शुक्रवार, 28 मई 2021

कोयला चोरी का मामला- ईंट भट्ठा संचालक व मुंशी के विरूद्व हुई कार्यवाही...........


30 हजार कीमत के 5 टन चोरी का कोयला बरामद, इलेक्ट्रानिक कांटा भी जप्त।

सूरजपुर: गुरूवार 27 मई 2021 को नवपदस्थ थाना प्रभारी रामानुजनगर को मुखबीर से सूचना मिली कि ग्राम साल्ही के मनोज साहू जिसका आमगांव में चिमनी ईंट भट्ठा है वहां अवैध रूप से चोरी का कोयला खपाया जा रहा है और वहां चोरी का कोयला बोरी में रखा हुआ है जिसके बारे में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश कुकरेजा को अवगत कराए जाने पर उन्होंने तत्काल दबिश देते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
          अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर व एसडीओपी प्रेमनगर प्रकाश सोनी के मार्गदर्शन में रामानुजनगर पुलिस ने मनोज साहू के आमगांव स्थित चिमनी ईट भट्टा में दबिश देने पर वहां अवैध रूप से *चोरी का कोयला 70 बोरी में कुल 5 टन कीमत 30 हजार रूपये* का पाया गया जिसके संबंध में वैध दस्तावेज की मांग करने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया जो कोयला चोरी का होने की पूर्ण अंदेशा पर ईंट भट्ठा संचालक मनोज साहू पिता स्व. प्रसाद साहू उम्र 40 वर्ष निवासी साल्ही, थाना रामानुजनगर एवं ईंट भट्ठा का मंुशी संजय सिंह पिता मनी प्रसाद निवासी नीमपारा, थाना विश्रामपुर से 5 टन चोरी का कोयला एवं इलेक्ट्रानिक कांटा जप्त कर दोनों के विरूद्व धारा 41(1-4) जा.फौ./379 भादवि के तहत् कार्यवाही की गई।
          इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रामानुजनगर बिपीन लकड़ा, एएसआई बृजेश यादव, आरक्षक दीपक यादव, अनुज यादव, रामसागर साहू, शिव सिंह व महिला आरक्षक तेरेसा तिग्गा सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।