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी करने का षड्यंत्र बनाया व घटना को अंजाम दिया और धोखाधड़ी किए गए पैसों को भी वह ऑनलाइन वीडियो गेम में हार गया है। आरोपी के कब्जे से मामले में इस्तेमाल किए गए मोटर साइकिल, एंड्राइड मोबाइल एवं फिंगरप्रिंट मशीन को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी चंदौरा शिवकुमार खुंटे, एएसआई अत्येंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक आनंद सिंह, रामकुमार, उदय सिंह, आरक्षक सेलवेस्टर लकड़ा, रवि जायसवाल व विनय कुमार सक्रिय रहे।   

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।