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गुरुवार, 1 सितंबर 2022

पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने बैंकों की सुरक्षा परखने चलाया विशेष अभियान। बैंकों के आसपास संदिग्धों की भी हुई छानबीन।

सूरजपुर। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री रामकृष्ण साहू के निर्देश के बाद जिले के समस्त थाना-चौकी प्रभारियों एवं पुलिस की कई टीमों ने बैंकों की सुरक्षा आडिट का अभियान चलाया। इस दौरान सभी थाना-चौकी क्षेत्रों के बैंकों की तलाशी लेकर सायरन के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की जांच की। पुलिस के अधिकारियों ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, बैंक परिसर में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग, बैंक के ग्राहक किसी प्रकार की ठगी का शिकार न हो, बैंक में लगे सुरक्षा अलार्म सिस्टम ठीक ढंग से काम कर रहे है अथवा नहीं इसे अपनी उपस्थिति में चेक करवाया। पुलिस अधिकारियों ने जिन बैंक में गार्ड नहीं पाए उन बैंक प्रबंधकों को सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करने के साथ ही सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और बैंक के निकास व प्रवेश द्वार की जानकारी ली। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस के द्वारा बैंक के साथ ही एटीएम की भी सुरक्षा का जायजा लिया। गुरूवार, 01 अगस्त को जिले की पुलिस ने एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, सरगुजा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सेन्ट्रल बैंक, देना बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंकों की जांच की।
        पुलिस के जांच अभियान में बैंक में भीड़ लगाए लोग अचानक पुलिस को आया देख लाइन में खड़े हो गए। वहीं बिना काम के बैंक में मौजूद लोगों से पुलिस ने पूछतांछ के बाद बाहर का रास्ता दिखाया। संदिग्ध रूप से बैंक में मौजूद लोगों की पुलिस ने तलाशी ली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैंकों के शाखा प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने बैंक अधिकारियों को जांच के दौरान समझाइश दी कि बैंक की सुरक्षा में पाए गए कमियों को जल्द दुरूस्त कराये, जिन बैंकों में गार्ड नहीं है उन शाखा प्रबंधकों को जल्द ही सुरक्षा गार्ड रखने के निर्देश दिए गए है। थाना प्रभारियों ने बैंक के शाखा प्रबंधकों से मुलाकात कर बैंक के सामान्य कामकाज की जानकारी ली और उन्हें बैंक के बाहर तथा सड़क तक फोकस करने हेतु सीसीटीव्ही कैमरा लगवाने एवं सीसीटीव्ही फुटेज पर हर समय निगरानी रखने को कहा है। बैंक की सुरक्षा एवं ग्रामीणजन किसी प्रकार की ठगी का शिकार न हो इसकी रोकथाम समेत सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस बैंकों की जांच कर रही है। बैंकों में आगजनी से बचाव के उपकरणों का भी जायजा लिया गया। बैंकों के शाखा प्रबंधकों व स्टाफ के साथ सुरक्षा पर चर्चा कर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस प्रकार से औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। 

सोमवार, 27 जून 2022

बैंक फ्रॉड एवं सायबर क्राईम को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने ली बैंक अधिकारियों की बैठक, दिए सुरक्षा संबंधी निर्देश


सूरजपुर। समय के साथ तेजी से बढ़ रहे सायबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर रोकथाम एवं बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ बनाने हेतु पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने सोमवार, 27 जून को बैंक अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान बैंक अधिकारियों को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी से पीड़ित व्यक्ति को तत्परता के साथ राहत प्रदान करने निर्देशित किया। बैठक के दौरान शाखा प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले ग्राहकों को त्वरित जानकारी देते हुए रकम वापसी का पूरा प्रयास किया जाए।  बैठक में उपस्थित बैंक अधिकारियों से चर्चा के दौरान एएसपी हरीश राठौर ने कहा कि वर्तमान समय में सायबर क्राईम एवं बैंक फ्रॉड बड़ी समस्या है। ग्रामीणों को धोखाधड़ी से बचाव को लेकर चर्चा करते हुए शाखा प्रबंधकों को कहा कि किसी व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी होता है तो वह सबसे पहले बैंक जाता है और उसके बाद पुलिस के पास पहुंचता है। उन्होंने कहा कि किसी के द्वारा फ्रॉड होने की सूचना बैंक में दिए जाने पर तत्काल संबंधित का खाता होल्ड की जाए और ट्रान्जेक्शन की पूरी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई जाए। नया एकाउन्ट खोलते के दौरान पूर्ण सतर्कता बरतने, बैंक में सीसीटीव्ही कैमरा की जांच नियमित तौर पर करने सहित बैंक व एटीएम की सुरक्षा संबंधी मापदण्डों का पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में शाखा प्रबंधकों को कहा कि किसी व्यक्ति का खाता दूसरे शहर व जिले में है और संबंधित बैंक में आकर वह अपने साथ हुए धोखाधड़ी की जानकारी देता है तो आपकी जिम्मेदारी है कि व्यक्ति जिसका खाता दूसरे शहर में है उसका खाता ब्लाक करवाए ताकि उसे आर्थिक क्षति होने से बचाया जा सके। उन्होंने शाखा प्रबंधकों को साईबर क्राईम पोर्टल हेल्पलाईन नंबर 1930 के बारे में जानकारी दी। बैंक अधिकारियों एवं गार्ड के पास थाना-चौकी प्रभारी सहित पुलिस कन्ट्रोल रूम का नंबर की जानकारी अनिवार्य रूप से रखने कहा। सूरजपुर पुलिस के द्वारा ऑनलाईन धोखाधड़ी संबंधी मामले में त्वरित कार्यवाही व सूचना देने हेतु सूरजपुर के सभी बैंकों के नोडल अधिकारी के साथ एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया है। एसआई नीलाम्बर मिश्रा ने शाखा प्रबंधकों को साईबर क्राईम से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराते हुए सतर्कता बरतने को कहा।
            इस दौरान थाना प्रभारी सूरजपुर प्रकाश राठौर, एसआई नीलाम्बर मिश्रा, एएसआई विराट विशी, शाखा प्रबंधक जादबेन्द्र कम्प, रौशन सिंह, रोहित मिंज, शैलेश झा, विजय सिंह, महबूब आलम, यशवीर सिंह, अमित प्रसाद, एलडीएम शिबू इपेन, अभय दुबे, विजय कुमार, पियुश कुमार, अभिषेक कुमार, रॉबिन, विकेश गुप्ता, हेमराज सिंह, अभिषेक सिंह, विश्वजीत सिंह, दिनेश्वर साय, अनिल गुप्ता, राहुल कुमार, तफार अब्बास, संजीव कुमार, सौरभ तिवारी, संजय मण्डल व आरक्षक युवराज यादव मौजूद रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।