मंगलवार, 17 मार्च 2026

दिवंगत-आरक्षक के परिवार को मिली 1 करोड़ की सहायता राशि, ड्यूटी जाने के दौरान हुआ था निधन, पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मिली राशि। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर व एसबीआई रिजनल मैनेजर अविनाश पाणिग्रही ने दिवंगत आरक्षक के गृहग्राम चकेरी पहुंच सौपा 1 करोड़ का चेक।

 

सूरजपुर। ड्यूटी जाने के दौरान सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए सूरजपुर जिले के आरक्षक मसत राम पैंकरा के परिजनों को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर व एसबीआई रिजनल मैनेजर अविनाश पाणिग्रही दिवंगत आरक्षक के ग्रहग्राम चकेरी (शर्मा) थाना उदयपुर, जिला सरगुजा जाकर आरक्षक की धर्मपत्नी कुसुम सिंह को यह राशि चेक के माध्यम से सौंपी।
आरक्षक मसत राम पैंकरा जिला सूरजपुर में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के गनमैन थे। उनका आकस्मिक निधन 17 सितम्बर 2025 को ड्यूटी जाने दौरान एक सड़क दुर्घटना में हो गया था। इस घटना पर पुलिस विभाग ने गहरा शोक व्यक्त किया था।
डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने बैंक अधिकारियों के साथ 13 मार्च 2026 को आरक्षक की धर्मपत्नी कुसुम सिंह व परिजनों को सांत्वना देते हुए भारतीय स्टेट बैंक शाखा से 1 करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया। यह सहायता पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत दी गई है।
दिवंगत आरक्षक की धर्मपत्नी व परिजनों ने आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस प्रशासन और बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। विदित हो कि आरक्षक की आकस्मिक मृत्यु उपरान्त उनके बड़े पुत्र गणेश प्रसाद को अनुकम्पा नियुक्ति नव आरक्षक के पद पर हुई है। पुलिस सैलरी पैकेज योजना का मुख्य उद्देश्य ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी/कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवार को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। इस अवसर पर डिप्टी मैनेजर प्रेमशंकर सिंह, दिवगंत आरक्षक के पिता बीर सिंह सहित उनके परिजन मौजूद रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।