सूरजपुर। बुधवार, 30 नवम्बर को एसडीओपी प्रेमनगर प्रकाश सोनी ने थाना प्रेमनगर का द्धितीय अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने पुलिस कर्मियों की समस्याओं को जाना तथा उन्हें कर्तव्यों का बेहतर ढंग से निर्वहन करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू के निर्देशन में किए गए अर्द्धवार्षिक निरीक्षण में एसडीओपी प्रेमनगर आज सुबह प्रेमनगर थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के वेश-भूषा का निरीक्षण किया तथा अच्छे वेश-भूषा धारण करने वाले जवानों को पुरस्कृत करने प्रतिवेदन भेजा। थाना भवन, प्रधान आरक्षक कक्ष, विवेचक कक्ष व मालखाना का निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने थाने में अभिलेखों एवं उपकरणों का निरीक्षण कर थाने के सीसीटीवी कैमरों के सुचारु रूप से संचालन हेतु थाना प्रभारी को निर्देशित किया। थाना-चौकी प्रभारियों से बीट क्षेत्र में बनाए गए वाटसए्प ग्रुप के बारे में जानकारी ली और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आयोजन करने के निर्देश दिए। थाना के सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों का जायजा लेने पर रिकार्ड दुरूस्त पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान थाना प्रभारी प्रेमनगर रूपेश कुंतल, चौकी प्रभारी तारा उमेश सिंह, चौकी प्रभारी उमेश्वरपुर देवनाथ चौधरी सहित थाना व चौकी के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।