बुधवार, 13 अगस्त 2025

1 मवेशी तस्कर गिरफ्तार, 3 लाख 60 हजार रूपये कीमत के मवेशी, 18 लाख कीमत के वाहन जप्त, थाना चंदौरा पुलिस की कार्यवाही

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने अवैध कार्यो पर पूर्णतः अंकुश लगाने और ऐसे कृत्य में शामील लोगों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए है। इसी परिप्रेक्ष्य में दिनांक 08/07/2025 को थाना चंदौरा पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि भटगांव की ओर से तीन पिकअप एवं एक सेन्ट्रो कार आगे-आगे तथा तीनों पिकअप में ठुस-ठुसकर मवेशी भैंस-भैंसा क्रूरतापूर्वक लोडकर बनारस मार्ग से झारखण्ड की ओर जा रहे है।
              सूचना पर फौरन नाकाबंदी लगाया गया, पुलिस की नाकाबंदी देखकर कार चालक गुड्डू उर्फ सइद खान व उसका एक साथी तथा एवं तीनों पिकअप वाहन के चालक वाहन को घुमाकर भागने लगे जिनका पिछा करने पर महान नदी के उपर घाट के पास कार चालक गुड्डू उर्फ सईद खान को पकड़ा गया तथा उसका साथी तथा तीनों पिकअप चालक गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पिकअप वाहनों की तलाशी लेने पर प्रत्येक पिकअप में 6-6 नग कुल 18 नग भैंस-भैसा लोड़ पाया गया जिसमें से एक भैंस मृत अवस्था में मिला तथा कार की तलाशी लेने पर 6500 रूपये नगदी मिला। पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि अपने साथियों के साथ मिलकर मवेशी की तस्करी कर रहा था। मामले में मवेशी भैंस-भैंसा कीमत 3 लाख 60 हजार रूपये, पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 66 जी 2881, पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 66 जेडए 9050, पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 66 जेडसी 3315, कार क्रमांक सीजी 15 बी 1135 कीमत करीब 18 लाख रूपये तथा नगदी रकम 6500/- रूपये जप्त कर अपराध क्रमांक 48/25 धारा कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10, पशु क्रूरता निवा. अधिनियम की धारा 11(घ) एवं बीएनएस की धारा 111, 325, 249 के तहत कार्यवाही कर गुड्डु उर्फ सइद खान उर्फ सईद मुबारक पिता स्व. जाकीर हुसैन उम्र 36 वर्ष निवासी मलगा थाना भटगांव को गिरफ्तार किया गया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। इस कार्यवाही में नवपदस्थ थाना प्रभारी चंदौरा मनोज सिंह, एएसआई सुनील भारती, एएसआई नील कुसुम बेक, प्रधान आरक्षक शैलेश सिंह, आरक्षक रविन्द्र जायसवाल, सूरज पाटिल, अमृत लाल व शिवभजन राजवाड़े सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।