बुधवार, 21 अक्तूबर 2020

सूरजपुर पुलिस ने छेड़छाड़ के मामले में 5 दिनों के भीतर पेश किया चालान.............


सूरजपुर: जिले की पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घर में घुसकर महिला को बेईज्जत करने की नियत से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी व विवेचना पूर्ण कर 5 दिनों के भीतर चालान पेश किया है। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधिकारियों को बालिका एवं महिलाओं के विरूद्व घटित होने वाले अपराधों में तत्काल कार्यवाही करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए जल्द चालान न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए थे।         

          पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश कुकरेजा के द्वारा जिले के पुलिस अधिकारियों को बालिका एवं महिलाओं पर घटित हुए अपराधों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही एवं मामले की विवेचना शीघ्रता से पूर्ण कर चालान न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए थे ताकि पीड़ित को जल्द न्याय मिल सके।
          
          सूरजपुर जिले के चौकी लटोरी का यह मामला है, जहां 16 अक्टूबर 2020 को एक महिला को घर में अकेला देखकर आरोपी खेलावन सिंह के द्वारा घर में घुसकर बेईज्जत करने की नियत से छेड़छाड़ किया। जिसकी रिपोर्ट चौकी लटोरी में 16 अक्टूबर को पीड़िता के द्वारा की गई। मामले में लटोरी पुलिस ने आरोपी खेलावन सिंह के विरूद्व अपराध क्रमांक 223/20 धारा 454, 354 भारतीय दण्ड संहिता के तहत् मामला दर्ज किया गया।

          मामले की विवेचना चौकी प्रभारी लटोरी सुनील सिंह के द्वारा करते हुए एफआईआर के महज 2 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जांच में पीड़िता का कथन महिला पुलिस अधिकारी से कराया गया एवं पीड़िता का माननीय न्यायालय में धारा 164 सीआरपीसी का बयान दर्ज कराते हुए मामले में महज 05 दिन के भीतर साक्ष्य संकलित करते हुए विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय सूरजपुर में पेश कर किया गया। इससे आरोपी को जल्द सजा मिल सकेगी और इस तरह की सोच रखने वालों को पुलिस की ओर से सख्त मैसेज भी जायेगा। ज्ञात हो कि इसके पूर्व में चौकी रेवटी के एक मामले में घर में घुसकर नाबालिक से अनाचार के प्रयास के मामले में भी 5 दिनों के भीतर चालान पेश की गई थी।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।