सोमवार, 23 मई 2022

पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने थाना-चौकी का किया औचक निरीक्षण, जिले के सीमाक्षेत्र का किया दौरा, सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर दिया जोर, अवैध कार्यो पर पैनी नजर रखने, सूचना पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश।


सूरजपुर। रविवार 22 मई 2022 को पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने थाना रामानुजनगर, प्रेमनगर व चौकी तारा का औचक निरीक्षण किया, दिगर जिला के सीमा क्षेत्र का दौरा कर प्रभारियों को सघन पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए। पुलिस जवानों की समस्याओं को जाना और त्वरित निराकरण भी किया। अवैध शराब, जुआ व मादक पदार्थ के बिक्री करने वाले अपराधियों, अवैध कारोबार करने वालों पर पैनी नजर रखते हुए प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने थाना-चौकी का निरीक्षण कर प्रभारियों से क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उन्हें एलर्ट रहकर तत्परतापूर्वक ड्यूटी करने, थाना में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को पूरी तनमयता के साथ सुनकर तत्परतापूर्वक तत्काल वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सीसीटीएनएस के कार्यो का जायजा लिया और ऑपरेटर आरक्षक से ऑनलाईन एफआईआर व अन्य डाटा एन्ट्री की जानकारी ली। प्रभारियों से लंबित अपराध, शिकायत की अद्यतन स्थिति पूछ जल्द निराकरण व पेंडेंसी कम करने सहित निकाल हेतु महत्वपूर्ण निर्देश दिए। महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्यवाही, क्षेत्र में कानून व शांति व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने हेतु सूचना तंत्र मजबूत करने, अपराधों एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने तथा रात्रि गश्त एवं पेट्रोलिंग सुदृढ़ करने की हिदायत दी। नवपदस्थ चौकी प्रभारी तारा उमेश सिंह से दिगर जिले की सीमा क्षेत्र की जानकारी लेते हुए जिले की सरहर्दी सीमा का दौरा किया और यातायात सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाने को कहा। पुलिस अधिकारी व जवानों को उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। थाना-चौकी के रिकार्ड व साफ-सफाई की स्थिति अच्छी देख प्रसन्नता व्यक्त की। औचक निरीक्षण के दौरान थानों में पदस्थ पुलिस जवानों से उनकी समस्या के बारे में पूछा और त्वरित निराकरण किया। इस दौरान थाना प्रभारी प्रेमनगर विपिन लकड़ा, एसआई मनी प्रसाद राजवाड़े, चौकी प्रभारी तारा उमेश सिंह व अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।