सूरजपुर। जिले में कार्यरत् 14 प्रधान आरक्षक पदोन्नत होकर एएसआई बने। गुरूवार, 17 अक्टूबर 2024 को डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री एम.आर.आहिरे (भापुसे) ने प्रधान आरक्षक अमरेश सिंह, विवेकानंद सिंह, आलोक सोनी, विशाल मिश्रा, कुसुमकांता लकड़ा, संजय कुमार सिंह, अविनाश सिंह, अदीप प्रताप सिंह, अशोक साहू, इन्द्रजीत सिंह, रविनंद सिंह, पूरनचंद राजवाड़े, लखेश साहू व ऐसन पाल के कंधों पर स्टार लगाकर एएसआई पद पर पदोन्नति दी। उन्होंने पदोन्नत हुए प्रधान आरक्षकों को कहा कि जनता के हित में कार्य करें, फरियादी को न्याय दिलाने की दिशा में त्वरित एक्शन ले और सौपें गए दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ ईमानदारी से निर्वहन करें। उन्होंने पदोन्नत हुए प्रधान आरक्षकों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाए दी। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, सीएसपी एस.एस.पैंकरा, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, रक्षित निरीक्षक अशोक गिरी, निरीक्षक प्रकाश राठौर, जावेद मियांदाद, स्टेनो अखिलेश सिंह, आनंद राम पैंकरा, महेश पैंकरा, अग्रिमा मिश्रा, दशरथ पैंकरा, अरविन्द्र प्रसाद सहित अन्य पुलिस अधिकारीगण मौजूद रहे।
'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।
