मंगलवार, 20 जनवरी 2026

आरक्षक के मजबूत इनफॉमेशन सूचना पर पकड़े गए 7 स्थाई वारंटी, डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर ने आरक्षक को दिया नगद ईनाम।

 

सूरजपुर। रामानुजनगर थाना में पदस्थ आरक्षक अमलेश्वर कुमार के मजबूत इनफॉमेशन नेटवर्किंग के कारण वर्षाे से फरार 7 स्थाई वारंटी को धरदबोचा गया है। स्थाई वारंटी को पकड़वाने में उत्कृष्ट कार्य करने पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरक्षक को 5 सौ रूपये का नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।
             अपराधों की रोकथाम के लिए डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पूर्व में थाना-चौकी प्रभारियों की बैठक में कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि स्थाई वारंट तामीली में लापरवाही नहीं होनी चाहिए, वारंटी वर्तमान में कहां उसकी जानकारी निकाले, अब तक स्थाई वारंट की तामीली क्यों नहीं की गई उसकी अद्यतन स्थिति से बारे में विस्तृत जानकारी ली थी और उन्हें कड़े शब्दों में कहा था कि तामीली में लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती ओर उत्कृष्ट कार्य पर पुरस्कृत करेंगे। स्थाई वारंट तामीली के लिए थाना-चौकी प्रभारी स्वयं भी जाए, पुलिस अधिकारी व जवानों को तामीली के लिए भेजने से पहले उन्हें ब्रीफ करें और उन्हें हिदायत दें कि अपने पूर्ण अनुभव का इस्तेमाल करते हुए वारंट को तामील करें।
             इसी क्रम में थाना रामानुजनगर में पदस्थ आरक्षक अमलेश्वर कुमार के इनफॉमेशन नेटवर्किंग के माध्यम से स्थाई वांरटी की महत्वपूर्ण सूचना थाना प्रभारी को बताया गया जो उक्त सूचना की तस्दीक कर वर्षाे से फरार चल रहे एक्सीडेंट, एमव्ही एक्ट, मारपीट, गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी की धाराओं में फरार स्थाई वारंटी उर्मिला, बबीता, देवन्ती, श्रीमती उर्फ श्रीबती, मुरलीधर, फुलेश्वर व 1 अन्य को दबिश देकर पकड़ा गया। पकड़े गए वारंटियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।