मंगलवार, 23 जून 2026

सूरजपुर में हुआ अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन। अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल है एक मूल्यवान अभ्यास, पुलिस व अग्निशमन दल का है एक ही उद्देश्य जीवन बचाना- डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर।

 

सूरजपुर। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को पुलिस लाईन सूरजपुर में नगर सेना के अग्निशमन दल के द्वारा पुलिस अधिकारी व जवानों को अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें आग से बचाव, आपातकालीन स्थितियों से निपटने और आग लगने के दौरान शांत रहने के महत्व पर बहुमूल्य जानकारी प्रदान की गई। जिले में राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह (14 से 20 अप्रैल) तक आयोजित होंगे जिसके तहत अग्निशमन दल के द्वारा स्कूल, कालेजों, कारखानों व महत्वपूर्ण स्थानों पर आग लगने के दौरान जान-माल की सुरक्षा कैसे कर सकते है उसके लिए डेमो देकर जानकारी साझा की जायेगी।
इस अवसर पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि जब हम वर्दी धारण कर किसी घटना-दुर्घटना, आग जैसी उत्पन्न आपात स्थिति में राहत और बचाव के लिए पहुंचते है तो सभी को लगता है कि हम सब इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशिक्षित है। ऐसे परिस्थिति से निपटने के लिए हमें प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है ताकि हम लोगों की जान बचा सके। इस ड्रिल में आग से बचाव, आपातकालीन स्थितियों से निपटने और आग लगने के दौरान अपनी और वहां मौजूद लोगों को किस तरह से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। ऐसी स्थिति में सावधानी बरतते हुए सुरक्षा को पहले रखें, अगर आग बड़ी है तो सतर्कता बरते, घबराए नहीं, सुरक्षित स्थान पर पहुंचे, अग्निशमन दल के पहुंचने का इंतजार करें। यह ड्रिल सुरक्षा का पूर्वाभ्यास है जिसमें समयबद्धता, समन्वय और शांति महत्वपूर्ण हैं। डीआईजी व एसएसपी श्री ठाकुर ने कहा कि कारखाने, संस्थानों सुनिश्चित करें कि अग्निशामक यंत्र उपलब्ध हों और काम कर रहे हों। अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल एक मूल्यवान अभ्यास है। पुलिस व फायर सर्विस का उद्देश्य एक ही है जीवन बचाना।
इस अवसर पर जिला अग्निशमन अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि आग लगने पर सबसे पहले शांत रहकर 101/112 पर कॉल करने, बिजली का मुख्य स्विच बंद करने, और यदि आग छोटी है तो फायर एक्सटिंग्यूशर या गीले कंबल का उपयोग करें। धुएँ से बचने के लिए झुककर बाहर निकलें, भीड़ न लगाएं और निकास मार्ग खुला रखें।

अग्निशमन दल द्वारा सुझाए गए प्रमुख उपाय।
अग्नि शमन दल ने बताया कि आग लगने पर तत्काल कार्रवाई करें, आग लगने पर घबराएं नहीं। छोटे स्तर की आग को तुरंत फायर एक्सटिंग्यूशर या रेत/मिट्टी डालकर नियंत्रित करें। बिजली/शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर पानी का प्रयोग कभी न करें। सबसे पहले मेन स्विच बंद करें।

अग्निशामक यंत्र के उपयोग के बारे में डिटेल जानकारी दी।
आग लगने पर सुरक्षित निकास के निर्देश अग्नि शमन दल ने बताए और कहा कि बिल्डिंग में आग लगने पर धुएँ से बचने के लिए झुककर या घुटनों के बल बाहर निकलें। लिफ्ट का उपयोग न करें। गैस सिलेंडर की आग पर यदि संभव हो तो सिलेंडर के रेगुलेटर को बंद करें, या रेगुलेटर पर गीला कंबल/बोरी डालकर ऑक्सीजन की आपूर्ति काट दें। सुरक्षित दूरी अपनाए, यदि आग बढ़ रही है, तो तुरंत बाहर निकलें और दमकल के आने तक सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इस ड्रिल के दौरान निरीक्षक जावेद मियादांद, राजेन्द्र साहू, उप निरीक्षक अग्निशमन राकेश पांडेय, पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।