मंगलवार, 20 जनवरी 2026

पशु तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई, तस्करी में प्रयुक्त वाहन होगी राजसात। कलेक्टर सूरजपुर ने पशुओं के अवैध परिवहन में जप्त 1 वाहन को राजसात करने जारी किया आदेश। पशुओं के अवैध परिवहन में लिप्त व्यक्तियों पर आगे भी जारी रहेगी कठोर कार्रवाई।

 

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम के तहत पशु तस्करी प्रकरण में जब्त किए गए एक वाहन को शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सूरजपुर श्री एस जयवर्धन ने जारी किया है। इस मामले में राजसात की कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने कलेक्टर सूरजपुर को भेजा था।
राजसात किए गए वाहन में दिनांक 30.01.2024 को रात्रि में वाहन चालक मालिक अरबाज अली पिता असगर अली उम्र 20 वर्ष ग्राम गुमला, हुसैननगर थाना व जिला गुमला झारखण्ड के द्वारा कृषि योग्य पशुओं को क्रूरतापूर्वक महेन्द्रा बोलेरो पिकअप वाहन में ठूस-ठूसकर भरकर रस्सी से बांधकर दिगर राज्य झारखण्ड ले जाते समय वाहन चालक द्वारा पिकअप को गड्ढा में धकेल दिया जिससे 3 मवेशी की मृत्यु हो गई शेष 7 मवेशी रात में ही जंगल की ओर चले गए, मृत मवेशियों का पीएम कराया गया। इस मामले थाना प्रेमनगर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए अपराध क्र. 21/24 धारा 429 भादवि, छ.ग. कृषक पशु परीरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) के तहत मामला पंजीबद्ध कर बिना नंबर महेन्द्र बोलेरो पिकअप वाहन को जप्त कर वाहन मालिक चालक अरबाज अली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
इस मामले में कलेक्टर सूरजपुर ने विधिवत् सुनवाई पूरी करते हुए पिकअप वाहन के राजसात का आदेश दिनांक 17.12.2025 को जारी किया है। अब इस वाहन की नीलामी कर प्राप्त राशि शासन के निर्धारित मद में जमा कराई जाएगी। यदि माननीय न्यायालय से कोई निर्देश प्राप्त होता है, तो आगे की कार्रवाई उसी के अनुरूप की जाएगी।
इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य पशु क्रूरता एवं अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। पशुओं के अवैध परिवहन में लिप्त व्यक्तियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।