सूरजपुर। जिले के नये पुलिस अधीक्षक श्री जी.एस.जायसवाल ने पुलिस अधीक्षक सूरजपुर का पदभार ग्रहण किया। पूर्व पुलिस अधीक्षक श्री डी.आर.आंचला ने पुष्पगुच्छ से श्री जायसवाल का स्वागत करते हुये कार्यभार सौंपा। कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री जी.एस.जायसवाल एवं पूर्व पुलिस अधीक्षक श्री डी.आर.आंचला ने जिले में कार्यरत् डी.एस.पी. अजाक बी.एल.केहरी जो हाल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत हुये उन्हें अशोक स्तम्भ लगाया।इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस.आर.भगत, सीएसपी डी.के.सिंह, एसडीओपी सूरजपुर मनोज ध्रुव, एसडीओपी ओड़गी डाॅ. ध्रुवेश जायसवाल, मुख्य लिपिक संतोष वर्मा, स्टेनो पुष्पेन्द्र शर्मा, थाना प्रभारी दीपक पासवान, सुनील तिवारी, तेजनाथ सिंह, सी.पी.तिवारी, रामेन्द्र सिंह, व्ही.एन.भारद्वाज, ए0टोप्पो, अजरूद्दीन, ओ.पी.कुजूर, यातायात प्रभारी सूरजन राम राजवाड़े, रक्षित निरीक्षक रामप्रसाद पैकरा, एसआई सी.आर.राजवाड़े, स्पेशल पुलिस टीम प्रभारी सरफराज फिरदौसी, चौकी प्रभारी प्रमोद पाण्डेय, कपिलदेव पाण्डेय, रविन्द्र प्रताप सिंह, सुमन्त पाण्डेय, सहित जिला पुलिस कार्यालय के अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।
