बुधवार, 29 मई 2019

भारत-पाकिस्तान बार्डर पर स्थित श्रीगंगानगर राजस्थान से 2 अपहृताओं को कोतवाली पुलिस टीम ने किया बरामद...


* मामले के 2 आरोपी गिरफ्तार, 1 आरोपी मण्डला जेल में है निरूद्ध
* अपहृता के घर लौटने पर परिजनों के चेहरे पर आई मुस्कान

सूरजपुर। गत् 20 मई को ग्राम भगवानपुर, थाना प्रेमनगर निवासी प्रार्थिया रामेश्वरी कुजूर पिता गोरेलाल ने थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि इसकी दो बहन 18 वर्षीय सोनिया एवं 17 वर्षीय बहन को 2 माह पूर्व ग्राम पलढा, थाना प्रतापपुर निवासी रामसेवक टोप्पो ने दिल्ली में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर प्रार्थियां एवं उसकी दोनों बहनों को दिल्ली लेकर गया जहां नान्हू एवं अशोक नाम के व्यक्तियों के घर ले गया जहां प्रार्थियां का स्वास्थ्य खराब होने से वह वापस आ गई वापस आते समय अपनी बहनों को भी लाना चाह रही थी किन्तु रामसेवक, नान्हू कुमार एवं अशोक के द्वारा ले जाने से मना कर दिया गया। कुछ दिन बाद 17 वर्षीय नाबालिग के द्वारा प्रार्थियां को फोन कर बताया गया कि सोनिया और मुझे बंधक बना लिए है वापस आने नहीं दे रहे है दुव्र्यवहार करते है जिस पर प्रार्थियां द्वारा रामसेवक टोप्पो को फोन से अपनी बहनों को वापस घर भेजने की बात बोली गई किन्तु उसके द्वारा उनकी बहनों को वापस नहीं भेजा गया। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 190/19 धारा 365, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री जी.एस.जायसवाल के द्वारा थाना सूरजपुर की पुलिस टीम को अपहृता की बरामदगी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु दिल्ली रवाना किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर एवं सीएसपी डी.के.सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम के द्वारा प्रकरण की प्रार्थिया जो पूर्व में दिल्ली जा चुकी थी उससे आरोपियों की जानकारी हासिल की एवं नए तकनीक की मदद् ली गई, पुलिस टीम दिल्ली पहुंचकर प्राप्त जानकारी के माध्यम से आरोपी रामसेवक टोप्पो को उसके निवास नेबसराय नई दिल्ली से हिरासत में लेकर पूछताछ किया जो रामसेवक बताया कि नान्हू कुमार का जीजा अशोक कुमार केंवट जिला जेल मण्डला मध्यप्रदेश में बंद है जिसके कहने पर नान्हू कुमार के द्वारा सोनिया एवं 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को श्रीगंगानगर राजस्थान लेकर गया है। इस पूरे घटनाक्रम की मानिटरिंग स्वयं पुलिस अधीक्षक सूरजपुर श्री जायसवाल के द्वारा किया जाता रहा।
हिरासत में लिये गए आरोपी रामसेवक टोप्पो को पुलिस टीम अपने साथ लेकर राजस्थान पहुंची। पुलिस टीम ने कार्यकुशलता व सूझबूझ से रामसेवक के निशानदेही व नई तकनीक की मदद् से भारत-पाकिस्तान बार्डर पर स्थित श्रीगंगानगर (राजस्थान) से 17 वर्षीय अपहृत बालिका एवं 18 वर्षीय अपहृत सोनिया को आरोपी नान्हू कुमार के कब्जे से बरामद किया गया। नान्हू कुमार से पूछताछ करने पर बताया कि वह बालिकाओं को कई स्थानों पर ले जाकर काम करवाता था और अपने साथ ही रखता है। पुलिस टीम ने मामले के दोनों अपहृताओं को बरामद एवं दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर सूरजपुर वापस आई। दोनों अपहृताओं को पुलिस ने बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनके परिजनों को सौंप दिया, जिससे परिजनों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ उठी। 
प्रकरण में आरोपी रामसेवक टोप्पो पिता रघुनाथ टोप्पो उम्र 23 वर्ष निवासी पलढ़ा, थाना प्रतापपुर एवं नान्हू कुमार पिता स्व. चौधरी कंवर उम्र 22 वर्ष निवासी सोहरपाथ, थाना नेतरहार जिला लातेहार झारखण्ड को अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत् गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में एक आरोपी अशोक कुमार केंवट पिता चलितर मुखिया उम्र 38 वर्ष निवासी इन्द्रा इनक्लेब नई दिल्ली जो थाना मोतीनाला जिला मण्डला मध्यप्रदेश में छेड़छाड़ एवं अपहरण के मामले में मण्डला जेल में निरूद्व है जिसका माननीय न्यायालय से प्रोडक्सन वारंट प्राप्त कर गिरफ्तारी की जाएगी।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सूरजपुर उमाशंकर सिंह, एसआई रश्मि सिंह, एएसआई कमलदास बनर्जी, आरक्षक लक्ष्मी नारायण मिर्रे, भीमेश आर्मो, साईबर सेल के युवराज व महिला आरक्षक बालकुमारी मिंज सक्रिय रहे।

'सायबर की पाठशाला' : सायबर जागरूकता अभियान कड़ी-3

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सायबर की पाठशाला में आज तीसरे पाठ में हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि एक सुरक्षित लिंक कैसा दिखता या होता है। धोखेबाज/अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए बैंको के नाम से मिलते जुलते नाम या अक्षरों का प्रयोग करके एक यूआरएल/URL बनाता है और उसे मोबाइल पर सीधे मैसेज के रूप में भेजता है इन लिंकनुमा URL पर क्लिक करते ही आप ठगी के शिकार हो जाते हैं। यदि लिंक में anydesk, mingle, teamviewer जैसे शब्द हैं तो आपके फोन को हैक करने का प्रयास हो रहा है, तुरंत मैसेज डिलिट करें। लिंक पर क्लिक बिलकुल न करें। अनजान व्यक्तियों से फोन पर ज्यादा बात न करें और न ही उन्हें किसी भी तरह की जानकारी दें चाहे कुछ भी हो जाए। तभी आप ठगी से बच पाएंगे। इस तरह के फर्जीवाड़ों पर और विस्तार से जानकारी के लिए इस श्रृंखला पर नजर बनाए रखें। पिछले पाठों को फिर से जानने के लिए/ पुनरावलोकन के लिए तस्वीर पर क्लिक करें या ऊपर के संबंधित टैब (सायबर की पाठशाला) पर क्लिक करें।