सूरजपुर। दिनांक 26.01.2022 को ग्राम बसदेई (भण्डारपारा) निवासी लाली सिंह ने चौकी बसदेई में रिपोर्ट दर्ज कराया कि गांव का भैयालाल 25 जनवरी को इसके घर आया और बोला कि घर वाले पैसा मांग कर झगड़ा करते है मैं तुम्हारे घर में रहूंगा। 26 जनवरी के शाम करीब 8.30 बजे भैयालाल का नाती सुनील इसके घर आया और भैयालाल को बोला कि मुझे उधारी पैसा वापस देना है बैंक से पैसा निकालकर दो कहते हुए गाली-गलौज कर डण्डा से सिर में प्राणघातक प्रहार कर उसकी हत्या कर दिया। रिपोर्ट पर चौकी बसदेई पुलिस के द्वारा मर्ग कायम कर अपराध क्रमांक 43/22 धारा 302, 460 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया। मामले की सूचना पर प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल ने घटना स्थल का बारीकी से मुआयना करते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर व एसडीओपी सूरजपुर गीता वाधवानी के मार्गदर्शन में चौकी बसदेई की पुलिस ने आरोपी सुनील सिंह को उसके गांव से पकड़ा। पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि पिता की मृत्यु बीमारी के कारण वर्ष 2021 हुआ जिनके उपचार के लिए 1 लाख रूपये उधार लिया था, इस वर्ष यह और इसके भाई ने मिलकर खेती किए थे और धान का पैसा बाबा के खाता में आया था उधार का पैसा पटाने के लिए कई बार पैसा मांगा तो बाबा देने से इंकार कर दिया जिस कारण आवेश में आकर बाबा भैयालाल को डण्डा से सिर में मारकर हत्या कर दिया। आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डण्डा जप्त कर आरोपी सुनील सिंह पिता स्व. राजेश सिंह उम्र 21 वर्ष को विधिवत् गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी बसदेई संजय सिंह, प्रधान आरक्षक राहुल गुप्ता, महेन्द्र यादव, थॉमस मिंज, आरक्षक देवदत्त दुबे, सुरेश साहू, गोरेश्वर, महेन्द्र प्रताप सिंह व अमरेश दुबे सक्रिय रहे।
CONTACT US ON FACEBOOK
'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।