सोमवार, 14 मार्च 2022

केशवनगर विद्युत क्षेत्रीय भंडार में हुए डकैती मामले का पुलिस ने किया खुलासा, 23 लाख रूपये कीमत की सामग्री सहित 11 आरोपी गिरफ्तार, थाना विश्रामपुर पुलिस की कार्यवाही


सूरजपुर। दिनांक 14/02/2022 एवं 17/02/2022 के दरम्यानि रात्रि 12 से 3 बजे के मध्य ग्राम केशवनगर स्थित विघुत क्षेत्रिय भण्डार में हथियार से लैस अज्ञात 14-18 व्यक्तियों के द्वारा बाउण्ड्री के अंदर घुस कर विद्युत कंपनी केशवनगर के स्टोर यार्ड में सुरक्षा प्रहरियों को हथियार, राड, डंडा से लैस होकर डरा धमका कर मारपीट कर पुराना 3150 केव्हीए पावर ट्रासफार्मर का 14 नग कापर एलटी/एचटी वाईडिंग कॉपर, क्वाईल तथा टेप चेंजर, कॉपर क्वाईल तथा सीसीटीव्ही कैमरा का 01 नग एनव्हीआर स्वीच और मंदिर के अंदर रखे एक नग एम्पलीफायर जिसकी अनुमानित कीमत 225000/- रूपये की चोरी कर ले गये थे जिस पर थाना विश्रामपुर के अपराध क्रमांक 27/2022 धारा 457, 380, 435, 427, 34 भादंस एवं अपराध क्रमांक 34/2022 धारा 395, 458, 506, 323, 342, 120(बी) भादस व 25, 27 आर्म्स एक्ट का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल के आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर लगाया और सभी बिन्दुओं की बारीकी से विवेचना करने के निर्देश दिए। 
            अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर व सीएसपी जे.पी.भारतेन्दु के मार्गदर्शन में पुलिस की टीम लगातार मुलजिम की पतासाजी हेतु सूरजपुर क्षेत्र सहित आसपास के जिलों में रवाना किया गया था एवं सायबर सेल सूरजपुर से सहयोग लिया जा रहा था। इसी बीच नई तकनीक के सहयोग से ज्ञात हुआ कि उक्त प्रकरण के संदेही कटघोरा, कोरबा क्षेत्र के होने से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल टीम को कोरबा, कटघोरा की ओर रवाना हुए। पुलिस टीम द्वारा संदेहियों के सकुनत पर दबिश दिया गया जो संदेही 1. रफीक खान पिता सफीक खान निवासी सिरमिना, 2. अजीत पटेल पिता सनक राम पटेल निवासी कापूबहरा, 3. राजनेत नारंगे पिता स्व. तिहारू नारंगे निवासी सुतर्रा, 4. प्यारे लाल पिता जयपाल सारथी निवासी सिरमिना, 5. कलसाय पिता भोलाराम यादव निवासी केशलपुर, 6. पत्थर सिंह पिता लोल सिंह निवासी जगनीमुडा, 7. शिवकुमार ऊर्फ लाली पिता श्याम लाल विश्वकर्मा निवासी केशलपुर, 8. माजिद अली पिता हैदर अली निवासी कटघोरा, 9. अमर सिंह पिता बिहारी निवासी सिरमिना, 10. रामेश्वर पोर्ते पिता पंचराम निवासी केशलपुर सभी जिला कोरबा व 11. राजेश कुमार पिता स्व. काशी प्रसाद निवासी धबलपुर जिला कोरिया जिनसे चोरी व डकैती के सबंध में कडाई से पूछताछ करने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया तथा घटना में प्रयुक्त हथियार एवं चोरी व डकैती का माल अपने- अपने घरो में छिपा कर रखना बताये। आरोपियों के निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा बरामद कर जप्त किया गया। प्रकरण के अन्य 02 आरोपी अपने सकुनत से फरार है। घटना में आरोपियों द्वारा उपयोग में लाया गया वाहन स्कार्पियो सीजी 22 पी 9802, हुण्डई की कार सीजी 12 एटी 7823, मोटर सायकल अपाचे, होण्डा साईन, मैकेनिकल उपकरण पाना, पेचकस, आर्री ब्लेड, चापड, सबल, कटर, 01 नग देशी कट्टा, 01 नग एयर पिस्टल, 01 नग एयर गन, चोरी व डकैती का माल 01 नग एम्पली फायर, कॉपर व तांबे का केबल व तांबे का गल्ला हुआ गोल ईट, 07 नग मोबाईल कुल मशरूका कीमती 23 लाख रूपये का बरामद कर 11 आरोपियों को विधिवत् गिरफ्तार किया गया।
            इस कार्यवाही में थाना प्रभारी विश्रामपुर शिवकुमार खुटे, थाना प्रभारी जयनगर सुभाष कुजूर, चौकी प्रभारी लटोरी सुनील सिंह, एएसआई लक्ष्मी गुप्ता, अरूण गुप्ता, सोहन सिंह, वरूण तिवारी, अशोक तिर्की, प्रधान आरक्षक आनंद सिंह, अविनाश सिंह, संजय सिंह यादव, उदय सिंह, विकाश सिंह, सुशील तिवारी, रामनिवास तिवारी, नवीन सिंह, आरक्षक अखिलेश पाण्डेय, अकरम, अजय प्रताप, मुकेश साहू, ललन सिंह, राम कुमार नायक, राजीव तिवारी, जितेन्द्र पटेल, अमरेन्द्र दुबे, महेन्द्र सिंह, अपील चौधरी, नागेश नाहक, रविशंकर पाण्डेय, सायबर सेल से रोशन सिंह व युवराज यादव सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।