रामानुजनगर थाना में दर्ज कराए गए गुम इंसान जिनमें ग्राम कालीपुर, सेन्दरी, सरईपारा, नारायणपुर व परशुरामपुर की 5 महिला-पुरूष घर से बिना बताए कहीं चले गए थे जिनके परिजनों ने थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर व एसडीओपी प्रकाश सोनी के मार्गदर्शन में रामानुजनगर पुलिस ने पिछले 2 दिनों में मुखबीर की सूचना व प्राप्त जानकारी के आधार पर उनके मिलने के संभावित स्थानों का पता लगाकर दिगर थाना व जिले से 05 लोगों को ढूंढ निकालने में सफलता पाई है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी रामानुजनगर विकेश तिवारी, एएसआई बृजेश यादव, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह, फिरोज खान, आरक्षक दीपक यादव सक्रिय रहे।
मंगलवार, 16 नवंबर 2021
रामानुजनगर पुलिस ने 5 गुमशुदा को ढूंढ निकाला, परिवार में लौटी खुशियां
'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।