मंगलवार, 24 नवंबर 2020

सूरजपुर पुलिस ने हत्या के फरार आरोपी को किया गिरफ्तार....


सूरजपुर: बीते 22 नवम्बर को ग्राम पलढ़ा चौकी खड़गवां निवासी सुखदेव सिंह ने चौकी खड़गवां में रिपोर्ट दर्ज कराया कि रविवार के शाम 5.30 बजे इसकी माॅ हीरामुनी जंगल से झाड़ू बहरा काटकर घर वापस आ रही थी जो रास्ते में डल्लू के घर के पास आरोपी सहोदर ने इसकी माॅ हीरामनी को जमीन विवाद की बात पर टांगी से संघातिक प्रहार कर हत्या कर भाग गया है रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 198/20 धारा 302 भादवि का पंजीबद्व किया गया। मामले की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश कुकरेजा ने चौकी प्रभारी खड़गवां को फरार आरोपी की पतासाजी कर जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। एसडीओपी प्रतापपुर पी.एस.महिलाने के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी खड़गवां विमलेश सिंह ने घटना के बाद से ही आरोपी के रहने के सभी संभावित स्थानों पर दबिश किन्तु रात्रि होने से आरोपी का कोई सुराग नहीं चला। 23 नवम्बर को मामले के आरोपी को गौरा जंगल में छिपे होने की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम ने गौरा जंगल से आरोपी सहोदर पिता राम शरण सिंह को घेराबंदी कर पकड़ा। आरोपी के मेमोरण्डम कथन के आधार पर हत्या में प्रयुक्त टांगी को जप्त कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
           इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी खड़गवां विमलेश सिंह, एएसआई बजरंगी लाल चैहान, प्रधान आरक्षक विशाल मिश्रा, विवेकानंद सिंह, आरक्षक अभय तिवारी, मिथलेश गुप्ता, कौशलेन्द्र सिंह, सैनिक रामनिवास, श्याम प्रकाश व विकास सिंह सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।