सूरजपुर। शुक्रवार 01 जुलाई को एसईसीएल अस्पताल भटगांव के लैब इन्चार्ज राजेश शर्मा ने थाना भटगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 30.06.22 के शाम 6 बजे से 01 जुलाई के सुबह 8 बजे के दरम्यान कोई अज्ञात व्यक्ति एसईसीएल अस्पताल के लैब रूम में रखा 1 नग अलमाइक्रो कंपनी का माइक्रोस्कोप चोरी कर ले गया। लैब इन्चार्ज की रिपोर्ट पर धारा 457, 380 भादसं. के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर व एसडीओपी प्रतापपुर अमोलक सिंह के मार्गदर्शन में थाना भटगांव की पुलिस अज्ञात चोर की पतासाजी में लगी थी इसी बीच मुखबीर की सूचना पर संदेही विष्णु प्रसाद पिता स्व. मनोहर लाल उम्र 38 वर्ष निवासी पुराना माईनस भटगांव को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया। पूछताछ पर उसने बताया कि उपचार के बहाने एसईसीएल अस्पताल गया था जहां लैब में माइक्रोस्कोप देख बिक्री करने के लिए चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी के निशानदेही पर चोरी किए गए माइक्रोस्कोप कीमत 30 हजार रूपये को जप्त कर आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी भटगांव शरद चन्द्रा, एसआई बृजमोहन गुप्ता, प्रधान आरक्षक संजय चौहान, सुन्दर लाल, आरक्षक रजनीश पटेल, मनोज जायसवाल, प्रकाश साहू व प्रहलाद पैंकरा सक्रिय रहे।
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'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।