बुधवार, 4 नवंबर 2020

सूरजपुर पुलिस ने नाबालिक बालिका के अपहरण व अनाचार के मामले में 6 दिनों के भीतर पेश किया चालान.......

24 घंटे के भीतर आरोपियों को किया गया गिरफ्तार।

सूरजपुर: पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुकरेजा के निर्देशन में जिले की पुलिस ने बालिका व महिलाओं के विरूद्व होने वाले अपराधो में तत्परता के साथ जल्द से जल्द चालान पेश करने की मुहिम चला रखा है। इसी कड़ी में थाना सूरजपुर के द्वारा एक नाबालिक बालिका के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्यवाही कर 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए महज 6 दिनों के भीतर चालान पेश किया है। पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री डी.एम.अवस्थी के द्वारा पुलिस अधिकारियों को बालिका एवं महिलाओं के विरूद्व घटित होने वाले अपराधों में तत्काल कार्यवाही करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार कर जल्द चालान माननीय न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए थे।
           पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री राजेश कुकरेजा के द्वारा जिले के पुलिस अधिकारियों को बालिका एवं महिलाओं पर घटित हुए अपराधों को तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही एवं मामले की विवेचना शीघ्रता से पूर्ण कर चालान न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए थे ताकि पीड़ित को जल्द न्याय मिल सके।
मामला थाना सूरजपुर का है, जहां 05 अक्टूबर 2020 को एक नाबालिक लड़की जंगल में लकड़ी लेने गई थी जिसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहला फुसलाकर भगाकर ले गया था जिसकी रिपोर्ट थाने में 29 अक्टूबर को दर्ज कराई गई। मामले में अज्ञात के विरूद्व अपराध क्रमांक 443/20 धारा 363 भादवि के तहत् मामला दर्ज किया गया।
           प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी सूरजपुर धर्मानंद शुक्ला ने किया जो जांच के दौरान जानकारी मिली कि नाबालिक लड़की को आरोपी सुनील कसेर बहला फुसलाकर भगाकर ले गया था जहां उसके साथ अनाचार किया, इस घटना में उसकी बहन ने भी साथ दिया था, मामले में पृथक से धारा 366, 376(2-ढ), 376(2-झ), 34 भादवि व पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 17 जोड़ी जाकर दोनों को 30 अक्टूबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। जांच में पीड़िता का कथन महिला पुलिस अधिकारी से कराया गया, पीड़िता का माननीय न्यायालय में धारा 164 सीआरपीसी का बयान एवं सीडब्ल्यूसी सूरजपुर के समक्ष काउन्सलिंग कराया गया और मामले में महज 06 दिन के भीतर साक्ष्य संकलित करते हुए विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र तैयार कर 03 नवम्बर को चालान माननीय न्यायालय सूरजपुर में पेश कर दिया गया।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3
सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान से व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।