सूरजपुर। पुलिस को अभी तक आपने अपराधियों की धरपकड़ करते हुए या फिर सुरक्षा ड्यूटी करते हुए देखा होगा। लेकिन अब पुलिस ने युवाओं को नशे से दूर रहने की समझाईश देते हुए गांव को नशा मुक्त करने का अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री रामकृष्ण साहू के निर्देश पर जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों ने अपने क्षेत्र के 2-2 गांव को गोद लिया है, पुलिस गोद लिए इन गांवों में नशा मुक्ति को लेकर अभियान छेड़ रखा है। बता दें कि इसी तारतम्य में विश्रामपुर पुलिस ने 2 गांव को गोद लिया है। इन गोद लिए गए गांवों में शिवनंदनपुर व करमपुर शामिल है। बुधवार, 16 नवम्बर को थाना विश्रामपुर पुलिस ने ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर के प्रांगण में चौपाल का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों व ग्रामवासियों से नशा मुक्ति के उपाय पर विस्तृत चर्चा कर गांव को नशा मुक्त बनाने को लेकर रणनीति बनाई गई। इस दौरान थाना प्रभारी के.डी.बनर्जी ने ग्रामीणों को नशा से दूर रहने की शपथ दिलाते हुए कहा कि एक स्वस्थ और ताकतवर आदमी नशे से हमेशा दूर रहता है और समाज के लिए भी अनेक कार्य करता है। नशे से ग्रसित व्यक्ति तनाव में रहने लग जाता है और मानसिक परेशानियां उसे घेर लेती हैं। इसलिए नशे से दूर रहना चाहिए। नशे से होने वाले हानियों के बारे में बताया और नशा से दूर रहने रहने की अपील की गई। इस दौरान ग्रामीणों के द्वारा गांव को नशा मुक्त बनाने पुलिस के इस अभियान में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। चौपाल में साईबर अपराध एवं उससे बचाव के तरीके बताए, महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा संबंधी कानून के बारे में अवगत कराया। सड़क दुर्घटना से बचाव के लिए यातायात नियमों का पालन करने कहा। इस दौरान ग्राम पंचायत शिवनंदनपुर सरपंच श्रीमती विमला देवी, पंच रामलाल सोनी सहित काफी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
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'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।