सोमवार, 28 जनवरी 2019

एनडीआरएफ की टीम मानवी ठक्कर को खोजने हेतु पहुंची रकसगण्डा जलप्रपात




*  जलप्रपात का 90 प्रतिशत पानी का बहाव किया जा चुका है डायवर्ट।

सूरजपुर/चांदनी। गत् 20 जनवरी को जयन्त कालरी मध्यप्रदेश निवासी 8 वर्षीय मानवी ठक्कर पिता लीलाधर ठक्कर दुर्घटनावश रकसगण्डा जलप्रपात में गिर गई थी। जिसकी पिछले कई दिनों से सूरजपुर पुलिस, गोताखोरों, तैराको एवं परिजनों द्वारा लगातार तलाश की जा रही थी किन्तु मानवी ठक्कर का पता नहीं चल पाया। जिसकी जानकारी पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री माननीय श्री टी.एस.सिंहदेव को मिलने पर उन्होंने त्वरित एनडीआरएफ की टीम से मानवी ठक्कर की खोजबीन कराने हेतु आवश्यक पहल किया गया जिसके फलस्वरूप कटक उड़ीसा की एनडीआरएफ की टीम जो बेमेतरा में थी वहां से एनडीआरएफ के निरीक्षक चंदन कुमार शाह सहित 18 सदस्यीय टीम सूरजपुर जिले के रकसगण्डा जलप्रपात पहुंच चुकी है। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री हिमांशु गुप्ता के द्वारा पल-पल की प्रोग्रेस रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री जी.एस.जायसवाल से ली जा रही है एवं एनडीआरएफ की टीम को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है।
रकसगण्डा जलप्रपात में विगत् 2 दिनों से हुई बारीश के कारण काफी पानी का बहाव तेज हो गया था जिससे खोजबीन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। जलप्रपात के तेज बहाव को रोकने हेतु एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस व ग्रामवासियों के सहयोग से करीब 7-8 हजार सैंड बोरी से जलप्रताप के तेज बहाव को करीब 90 प्रतिशत डायर्वट कर दिया गया है और एनडीआरएफ की टीम जलप्रपात के भीतर जाकर खोजबीन कर रहा है। पानी डायर्वट करने के कार्य में तेजी लाने आज पोकलेन की मदद् भी ली गई। 8 वर्षीय मानवी की खोजबीन के दौरान प्रतिदिन ठक्कर परिवार के 60-70 परिजन लगातार अपनी उपस्थित बनाये हुये है। खोजबीन का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
खोजबीन के दौरान एसडीओपी ओड़गी डाॅ. ध्रुवेश जायसवाल, एनडीआरएफ के निरीक्षक चंदन कुमार शाह की पूरी टीम, थाना प्रभारी चांदनी विकेश तिवारी, मध्यप्रदेश के जिन्दनगर थाना प्रभारी अरूण पाण्डेय, शासन चैकी के बालेन्द्र त्यागी, जिला प्रशासन के अधिकारी सहित काफी संख्या में ग्रामीणजन खोजबीन में लगे हुये है।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।